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मोदी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव गिरा

Jul 21, 2018 11:48 IST
    अविश्वास प्रस्ताव का चर्चित घटनाक्रम
    अविश्वास प्रस्ताव का चर्चित घटनाक्रम

    संसद में विपक्ष की तरफ से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव में सरकार साफ़ तरीके से सफल रही तथा अविश्वास प्रस्ताव गिर गया. प्रस्ताव के लिए कुल 451 वोट डाले गए जिसमें से इस प्रस्ताव के पक्ष में सिर्फ 126 वोट पड़े जबकि विरोध में 325 वोट.

    टीडीपी सांसद की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मंजूर किया था, जिसके बाद चर्चा के लिए 20 जुलाई 2018 का दिन तय हुआ था. विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 11 घंटों की लंबी बहस चली. लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई.

    विपक्ष के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 11 घंटों की लंबी बहस चली. लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई थी. इस अविश्वास प्रस्ताव को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और माकपा के 50 सदस्यों का समर्थन प्राप्त था.

    चर्चित घटनाक्रम

    लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राफेल विमान समेत कई मुद्दों पर लगातार तीखे हमलों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी सीट से प्रधानमंत्री के पास गए और उन्हें गले लगा लिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के इस सौहार्द पूर्ण भाव ने सत्ता पक्ष के सदस्यों को भी चकित कर दिया. तुरंत खुद को संभालते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राहुल गांधी को बुलाया और हाथ मिलाने के साथ-साथ उनकी पीठ थपथपाई.



    अंतिम बार कब आया था अविश्वास प्रस्ताव?

    आखिरी बार अविश्वास प्रस्ताव 2003 में सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली तत्कालीन एनडीए सरकार के खिलाफ पेश किया था. यह अविश्वास प्रस्ताव भी गिर गया था क्योंकि सरकार के पक्ष में 325 वोट पड़े थे और खिलाफ 212 वोट.

    भारतीय राजनीति में अविश्वास प्रस्ताव

    •    भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुरी शास्त्री के खिलाफ तीन बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था. पहला 1964 में और 1965 के दौरान दो अविश्वास प्रस्ताव लाए गए थे.

    •    1987 में राजीव गांधी सरकार के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था लेकिन ध्वनि मत से उस प्रस्ताव को हरा दिया गया था. पी.वी.नरसिम्हा राव के कार्यकाल में तीन बार प्रस्ताव पेश किया गया.

    •    अब तक लोकसभा में 13 बार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई है जिनमें प्रधानमंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है.

    •    अब तक सिर्फ तीन बार, 1990 में वी.पी. सिंह सरकार, 1997 में एच.डी. देवेगौड़ा सरकार और 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया और सरकार गिर गई.

     

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