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न्यूक्लियर एनर्जी कॉन्क्लेव 2019 का आयोजन किया गया

न्यूक्लियर एनर्जी कॉन्क्लेव 2019 का विषय था - न्यूक्लियर एनर्जी के लिए अर्थव्यवस्था - सुरक्षित और लागत प्रभावी प्रौद्योगिकियों की दिशा में नवाचार.

Oct 21, 2019 10:33 IST
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इंडिया एनर्जी फोरम ने नई दिल्ली में न्यूक्लियर एनर्जी कॉन्क्लेव-2019 (एनईसी) का आयोजन किया. इस सम्मेलन का विषय था – न्यूक्लियर एनर्जी के लिए अर्थव्यवस्था - सुरक्षित और लागत प्रभावी प्रौद्योगिकियों की दिशा में नवाचार.

परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि भारत में विभिन्न परमाणु संयंत्रों की स्थापना की जा रही है. पहले, परमाणु संयंत्रों को केवल दक्षिणी भारत में स्थापित किया जाता था, लेकिन अब हरियाणा के गोरखपुर में एक परमाणु संयंत्र स्थापित किया जा रहा है.

मुख्य बातें
• परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि परमाणु ऊर्जा के अनुप्रयोग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हाल ही में नई दिल्ली में परमाणु ऊर्जा हॉल खोला गया है.
• सम्मेलन के दौरान इस पर भी प्रकाश डाला गया कि देश में लाइट वाटर रिएक्टर और फास्ट ब्रीडर रिएक्टर भी लगाये गये हैं.
• यह बताया गया कि लाइट वॉटर रिएक्टर वे विद्युत रिएक्टर हैं जिन्हें साधारण पानी से संचालित और ठंडा किया जाता है.
• रिएक्टरों के दो बुनियादी प्रकार हैं - उबलते पानी के रिएक्टर और दबाव वाले पानी के रिएक्टर.
• यह भी बताया गया कि भारत बा आयातित यूरेनियम तक पहुंच बना सकता है जो हमें परमाणु कार्यक्रम का आकार बढ़ाने में मदद करेगा.

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इंडिया एनर्जी फोरम क्या है?
इसकी स्थापना 2001 में भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को समझने और उसे विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी. मौजूदा समय में इसे भारत के सम्पूर्ण ऊर्जा क्षेत्र के प्रवक्ता का विशेष दर्जा प्राप्त हो चुका है. कई सार्वजनिक और निजी परमाणु संगठन जिसमें तेल और गैस संगठन, अक्षय ऊर्जा संगठन भारत ऊर्जा मंच के सदस्य शामिल हैं. उनमें से कुछ हैं - एनएचपीसी, एनटीपीसी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, ओएनजीसी, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन अन्य.

भारत का न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम
डॉ. होमी जहांगीर भाभा ने आज़ादी के समय भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की शुरुआत की थी. यह देश को विश्वसनीय और सुरक्षित बिजली प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक वृहद कार्य्रकम था. इसकी स्थापना के समय यह कहा गया था कि भारत की सामाजिक और आर्थिक वृद्धि को विश्वसनीय विद्युत शक्ति के साथ एक नई गति दी जा सकती है. भारत ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन की तीन चरण की रणनीति अपनाई है – प्रेशराईज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर (PHWR), फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (FBR) और थोरियम बेस्ड रिएक्टर.

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