Search

एनजीटी ने कुल्लू मनाली के होटलों की जांच हेतु समिति का गठन किया

Dec 8, 2017 13:35 IST
1

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू एवं मनाली शहरों में 1700 से अधिक होटलों, लॉज और ठहरने के स्थानों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया. ये शहर अपनी मनोहर प्राकृतिक छटा के लिए मशहूर है.

इस समिति में हिमाचल राज्य पर्यटन विभाग तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अलावा शिमला के इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन स्टडीज के वैज्ञानिक, कुल्लू और मनाली के एसडीएम और आबकारी विभाग के प्रतिनिधि शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: दिल्ली सरकार दस साल पुरानी डीजल टैक्सियों को जब्त करें: एनजीटी

एनजीटी को संयुक्त जांच शुरू करने का निर्देश देते हुए जल स्रोत, ठोस अपशिष्ट पदाथरें के प्रबंधन, मल-जल शोधन संयंत्र, बिजली के स्रोत आदि के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है.

समिति का कार्य:

•    समिति अगले सप्ताह सोमवार से सभी होटलों, लाज तथ पर्यटकों को भुगतान के एवज में ठहरने की जगह उपलब्ध कराने वाले घरों का निरीक्षण करेगी. लेकिन वे सबसे पहले ऐसे होटलों की जांच की करेगें जिनमें 25 से ज्यादा कमरे हैं. भले वे किसी भी श्रेणी के हों.

CA eBook

•    अगर कोई भी प्रथम श्रेणी होटल, लॉज, ठहरने का स्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के बिना संचालन करता या वन क्षेत्र में स्थित पाया जाता है तो उसे तुरंत बंद करने और सभी अधिकारियों द्वारा विपंजीकृत करने का आदेश दिया जाएगा.

•    समिति पर्यावरण संरक्षण की सिफारिशों के साथ हिमाचल प्रदेश सरकार को रिपोर्ट जमा करेगी, साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगी कि ये भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा संभावित क्षेत्र में तो नहीं हैं.

एनजीटी के बारे में:

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण अधिनियम, 2010 द्वारा भारत में एक राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की स्थापना की गई. इस अधिनियम के तहत पर्यावरण से संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन एवं व्यक्तियों और संपत्ति के नुकसान के लिए सहायता और क्षतिपूर्ति देने या उससे संबंधित या उससे जुड़े मामलों सहित, पर्यावरण संरक्षण एवं वनों तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों के प्रभावी और त्वरित निपटारे के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना की गयी.

एनजीटी ने दिल्ली के 4 रेलवे स्‍टेशनों पर 1-1 लाख जुर्माना लगाया