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निजी एफ.एम. चैनलों को आकाशवाणी के समाचार प्रसारित करने की अनुमति

Jan 9, 2019 09:46 IST

केन्द्रीय सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा युवा मामले और खेल राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने 08 जनवरी 2019 को निजी एफ.एम. प्रसारकों के साथ आकाशवाणी के समाचार साझा करने के कार्यक्रम का उद्घाटन किया. यह प्रसारण परीक्षण आधार पर शुरू में 31 मई 2019 तक नि:शुल्क होगा.

निजी एफ.एम. रेडियो प्रसारकों को आकाशवाणी के समाचार बुलेटिनों को समाचार कार्यक्रम में दी गई बुलेटिनों की सूची के अनुसार अंग्रेजी/हिन्दी में प्रसारित करने की अनुमति होगी. इस अवसर पर कर्नल राठौड़ ने कहा कि जागरुक नागरिक सशक्त नागरिक होता है. कर्नल राठौड़ ने कहा कि यह भारत के सभी रेडियो स्टेशनों को एक साथ लोगों को सूचित, शिक्षित और सशक्त बनाने का सहयोगी प्रयास है.

पहल की विशेषताएं

•    समाचार बुलेटिन को प्रसारित करने के इच्छुक निजी एफ.एम. प्रसारक को आकाशवाणी के समाचार सेवा प्रभाग के साथ http://newsonair.com साइट पर पंजीकृत कराना होगा.

•    आकाशवाणी के समाचार बुलेटिन मूल रूप में बिना किसी परिवर्तन के प्रसारित किये जायेंगे.

•    न्यूज बुलेटिनों के दौरान प्रसारित होने वाले वाणिज्यिक विज्ञापन मूल रूप में ही समाचारों के साथ प्रसारित होंगे.

•    निजी एफ.एम. प्रसारकों को बुलेटिन प्रसारण के लिए आकाशवाणी को उचित क्रेडिट देना होगा.

•    निजी एफ.एम. प्रसारक समाचारों को आकाशवाणी के न्यूज बुलेटिनों के साथ-साथ प्रसारित करेंगे.

•    लाईव प्रसारण को 30 मिनट से अधिक स्थागित नहीं किया जा सकता.

•    लाईव प्रसारण के स्थगन की स्थिति में पहले यह घोषणा करनी होगी कि लाईव प्रसारण स्थगित किया गया है.

•    किसी एफ.एम. रेडियो चैनल द्वारा आकाशवाणी के समाचारों का प्रसारण नियम और शर्तें स्वीकार करने के बाद ही किया जा सकता है. सभी नियम और शर्तें http://newsonair.com/Broadcaster-Reg-TnC.aspx. पर उपलब्ध हैं.

ऑल इंडिया रेडियो के बारे में जानकारी

आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन संचालित सार्वजनिक क्षेत्र की रेडियो प्रसारण सेवा है. भारत में रेडियो प्रसारण की शुरुआत मुंबई और कोलकाता में सन 1927 में दो निजी ट्रांसमीटरों से हुई. 1930 के दशक में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ और तब इसका नाम भारतीय प्रसारण सेवा अथवा इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन रखा गया. 1936 में इसका नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो (AIR) रख दिया गया, जिसे संचार विभाग देखा करता था. आगे चलकर वर्ष 1957 में इसका नाम बदल कर आकाशवाणी रखा गया था.

 

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