RBI द्वारा खुदरा भुगतान के लिए अखिल भारतीय इकाई की रूपरेखा जारी

RBI द्वारा जारी की गई इस रूपरेखा के अनुसार, जिन कंपनियों की कुल संपत्ति 500 करोड़ रुपये है, वे सभी कंपनियां अखिल भारतीय अम्ब्रेला इकाई स्थापित करने के लिए पात्र होंगी.

Created On: Aug 20, 2020 16:30 ISTModified On: Aug 20, 2020 17:23 IST

भारतीय रिज़र्व बैंक ने खुदरा भुगतान के लिए अखिल भारतीय अम्ब्रेला इकाई की स्थापना के लिए रूपरेखा जारी की है. इस बैंक ने 26 फरवरी, 2021 तक योग्य कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं.

इस अम्ब्रेला इकाई से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विकास पर नजर रखने की उम्मीद भी की जाएगी ताकि ऐसे किसी भी आघात और धोखाधड़ी से बचा जा सके जो अर्थव्यवस्था और सिस्टम को सामान्य रूप से प्रभावित कर सकता है.

अन्य बातों के अलावा, इस अम्ब्रेला इकाई को बैंकों और गैर--बैंकों के लिए निपटान और समाशोधन प्रणालियों को संचालित करने की अनुमति दी जाएगी. यह क्रेडिट, निपटन, परिचालन और तरलता जैसे प्रासंगिक जोखिमों की पहचान और प्रबंधन कर सकती है और सिस्टम की अखंडता को संरक्षित रख  सकती है.

RBI द्वारा जारी की गई रूपरेखा क्या है?

RBI द्वारा जारी की गई इस रूपरेखा के अनुसार, जिन कंपनियों की कुल संपत्ति 500 करोड़ रुपये है, वे सभी कंपनियां अखिल भारतीय अम्ब्रेला इकाई स्थापित करने के लिए पात्र होंगी. अन्य चीजों के अलावा, इकाई को व्हाइट लेबल PoS, एटीएम, प्रेषण सेवाओं और आधार-बेस्ड भुगतानों सहित खुदरा क्षेत्र में नई भुगतान प्रणालियों को स्थापित, संचालित और प्रबंधित करने की अनुमति होगी.

RBI द्वारा अखिल भारतीय इकाई के लिए रूपरेखा जारी: मुख्य विशेषताएं

• प्रोमोटर या प्रमोटरों के समूह को अम्ब्रेला इकाई स्थापित करने के लिए आवेदन करने के समय कम से कम 10% पूंजी का प्रमाण पेश करना होगा.

• इन दिशानिर्देशों के अनुसार, रुपये का निवल मूल्य हर समय 300 करोड़ रुपये बनाए रखना होगा.

• आवेदक इकाई में FDI के मामले में, इसे सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमोदन के साथ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत लागू पूंजीगत आवश्यकताओं को पूरा करना होगा.

अम्ब्रेला इकाई के लिए आवेदन प्रक्रिया

इन आवेदनों को आमंत्रित करते समय, RBI ने यह भी बताया है कि इकाई के प्रमोटर/ प्रमोटर समूह का  स्वामित्व और नियंत्रित निवासी भारतीय नागरिकों द्वारा किया जाएगा. आवेदन में एक विस्तृत कार्य  योजना भी होनी चाहिए जोकि स्थापित किए जाने वाली प्रस्तावित भुगतान प्रणालियों को शामिल करती हो. भुगतान परिवेश में कंपनी के अनुभव को सिद्ध करने के लिए इसके पास अन्य दस्तावेज भी होने चाहिए.

इस केंद्रीय बैंक के अनुसार, आवेदनों की प्राप्ति की अंतिम तिथि के बाद ही सभी आवेदनों की प्रोसेसिंग होगी और सभी प्राप्त आवेदनों की जांच एक बाहरी सलाहकार समिति (EAC) द्वारा की जाएगी.

बैंक ने आगे सूचित किया है कि बोर्ड ऑफ रेग्युलेशन एंड सुपरविजन ऑफ पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम (BPSS) के पास इस अम्ब्रेला इकाई को स्थापित करने के लिए अंतिम अधिकार होगा. RBI छह महीने की अवधि के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा करने की योजना बना रहा है.

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