जेफ बेजोस अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार, जानें सबकुछ

न्यू शेफर्ड अपने यात्रियों को ब्लू केरमेन लाइन तक का सफर करायेगा. यह लाइन धरती से लगभग 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इस लाइन को पृथ्वी के वातावरण और अंतरिक्ष के बीच बाउंड्री के रूप में जाना जाता है.

Created On: Jul 20, 2021 12:17 ISTModified On: Jul 20, 2021 12:27 IST

विश्व के सबसे अमीर व्यक्ति और अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस अंतरिक्ष में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं. जेफ बेजोस 20 जुलाई 2021 को अपनी कंपनी ब्लू ऑरिजिन के रॉकेट न्यू शेफर्ड के जरिये अंतरिक्ष का सफर करेंगे. न्यू शेफर्ड अपने यात्रियों को ब्लू केरमेन लाइन तक का सफर करायेगा. यह लाइन धरती से लगभग 100 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इस लाइन को पृथ्वी के वातावरण और अंतरिक्ष के बीच बाउंड्री के रूप में जाना जाता है.

न्यू शेफर्ड लगभग 11 मिनट तक उड़ान भरेगा. इस दौरान रॉकेट के अंदर की सारी गतिविधियों का सीधा प्रसारण किया जायेगा. इसके अतिरिक्त कंपनी इस उड़ान से संबंधी अपडेट पूरे दिन शेयर करेगी. सीधा प्रसारण आधिकारिक वेबसाइट blueorigin.com पर भारतीय समयानुसार शाम पांच बजे से उपलब्ध होगा. बेजोस के इस सफर में सबसे खास बात उनका राकेट है, जो पूरी से तरह से दोबारा प्रयोग किया जा सकेगा. निसंदेह यह अंतरिक्ष में जाने के सफर को सस्ता करेगा.

6.30 बजे अंतरिक्ष के लिए उड़ान

न्यू शेफर्ड रॉकेट भारतीय समयानुसार शाम को 6.30 बजे अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेगा. यह उड़ान मौसम और अन्य तकनीकी कारणों पर भी निर्भर रहेगी. न्यू शेफर्ड लगभग 11 मिनट तक उड़ान भरेगा. इस दौरान रॉकेट के अंदर की सारी गतिविधियों का सीधा प्रसारण किया जाएगा.

तीन और लोग भी होंगे शामिल

इस राकेट में जेफ बेजोस और उनके भाई मार्क के अलावा अंतरिक्ष में जाने के लिए सबसे उम्रदराज महिला 82 वर्षीय एविएटर वैली फंक और सबसे कम उम्र के 18 वर्षीय फिजिक्स के स्टूडेंट ओलिवर डेमेन साथ होंगे. फिलहाल उनकी टीम अंतरिक्ष में रवाना होने से पहले प्रशिक्षण के लिए ब्लू ओरिजन के 'एस्ट्रोनाट विलेज' में रुकी है.

20 जुलाई की तारीख की भी कहानी

जेफ बेजोस ने अंतरिक्ष में जाने के लिए 20 जुलाई की तारीख भी बहुत सोच समझकर तय की है. साल 1969 में इसी दिन इंसान ने पहली बार चांद पर कदम रखा था. अमेरिका का अपोलो-11 अंतरिक्ष यान नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्डि्रन को लेकर चांद पर पहुंचा था. ब्लू ओरिजन के राकेट का नाम भी अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमेरिकी एलन शेपर्ड के सम्मान में न्यू शेपर्ड रखा गया है. न्यू शेफर्ड रॉकेट और कैप्सूल का नाम 1961 के एस्ट्रोनॉट एलन शेफर्ड के नाम पर रखा गया है.

न्यू शेपर्ड राकेट वीटीवीएल तकनीक पर आधारित

ब्लू ओरिजन का न्यू शेपर्ड राकेट वीटीवीएल (वर्टिकल टेक-आफ वर्टिकल लैंडिंग) तकनीक पर काम करता है. इस तकनीक में राकेट जिस तरह ऊपर जाता है, ठीक उसी तरह से नियंत्रित और कम गति से नीचे की ओर आता है. इसमें लगा कंप्यूटर ही इस पूरे सफर को नियंत्रित करेगा.

15 बार ट्रायल फ्लाइट

जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन कंपनी ने द न्यू शेफर्ड की 15 बार ट्रायल फ्लाइट ली है. ये सारी फ्लाइट्स में से सिर्फ एक उड़ान आंशिक रूप से गड़बड़ हुई थी. जिसमें पैसेंजर कैप्सूल तो सुरक्षित उतरा था, लेकिन रॉकेट बूस्टर क्रैश कर गया था. इन सारे परीक्षणों में कैप्सूल के अंदर कोई इंसान नहीं बैठा था. यह पूरी तरह से मानव रहित उड़ानें थीं.

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