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कैलाश सत्यार्थी और किरण कुमार ‘संतोकबा ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड’ से सम्मानित

Jun 1, 2018 08:59 IST

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 30 मई 2018 को नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और इसरो के पूर्व अध्यक्ष ए एस किरण कुमार को ‘संतोकबा ह्यूमैनेटेरियन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया. इसके तहत दोनों को एक-एक करोड़ रुपए की राशि और ट्रॉफी प्रदान की गई.

    यह समारोह सूरत के संजीव कुमार आडीटोरियम में आयोजित किया गया. इस समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अलावा गुजरात के राज्यपाल ओपी कोहली और मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी उपस्थिति थे.

    पुरस्कार प्राप्त करने पर, कैलाश सत्यार्थी ने घोषणा की कि वह बच्चों के कल्याण के लिए सुरक्षित बचपन फंड को धन दान करेंगे. जबकि, एएस किरण कुमार ने अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अनुसंधान और विकास कार्यों के लिए पुरस्कार राशि समर्पित करने की घोषणा की.

                                                                कैलाश सत्यार्थी के बारे में

    कैलाश सत्यार्थी का जन्म 11 जनवरी 1954 को मध्य प्रदेश में हुआ था.

    वे पेशे से वैद्युत इंजीनियर हैं किन्तु उन्होने 26 वर्ष की उम्र में ही करियर छोड़कर बच्चों के लिए काम करना शुरू कर दिया था.

    कैलाश सत्यार्थी के कार्यों के कारण ही वर्ष 1999 में अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ द्वारा बाल श्रम की निकृष्टतम श्रेणियों पर संधि सं॰ 182 को अंगीकृत किया गया, जो अब दुनियाभर की सरकारों के लिए इस क्षेत्र में एक प्रमुख मार्गनिर्देशक है.

    उन्हें वर्ष 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

    उन्होंने वर्ष 1980 में ‘बचपन बचाओ’ आन्दोलन की स्थापना की जिसके बाद से वे विश्व भर के 144 देशों के 83,000 से अधिक बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर चुके हैं.

     

                                                               ए एस किरण कुमार के बारे में

    ए एस किरण कुमार भारत के एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक हैं तथा वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

    इससे पू्र्व वे अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, अहमदाबाद के निदेशक थे.

    किरण कुमार ने वर्ष 1975 में इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र से अपने करियर की शुरूआत की थी.

    वे बाद में इस केंद्र के एसोसिएट डायरेक्टर और मार्च 2012 में अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक बने.

    किरण कुमार ने मंगल ग्रह की ओर भेजे गए मार्स आर्बिटर अंतरिक्ष यान के साथ साथ इसे मंगल की कक्षा में स्थापित करने के मामले में सफलतापूर्वक रणनीतियां बनाई.

    उन्होंने भूमि, महासागर, वातावरण और ग्रह से जुड़े अध्ययनों में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

    किरण कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन, पृथ्वी निगरानी उपग्रह समिति और नागरिक अंतरिक्ष सहयोग पर भारत-अमरीका संयुक्त कार्यकारी समूह जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों में इसरो का प्रतिनिधित्व किया.

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