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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की साइप्रस यात्रा: प्रमुख तथ्य

Sep 4, 2018 12:02 IST

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 02 सितंबर 2018 को आठ दिवसीय विदेश यात्रा के लिए रवाना हुए. राष्ट्रपति सबसे पहले साइप्रस और फिर बुल्गारिया और चेक रिपब्लिक का दौरा करेंगे.

    इस यात्रा के पहले चरण में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद साइप्रस पहुंचे. राष्ट्रपति अपनी पत्नी के साथ लारनाका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे. इस दौरान साइप्रस के ऊर्जा, वाणिज्य, उद्योग और पर्यटन मंत्री जॉर्जियस लक्कोत्रीपिस ने उनका स्वागत किया.

    मनी लॉंडरिंग का मुकाबला करने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और साइप्रस वित्तीय यूनिट के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. यह समझौता निवेश पार-प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए संस्थागत ढांचे को और मजबूत करेगा. पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.

    इसके अतिरिक्त, भारत और साइप्रस ने आईटी, पर्यटन, शिपिंग तथा नवीकरणीय उर्जा के क्षेत्र में समझौते किये गये.

    नोट

    यूरोपीय देशों के साथ भारत के उच्चस्तरीय कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए राष्ट्रपति कोविंद की तीन देशों की यात्रा के दौरान समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. साइप्रस के अलावा, कोविंद बुल्गारिया और चेक गणराज्य का दौरा करेंगे. यह उनके कार्यकाल के दूसरे वर्ष में उनकी पहली राजकीय विदेश यात्रा है.



    साइप्रस द्वारा सुरक्षा परिषद में भारत को समर्थन देने पर सहमति

    साइप्रस ने 03 सितंबर 2018 को परमाणु सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) की सदस्यता के लिए भारत को समर्थन देने के लिए सहमति व्यक्त की. साइप्रस ने सुरक्षा परिषद में भारत को स्थाई सदस्यता देने पर भी सहमति जताई.  

    साइप्रस डीटीएए को संशोधित करने के लिए सहमत

    भारत और साइप्रस 2016 में भारत और साइप्रस के बीच हस्ताक्षर किए गए डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (डीटीएए) को संशोधित करने के लिए भी सहमत हुए ताकि निवेश पार प्रवाह में और वृद्धि हो सके.

    साइप्रस को आईएसए में शामिल होने के लिए आमंत्रण

    रामनाथ कोविंद ने स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए साइप्रस को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया.

    भारत-साइप्रस द्विपक्षीय संबंध

    •    भारत और साइप्रस लम्बे समय से सौहार्दपूर्ण संबंध साझा कर रहे हैं. भारत ने लगातार साइप्रस की संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है. इसी प्रकार, साइप्रस ने भी विभिन्न मुद्दों पर भारत का समर्थन किया है जिसमें यूएनएससी में स्थायी सीट के लिए भारत के दावे का समर्थन शामिल है.

    •    विभिन्न अवसरों पर भारत ने साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत भाग लिया है. वर्ष 1964 में इसके गठन से लेकर अब तक भारत के तीन सैन्य अधिकारी संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के कमांडर रह चुके हैं.

    •    भारत के पूर्व राष्ट्रपति वीवी गिरी जुलाई 1972 में साइप्रस की यात्रा करने वाले भारत के पहले राष्ट्रपति थे.

    •    रामनाथ कोविंद से पूर्व अक्टूबर 2009 में भारत की पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने साइप्रस की राजकीय यात्रा की थी.


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