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मूव: भारत का पहला विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन 2018 आरंभ

Aug 31, 2018 13:03 IST

    नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने 31 अगस्त से 06 सितंबर, 2018 तक चलने वाले “मोबिलिटी-वीक” के मद्देनज़र आयोजनों की एक श्रृंखला का आज सूत्रपात किया.

    ‘मूव’ भारत के प्रथम विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन-2018 के संबंध में है, जिसका आयोजन विज्ञान भवन में 07 और 08 सितंबर, 2018 को होगा. इस दौरान मोबिलिटी परिदृश्य, भावी संभावनाओं तथा अवसरों एवं चुनौतियों से निपटने के लिए देश की तैयारी का जायजा लिया जाएगा.

    मोबिलिटी-वीक के बारे में

    •    मोबिलिटी-वीक के तहत 31 अगस्त से 06 सितंबर, 2018 तक 17 आयोजन होंगे. इन आयोजनों में मोबिलिटी क्षेत्र के विभिन्न हितधारकों के साथ चर्चा का अवसर मिलेगा.

    •    प्रतिभागियों में विश्व और भारत के मोबिलिटी क्षेत्र के दिग्गज शामिल हैं. इनमें ओईएम, बैटरी निर्माता, चार्जिंग अवसंरचना प्रदाता, प्रौद्योगिकी सॉल्यूशन प्रदाता, भारत सरकार और विदेशों के प्रतिनिधि, विभिन्न अंतर-सरकारी संगठन, अकादमिक जगत और पॉलिसी थिंक-टैंक शामिल हैं.

    •    इसके तहत सड़क यातायात एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा एक कार्याशाला का आयोजन किया जाएगा. इस आयोजन में सार्वजनिक यातायात, साझा मोबिलिटी और संपर्कता के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी.

    •    इसके अलावा नीति आयोग के साथ मिलकर भारतीय रेल एक संगोष्ठी का आयोजन करेगी, जिसका विषय ‘भारतीय रेल में ई-मोबिलिटी’ है. इसका उद्देश्य परियोजना विकास कर्ताओं और अन्य हितधारकों को एक साझा मंच पर लाना है, ताकि भारतीय रेल को प्रभावशाली, हरित और सर्व सुलभ यातायात बनाया जा सके.

    मूव: विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन के बारे में

    प्रौद्योगिकी लागत और व्यापार आधारित इनोवेशन के मद्देनज़र दुनिया में नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत वाहनों की तरफ झुकाव बढ़ता जा रहा है. इस पृष्ठभूमि में विभिन्न मंत्रालयों और उद्योग साझेदारों के सहयोग से नीति आयोग नई दिल्ली में 07 और 08 सितंबर, 2018 को ‘मूव : विश्व मोबिलिटी शिखर सम्मेलन’ का आयोजन कर रहा है. इस शिखर सम्मेलन में तीन बिन्दु होंगे – सम्मेलन, डिजिटल प्रदर्शनी और विशेष आयोजन. इससे वाहनों के विद्युतीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा और रोजगार विकास के लिए सरकार के उद्देश्य को पूरा करने में मदद मिलेगी तथा स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था की दिशा में भारत के कदम तेजी से बढ़ेंगे. यह अपने तरह का यह पहला शिखर सम्मेलन है, जिसमें पूरे विश्व से 1200 प्रतिभागियों के शामिल होने की आशा है.


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