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एनजीटी ने हरिद्वार, ऋषिकेश में प्लास्टिक की वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया

Dec 15, 2017 16:15 IST
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 15 दिसम्बर 2017 को हरिद्वार, ऋषिकेश से उत्तरकाशी जिले के ऊपरी क्षेत्रों में गंगा नदी के पास प्लास्टिक के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया है. एनजीटी के द्वारा  गंगा की स्वच्छता को लेकर यह बड़ा फैसला है.

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तरकाशी तक इस तरह की चीजों की बिक्री, विनिर्माण और भंडारण पर भी रोक लगा दी. एनजीटी ने फैसले में कहा है कि अगर कोई आदेश की अनदेखी कर उसका उल्लंघन करता है तो उस पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. एनजीटी ने गंगा की स्वच्छता और पवित्रता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया है.

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एनजीटी ने यह उल्लेख करने के बाद आदेश पारित किया कि इसके पूर्व के आदेश के बावजूद इन क्षेत्रों में प्लास्टिक की थैलियों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे गंगा नदी में प्रदूषण हो रहा है. हरित इकाई पर्यावरणविद एमसी मेहता की याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

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इससे पहले एनजीटी ने अमरनाथ गुफा को शांत क्षेत्र घोषित करते हुए एक निश्चित सीमा से आगे जयकारे लगाने पर रोक लगा दी थी. एनजीटी ने दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा श्राइन की पर्यावरण-संवेदनशीलता को बनाये रखने के लिए इसे मौन क्षेत्र घोषित कर दिया और प्रवेश बिंदु से आगे धार्मिक रस्मों पर पाबंदी लगा दी.

दिल्ली में प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध:

एनजीटी ने वर्ष 2016 में 01 जनवरी 2017 से प्रभावी अपने आदेश में दिल्ली और एनसीआर में डिस्पोजेबल किस्म के प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया था और दिल्ली सरकार को फेंके गए कचरे को कम करने के संबंध में कदम उठाने का निर्देश दिया था.

एनजीटी ने 31 जुलाई 2017 को निषेध के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में प्लास्टिक के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर दिल्ली सरकार की आलोचना की. एनजीटी ने अगस्त 2017 में दिल्ली में 50 माइक्रोन से भी कम मोटाई वाले अक्षरणीय प्लास्टिक की थैलियों के इस्तेमाल पर अंतरिम प्रतिबंध लगाया था.

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