नासा ने कन्या नक्षत्र में 'लॉस्ट गैलेक्सी' के लिए चित्र

लॉस्ट गैलेक्सी जिसे 'NGC 4535' के नाम से भी जाना जाता है, कन्या/ वर्गो क्लस्टर में स्थित 2000 या इससे अधिक आकाशगंगाओं में से सबसे बड़ी आकाशगंगाओं में से एक है और पृथ्वी से लगभग 50 मिलियन प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है.

Created On: Jan 29, 2021 17:23 ISTModified On: Jan 29, 2021 17:24 IST

नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन - नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कन्या नक्षत्र में 'लॉस्ट गैलेक्सी' की आश्चर्यजनक छवि खींची है.

लॉस्ट गैलेक्सी जिसे 'NGC 4535' के नाम से भी जाना जाता है, कन्या/ वर्गो क्लस्टर में स्थित 2000 या इससे अधिक आकाशगंगाओं में से सबसे बड़ी आकाशगंगाओं में से एक है और पृथ्वी से लगभग 50 मिलियन प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है. इन छवियों को नासा द्वारा 38 सर्पिल आकाशगंगाओं के बारे में जारी किये गये सर्वेक्षण के एक भाग के तौर पर जारी किया गया है जो पृथ्वी से 75 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी-सीमा के भीतर स्थित हैं.

नासा के अनुसार, वर्तमान समय में, ‘लॉस्ट गैलेक्सी/ आकाशगंगा’ को खोजना, विशेष रूप से हबल जैसी फ्लोटिंग ऑब्जर्वेटरीज़ के लिए, मुश्किल नहीं है. इस आकाशगंगा की लंबी और विशाल भुजाएं इसे सर्पिल आकाशगंगाओं की संरचना का अध्ययन करने के लिए एक प्रमुख उम्मीदवार बनाती हैं.

लॉस्ट गैलेक्सी: यह कैसे पाया गया?

1950 के दशक में, एक शौकिया खगोल विज्ञानी, लेलैंड एस. कोपलैंड ने जब पहली बार कन्या नक्षत्र में दूर की आकाशगंगा पर अपना दूरबीन लेंस फोकस किया, तो उन्हें धूल में डूबा एक भयानक सर्पिल आकार दिखा. एक पेशेवर कवि के तौर पर, उन्होंने इस सर्पिल आकाशगंगा का नाम ’द लॉस्ट गैलेक्सी’ रखा, एक ऐसा नाम जो 70 साल बाद भी मौजूद है.

'मिल्की वे' और 'द लॉस्ट गैलेक्सी' के बीच समानता

हबल टेलीस्कोप द्वारा खींची गई ये छवियां धुंध दिखाती हैं, जिसने कोपलैंड की लॉस्ट गैलेक्सी को ढक दिया, सितारों के एक आश्चर्यजनक चमकदार समुद्र को प्रकट करने के लिए गायब हो गया जो 'मिल्की वे' से बहुत अलग नहीं है.

हमारी अपनी 'मिल्की वे' की तरह, 'लॉस्ट गैलेक्सी' एक वर्जित सर्पिल आकाशगंगा है. यह अपने केंद्र में एक अलग बार संरचना के साथ सितारों का एक विशाल भंवर/ स्विर्ल है. नासा के अनुसार, उन तारों के रंग इस आकाशगंगा के इतिहास के बारे में थोड़ी जानकारी दे सकते हैं.

लॉस्ट गैलेक्सी के बारे में इसके तारों का रंग क्या दर्शाता है?

नासा के प्रतिनिधियों के मुताबिक, लॉस्ट गैलेक्सी के केंद्रीय उभार की पीली चमक सितारों के सबसे पुराने और सबसे ठंडे समूह के बारे में बताती है.

दूसरी ओर, चमकीले रंग लॉस्ट गैलेक्सी की सर्पिल बाहों में एक साथ स्थित गुच्छे हैं, जहां इसके सबसे छोटे, सबसे गर्म तारे एकत्रित होते हैं, जो अपने आस-पास धूल और गैस को प्रकाशित करते हैं.

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Post Comment

5 + 9 =
Post

Comments

    Whatsapp IconGet Updates

    Just Now