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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा: 10 मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी रूस में ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम (ईईएफ) में हिस्सा लेंगे. यहां प्रधानमंत्री रूसी व्यापारिक घरानों को भारत में निवेश करने के लिए अपील करेंगे.

Sep 4, 2019 12:21 IST
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भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के दो दिवसीय दौरे पर रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंच चुके हैं. यहां प्रधानमंत्री मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि यह न केवल सामरिक बल्कि व्यापारिक दृष्टि से भी अहम दौरा है.

प्रधानमंत्री मोदी यहां पर ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम (ईईएफ) में हिस्सा लेंगे. यहां प्रधानमंत्री रूसी व्यापारिक घरानों को भारत में निवेश करने के लिए अपील करेंगे. भारत-रूस की द्विपक्षीय वार्ता में भारत-रूस के बीच असैनिक परमाणु सहयोग को बढ़ाने पर विचार हो सकता है.

प्रमुख बिंदु

1. प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि रूस के पूर्वी हिस्से में जाने वाले पीएम मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.
2. प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन व्लादिवोस्तोक में होने वाली अंतरराष्ट्रीय जूडो चैंपियनशिप देखने जायेंगे. इस प्रतियोगिता में भारत के छह खिलाड़ी भाग ले रहे हैं.
3. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों जैसे – उर्जा, कोयला एवं खदान आदि में समझौते हो सकते हैं.
4. प्रधानमंत्री मोदी रूस के ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (ईईएफ) में शामिल होने वाले अन्य देशों के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता भी कर सकते हैं. इस सम्मेलन में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद और मंगोलिया के राष्ट्रपति खाल्तमागिन बत्तुलगा आदि भी शामिल होंगे.
5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ गले-मिलकर गर्मजोशी से मुलाकात की. इसके बाद वे ज्वेज्दा शिप बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स गये जहां उन्होंने प्रदर्शनी भी देखी. यह रूस का सबसे बड़ा पोतनिर्माण परिसर है.
6. चेन्नई को व्लादिवोस्तोक से जोड़ने वाला एक समुद्री मार्ग खोलने की संभावना भी तलाश की जाएगी क्योंकि यह यूरोप के साथ-साथ आर्कटिक मार्ग से भी जुड़ सकता है. भारत द्वारा रूस को कुशल श्रमशक्ति प्रदान करने की संभावना तलाशने के अलावा कृषि क्षेत्र में सहयोग भी उपलब्ध करा सकता है.
7. व्लादिवोस्तोक में प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में सहयोग चर्चा का एक प्रमुख केंद्र होगा. दोनों पक्ष खोज और अन्वेषण, तेल और गैस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं के लिए निर्मित पांच वर्षीय रोडमैप 2019-2024 को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी विचार करेंगे.
8. शिखर वार्ता में, दोनों नेताओं द्वारा कई प्रमुख क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करने की उम्मीद की है, जिनमें अफगान शांति प्रक्रिया और खाड़ी क्षेत्र में स्थिति शामिल है.
9. दोनों पक्षों द्वारा बहुपक्षीय संगठनों के साथ मिलकर काम करने को लेकर भी नई संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है जैसे – शंघाई सहयोग संगठन, ब्रिक्स आदि.
10. अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के लिए रूस से सहायता प्राप्त हो सकती है जिसमें भारत के मानव मिशन गगनयान में भी रूस सहयोग मिलने की प्रबल संभावना है. रूस भारत के अंतरिक्ष यात्रियों को इस दिशा में प्रशिक्षण देने में मदद करेगा.

भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी जानकारी में कहा है कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ 20वें भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (ईईएफ) में विकास करने का अथाह साम‌र्थ्य है. इस मंच से भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का अवसर हासिल होगा.

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