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भारतीय रिज़र्व बैंक ने टोकनाईज़ेशन के लिए दिशा-निर्देश जारी किये

Jan 10, 2019 12:10 IST
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भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में डेबिट/क्रेडिट कार्ड से किये जाने वाले लेन-देन में सुरक्षा उपायों को पुख्ता करने के लिए टोकन व्यवस्था जारी की है जिसे टोकनाईज़ेशन नाम दिया गया है.

टोकनाइज़ेशन (Tokenisation) सेवा क्या है?

•    सरल भाषा में कहें तो इस पद्धति के तहत कार्ड के संवेदनशील ब्यौरे को यूनिक कोड वाले टोकन में बदल दिया जाता है.

•    इसमें कार्ड की वास्तविक जानकारी गोपनीय रखी जायेगी ताकि सुरक्षा में किसी प्रकार की सेंध न लगाई जा सके.

•    कार्ड के विवरण के स्थान पर प्वाइंट-ऑफ सेल (पीओएस) टर्मिनल्स तथा क्विक रिस्पांस कोड के तहत संपर्क रहित भुगतान करने के लिये कार्ड की वास्तविक जानकारी के स्थान पर टोकन का प्रयोग किया जाता है.

रिज़र्व बैंक के निर्देश

•    भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है कि सभी कार्ड भुगतान नेटवर्क टोकन सेवा प्रदान कर सकते हैं.

•    साथ यह भी स्पष्ट किया है कि इस सेवा का लाभ उठाने के लिये ग्राहक से कोई शुल्क नहीं वसूला जाना चाहिये.

•    टोकन द्वारा लेन-देन की सुविधा फिलहाल मोबाइल और टेबलेट द्वारा ही दी जाएगी.

•    एक कार्डधारक टोकन अनुरोधकर्त्ता के एप्प पर कार्ड पंजीकृत करने और स्पष्ट सहमति ’देने के बाद इन सेवाओं का लाभ उठा सकता है.

•    नये दिशा-निर्देशों के तहत कार्ड से लेन-देन की सुरक्षा और प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक जैसे पिन प्रविष्टि के लिये सुरक्षा के सभी विस्तृत निर्देश भी लागू होंगे.

•    टोकन प्रणाली के लिए उपभोक्ता को पंजीकृत करने का काम उस उपभोक्ता की विशिष्ट सहमति के बाद ही किया जाएगा.

क्या होगी विशेष सुरक्षा व्यवस्था?

भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार कार्ड के टोकनाइज़ेशन और टोकन व्यवस्था से हटाने का काम केवल अधिकृत कार्ड नेटवर्क द्वारा ही किया जाएगा. इसमें पैन नंबर की रिकवरी भी अधिकृत कार्ड नेटवर्क से ही हो सकेगी. साथ ही वास्तविक कार्ड डेटा, टोकन और अन्य से संबंधित विवरण एक सुरक्षित मोड में संग्रहित किये जाएंगे और टोकन अनुरोधकर्त्ताओं को पैन या किसी अन्य कार्ड विवरण को संग्रहित करने की अनुमति नहीं होगी.

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