राजस्थान में एनटीपीसी ने छाबरा तापीय बिजली संयंत्र के अधिग्रहण हेतु समझौता किया

समझौता के तहत राजस्थान विद्युत उत्पादन कंपनी के छाबरा बिजलीघर की यूनिट्स का संचालन अब एनटीपीसी द्वारा किया जाएगा.

Created On: Jan 13, 2017 11:03 ISTModified On: Jan 13, 2017 10:54 IST

सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत् उत्पादन कम्पनी एनटीपीसी ने राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि. तथा राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लि. के साथ छाबरा तापीय बिजली संयंत्र के अधिग्रहण हेतु गैर-बाध्यकारी समझौता किया है.

समझौता के तहत राजस्थान विद्युत उत्पादन कंपनी के छाबरा बिजलीघर की यूनिट्स का संचालन अब एनटीपीसी द्वारा किया जाएगा. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की उपस्थिति में बुधवार को इसको लेकर एनटीपीसी, राजस्थान बिजली उत्पादन कंपनी (आरवीयूएनएल) राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.

त्रिपक्षीय एमओयू पर एनटीपीसी की तरफ से निदेशक (कॉमर्शियल) एके गुप्ता, राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी एनके कोठारी और राजस्थान ऊर्जा विकास निगम की तरफ से एमडी बन्नालाल ने हस्ताक्षर किए. वर्तमान में एनटीपीसी का शेयर 2.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 169.15 रुपये पर कारोबार कर रहा है.

इस मामले में विद्युत उत्पादन कम्पनी एनटीपीसी ने बंबई शेयर बाजार को सूचना दी है. मुम्बई शेयर बाजार को भेजे गए पत्र के अनुसार एनटीपीसी ने राजस्थान ऊर्जा विकास निगम के छाबरा तापीय बिजली संयंत्र-1 (250 मेगावाट गुना चार) तथा चरण-दो (दो गुना 660 मेगावाट) को संचालन हेतु राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि. और राजस्थान उर्जा विकास निगम लि. के साथ गैर-बाध्यकारी समझौता किया है.

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मुख्य तथ्य-

  • समझौता के तहत प्रथम चरण में छाबरा थर्मल पावर स्टेशन की 250-250 मेगावाट क्षमता की चार यूनिट एनटीपीसी को हस्तांतरित की जाएंगी.
  • दूसरे चरण में निर्माणाधीन 660-660 मेगावाट क्षमता की दो विद्युत् इकाइयों को बिजली का कॉमर्शियल उत्पादन आरम्भ होने के बाद एनटीपीसी को हस्तांतरित कर दिया जाएगा.
  • छाबरा पावर हाउस की विद्युत् इकाइयों को एनटीपीसी को ट्रांसफर करने के बाद राजस्थान राज्य सरकार को वर्तमान आंकलन के आधार पर इक्विटी प्राप्त होगी.
  • अनुमान यह भी है कि छाबरा तापीय विद्युत गृह से राज्य सरकार को होने वाला घाटा भी रुक जाएगा.
  • राजस्थान राज्य सरकार की कर्ज देनदारी में भी कमी आने की संभावना है.
  • बिजली उत्पादन कंपनी के अधिकारियों के अनुसार एनटीपीसी की उन्नत तकनीक से कम कोयले में बिजली उत्पादित की जा सकेगी.
  • इससे उत्पादन लागत भी कम होगी. जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकेगा.
  • राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि. के अनुसार एनटीपीसी की उन्नत तकनीक एवं विशेषज्ञता का लाभ प्रदेश में संचालित अन्य संयंत्रों की कार्य प्रणाली के सुधार में भी लिय जा सकेगा.

कर्मचारियों की स्थिति-

  • छाबरा थर्मल स्टेशन के कर्मचारियों को उनकी इच्छा पर एनटीपीसी में समायोजन का विकल्प प्रदान किया जाएगा.

छाबरा थर्मल पावर हाउस के बारे में-

  • छाबरा थर्मल पावर प्लांट राजस्थान में मोतीपुरा गांव के पास स्थित है.
  • इसमें 250-250 मेगावाट की चार इकाइयों से कुल 1000 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है.
  • साथ ही सुपर क्रिटिकल विद्युत इकाइयों में 660-660 मेगावाट की पांचवीं छठीं इकाई निर्माणाधीन हैं.

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