भारत रत्न प्रोफेसर राव को अंतरराष्ट्रीय एनी अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया

प्रोफेसर सीएनआर राव को विश्व के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया है.

Created On: May 28, 2021 10:55 ISTModified On: May 28, 2021 11:03 IST

भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव को अक्षय ऊर्जा स्रोतों और अक्षय भंडारण के क्षेत्र में अनुसंधान हेतु अंतरराष्ट्रीय एनी अवार्ड 2020 से सम्मानित किया गया है. इसे ऊर्जा अनुसंधान के क्षेत्र में नोबेल माना जाता है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 26 मई 2021 को यह जानकारी दी.

प्रोफेसर राव पूरी मानव जाति के लाभ के लिए ऊर्जा के एकमात्र स्रोत के रूप में हाइड्रोजन ऊर्जा पर काम कर रहे हैं. हाइड्रोजन का भंडारण, हाइड्रोजन का फोटोकेमिकल और इलेक्ट्रोकेमिकल उत्पादन, हाइड्रोजन का सौर उत्पादन और गैर धातु उत्प्रेरण उनके काम के मुख्य आकर्षण थे.

समारोह कब होगा

एनी अवार्ड्स 2020 रोम के क्विरिनल पैलेस में 14 अक्टूबर, 2021 को आयोजित एक आधिकारिक समारोह के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा. इसमें इटली गणराज्य के राष्ट्रपति सर्जियो मटेरेला शामिल होंगे.

प्रोफेसर सीएनआर राव के बारे में

प्रोफेसर सीएनआर राव एक वैज्ञानिक हैं और उनकी पहचान ठोस पदार्थ और पदार्थ रसायन में एक विशेषज्ञ के रूप में है.

प्रोफेसर सीएनआर राव को भारत-चीन वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु चीन के सर्वोच्च विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

वे विश्व की अनेक वैज्ञानिक अकादमियों यथा लंदन स्थित द रॉयल सोसाइटी, अमेरिका की नैशनल अकेडमी ऑफ साइंस, पोंटीफिकल अकेडमी ऑफ साइंस, जापान अकेडमी और रॉयल स्पेनिश अकेडमी ऑफ साइंसेज के लिए चुने जा चुके हैं.

प्रोफेसर सीएनआर राव को विश्व के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि से भी सम्मानित किया है.

उनको दुनिया भर के 60 विश्वविद्यालयों से मानद डॉक्टरेट प्राप्त है. उन्होंने लगभग 1500 शोध पत्र और 45 वैज्ञानिक पुस्तकें लिखी हैं.

राव ने साल 1951 में मैसूर विश्वविद्यालय से स्नातक तथा दो वर्ष पश्चात काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की.

4 फ़रवरी 2014 को राव को भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न से सम्मानित किया गया. सी वी रमण और ए पी जे अब्दुल कलाम के बाद इस पुरस्कार से सम्मानित किये जाने वाले वे तीसरे ऐसे वैज्ञानिक हैं.

प्रोफेसर राव 1985 से 1989 और 2005 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष भी रहे.

उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण और पद्म श्री तथा कर्णाटक राज्य सरकार द्वारा कर्णाटक रत्न से सम्मानित किया जा चुका है.

एनर्जी फ्रंटियर्स पुरस्कार: एक नजर में

एनर्जी फ्रंटियर्स पुरस्कार धातु ऑक्साइड, कार्बन नैनोट्यूब, और अन्य सामग्रियों और द्वि-आयामी प्रणालियों पर उनके काम के लिए प्रदान किया गया है. इसमें ग्रेफीन, बोरॉन-नाइट्रोजन-कार्बन हाइब्रिड सामग्री, और मोलिब्डेनम सल्फाइड (मोलिब्डेनाइट - एमओएस2) ऊर्जा अनुप्रयोगों और हरित हाइड्रोजन का उत्पादन शामिल हैं. ये सभी वास्तव में, विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से प्राप्त की जा सकती हैं. इसमें सौर या पवन ऊर्जा से उत्पादित बिजली द्वारा सक्रिय पानी, थर्मल पृथक्करण, और इलेक्ट्रोलिसिस के फोटोडिसोसिएशन शामिल हैं.

प्रोफेसर राव ने तीनों क्षेत्रों में काम किया है और कुछ अत्यधिक नवीन सामग्री विकसित की है. समान या संबंधित सामग्रियों के  हाइड्रोजन संग्रह प्रणाली और उच्च विशिष्ट शक्ति वाले सुपरकैपेसिटर और चार्ज-डिस्चार्ज चक्रों की बढ़ी हुई संख्या के निर्माण के लिए फायदेमंद गुण भी दिखाए गए हैं. बाद वाली वस्तु बैटरी के समान ऊर्जा भंडारण उपकरण हैं, जो अक्षय ऊर्जा क्षेत्र का एक अहम हिस्सा बन जाएगा.

इस पुरस्कार में नगद राशि

ऊर्जा और पर्यावरण अनुसंधान के क्षेत्र में वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इस पुरस्कार का उद्देश्य ऊर्जा स्रोतों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना और शोधकर्ताओं की नई पीढ़ियों को उनके काम के लिए प्रोत्साहित करना है. यह एनी वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के महत्व का गवाह है. इस पुरस्कार में नगद राशि और विशेष रूप से ढाला गया स्वर्ण पदक शामिल है.

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