महाराष्ट्र में लगा राष्ट्रपति शासन, जाने महाराष्ट्र में कब-कब लगा राष्ट्रपति शासन

भारत के अलग-अलग राज्यों में अब तक लगभग 125 बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है. अनुच्छेद 356 के मुताबिक राष्ट्रपति किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं अगर वे इस बात से संतुष्ट हों कि राज्य सरकार संविधान के मुताबिक काम नहीं कर रही है.

Created On: Nov 13, 2019 09:50 ISTModified On: Nov 13, 2019 10:35 IST

महाराष्ट्र में 12 नवंबर 2019 को राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की सिफारिश और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है.

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए लगाया गया है, हालांकि, अगर इस अवधि के दौरान कोई भी पार्टी बहुमत साबित करती है, तो सरकार बनाई जा सकती है.

राज्यपाल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि राज्य की वर्तमान स्थिति के अनुसार चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिन बीत गए है और सरकार बनने कि कोई संभावना भी नहीं दिख रही है. राज्यपाल ने कहा कि सरकार बनाने हेतु सभी प्रयास किए गए हैं, लेकिन उन्हें महाराष्ट्र में स्थायी सरकार की कोई संभावना नहीं दिखती है.

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 105 सीटें जीती हैं. वहीं, शिवसेना को 56 और एनसीपी को 54 सीटें मिली हैं. कांग्रेस राज्य में चौथे नंबर पर है और उसे 44 सीटें मिली हैं. अगर हम सीटों की संख्या को देखें तो एनसीपी और शिवसेना कांग्रेस की मदद के बिना सरकार नहीं बना पाएंगे. शिवसेना की 56 सीटों और एनसीपी की 54 सीटों सहित 110 सीटें हैं. अगर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के साथ जुड़ती है, तो आंकड़ा (56 + 54 + 44) 154 तक पहुंच जाएगा. महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए कुल 145 सीटों की आवश्यकता है.

राष्ट्रपति शासन क्या है?

राष्ट्रपति शासन में किसी राज्य का नियंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास चला जाता है. अनुच्छेद 356 के मुताबिक राष्ट्रपति किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं अगर वे इस बात से संतुष्ट हों कि राज्य सरकार संविधान के मुताबिक काम नहीं कर रही है. अनुच्छेद 352 के अंतर्गत आर्थिक आपातकाल की स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है.

इसे राष्ट्रपति शासन इसलिए कहा जाता है क्योंकि, इसके द्वारा राज्य का पूरा नियंत्रण एक निर्वाचित मुख्यमंत्री की जगह सीधे राष्ट्रपति के अधीन आ जाता है. लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से राज्य के राज्यपाल को केंद्रीय सरकार द्वारा कार्यकारी अधिकार प्रदान किये जाते हैं.

कोई भी पार्टी दावा नहीं कर सकी

राजभवन के बयान के अनुसार, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को हुए थे और परिणाम भी 24 नवंबर को घोषित किए गए थे. इसके बावजूद, अभी तक कोई भी पार्टी या गठबंधन पार्टी सरकार बनाने के लिए आगे नहीं आई है. इसलिए, राज्यपाल ने सरकार बनाने की संभावना तलाशने का फैसला किया. इसे देखते हुए, सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने के रुख को स्पष्ट करने हेतु कहा गया था. उसके बाद, देवेंद्र फड़नवीस राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को भाजपा की सरकार बनाने में असमर्थता की जानकारी दी.

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महाराष्ट्र में कब-कब लगा राष्ट्रपति शासन

भारत के अलग-अलग राज्यों में अब तक करीब 125 बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है. महाराष्ट्र में 12 नवंबर 2019 से पहले तक दो बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है. अब यह तीसरी बार लागू किया गया है. महाराष्ट्र में पहली बार 17 फरवरी 1980 को लागू हुआ था. उस समय शरद पवार मुख्यमंत्री थे. राज्य में 17 फरवरी 1980 से 08 जून 1980 तक लगभग 112 दिन तक राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू रहा था.

महाराष्ट्र में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन 28 सितंबर 2014 को लगाया गया था. उस समय राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस थी. राज्य में 28 सितंबर 2014 से लेकर 30 अक्टूबर 2014 तक लगभग 32 दिनों तक राज्य में दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लागू रहा था.

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