WWI कहानी के लिए डेविड डियोप को मिला अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार, बने पहले फ्रांसीसी विजेता

डेविड डीओप द्वारा लिखा गया उपन्यास प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के लिए लड़ने वाले सेनेगल के दो सैनिकों की कहानी कहता है. जब इनमें से एक सैनिक, मदेम्बा युद्ध में मारा जाता है तो दूसरा सैनिक, अल्फा कभी भी अधिक पागलपन और हिंसा में उतरता है.   

Created On: Jun 7, 2021 18:01 ISTModified On: Jun 7, 2021 18:06 IST

डेविड डीओप द्वारा लिखा गया उपन्यास प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के लिए लड़ने वाले सेनेगल के दो सैनिकों की कहानी कहता है. जब इनमें से एक सैनिक, मदेम्बा युद्ध में मारा जाता है तो दूसरा सैनिक, अल्फा कभी भी अधिक पागलपन और हिंसा में उतरता है.

फ्रांसीसी उपन्यासकार डेविड डियोप ने 02 जून, 2021 को अपने प्रथम विश्व युद्ध पर आधारित उपन्यास 'एट नाइट ऑल ब्लड इज ब्लैक' के साथ अंग्रेजी में अनुवादित पुस्तकों के लिए प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीत लिया है.

पेरिस में जन्मे लेखक एक समारोह में पुरस्कार के पहले फ्रांसीसी विजेता बने, जिसे सेंट्रल इंग्लैंड में कोवेंट्री कैथेड्रल से ऑनलाइन प्रसारित किया गया था. यह पुरस्कार अंग्रेजी में अनुवादित और यूनाइटेड किंगडम या आयरलैंड में प्रकाशित पुस्तक के लिए दिया जाता है.

डिओप की किताब अन्ना मोस्कोवाकिस के अनुवादक ने आधा 70,850 डॉलर (50,000 पाउंड) का पुरस्कार जीता है. यह अनुवादकों की प्रमुख भूमिका को मान्यता देता है.

कहानी में है जबरदस्त ताकत: पीठासीन जज

पीठासीन जज लुसी ह्यूजेस-हैलेट ने 'एट नाइट ऑल ब्लड इज ब्लैक' के बारे में बात करते हुए यह कहा है कि, युद्ध और प्यार और पागलपन की इस कहानी में जबरदस्त ताकत है. इसके तीखे गद्य और गूढ़ और शानदार दृष्टि ने सभी की भावनाओं को झकझोर कर रख दिया था.

'एट नाइट ऑल ब्लड इज ब्लैक': यह किताब किस बारे में है और इससे क्या प्रेरणा मिली?

डेविड डीओप द्वारा लिखा गया यह उपन्यास प्रथम विश्व युद्ध के दौरान फ्रांस के लिए लड़ने वाले सेनेगल के दो सैनिकों की कहानी कहता है. जब इनमें से एक सैनिक, मदेम्बा युद्ध में मारा जाता है तो दूसरा सैनिक, अल्फा कभी भी अधिक पागलपन और हिंसा करने पर उतारु हो जाता है.

पुस्तक के लेखक, डेविड डीओप, जो सेनेगल (अफ्रीका) में पले-बढ़े थे, इस तथ्य से प्रेरित थे कि, उनके सेनेगल के निवासी परदादा ने युद्ध में लड़ाई लड़ी थी, लेकिन उन्होंने अपने अनुभवों के बारे में कभी किसी के साथ बात नहीं की थी.

अनुवादक के काम को मिली पहचान

इस पुस्तक के अनुवादक, अन्ना मोस्कोवाकिस, जिन्होंने आधा पुरस्कार जीता है, ने यह कहा कि, उन्हें इस नवीनतम उपलब्धि से आश्चर्य हुआ है. उन्होंने आगे यह भी कहा कि, इससे उन लोगों की संख्या में और वृद्धि होगी जो इस पुस्तक को पढ़ेंगे, जिसका अनुवाद करने में सक्षम होने के लिए वे खुद को  भाग्यशाली मानती हैं.

डेविड डीओप कौन हैं?

वे एक फ्रांसीसी उपन्यासकार और अकादमिक हैं, जिनका जन्म वर्ष, 1966 में पेरिस में एक फ्रांसीसी मां और सेनेगल के पिता के घर हुआ था. डेविड ने अपना अधिकांश बचपन सेनेगल में बिताया और हाई स्कूल खत्म करने के बाद 18 साल की उम्र में फ्रांस लौट आए.

डीओप की पहली पुस्तक वर्ष, 2012 में प्रकाशित हुई थी. यह '1889, आई'अट्रैक्शन यूनिवर्सेल' नामक ऐतिहासिक कथा है.

अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के बारे में

अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार, जिसे पहले मैन बुकर अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के तौर पर जाना जाता था, वर्ष, 2005 से प्रदान किया जाता है, जब इसे अल्बानियाई लेखक इस्माइल कदरे ने पहली बार जीता था.

यह बुकर पुरस्कार के लिए एक बहन पुरस्कार है जो अंग्रेजी में लिखे गए उपन्यास को दिया जाता है जबकि अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार अनुवाद साहित्य के लिए एक पुरस्कार है.

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