रूस ने एक ऐतिहासिक मिशन में 18 देशों के 38 विदेशी उपग्रह किए लॉन्च

ये उपग्रह दक्षिण कोरिया, जापान, कनाडा, सऊदी अरब, जर्मनी, इटली और ब्राजील सहित 18 विभिन्न देशों के थे. इन 38 उपग्रहों में से एक,  चुनौती -1 उपग्रह है जो पूरी तरह से ट्यूनीशिया में बनाया गया पहला उपग्रह है.

Created On: Mar 26, 2021 16:48 ISTModified On: Mar 26, 2021 16:52 IST

रूस ने अपने एक ऐतिहासिक मिशन में, 22 मार्च, 2021 को कजाकिस्तान के बैकोनूर कोस्मोड्रोम से सोयूज-2.1 ए लॉन्च वाहन पर 38 विदेशी उपग्रहों को लॉन्च किया. यह सोयूज -2 प्रक्षेपण यान का पहला पूर्णतः व्यावसायिक प्रक्षेपण था.

ये उपग्रह दक्षिण कोरिया, जापान, कनाडा, सऊदी अरब, जर्मनी, इटली और ब्राजील सहित 18 विभिन्न देशों के थे.

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी, रोस्कोसमोस ने एक बयान में यह कहा है कि "बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से सोयुज-2.1 ए वाहक रॉकेट ने फ्रीगेट अपर स्टेज और 18 देशों के 38 स्पेसक्राफ्ट्स के साथ उड़ान भरी." इसमें यह भी कहा गया है कि, मुख्य पेलोड दक्षिण कोरियाई उपग्रह #CAS500-1 है.

मुख्य विशेषताएं

• CAS500-1 उपग्रह एक दक्षिण कोरियाई सुदूर संवेदन उपग्रह है और इसे एक कैमरे से सुसज्जित किया गया है, जो पृथ्वी के उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले विद्युत-ऑप्टिकल चित्र प्रदान करेगा.
• चैलेंज -1 उपग्रह भी 38 उपग्रहों में से था. यह ऐसा पहला उपग्रह है जो पूरी तरह से ट्यूनीशिया में बनाया गया है. यह टेलनेट दूरसंचार समूह द्वारा बनाया गया था. 
• यह प्रक्षेपण दो बार स्थगित होने के बाद 22 मार्च, 2021 को हुआ. इससे पहले, यह प्रक्षेपण 20 मार्च, 2021 को होने वाला था, लेकिन वोल्टेज में वृद्धि का पता लगने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था.
• इस प्रक्षेपण यान ने कजाकिस्तान के बैकोनूर कोस्मोड्रोम से उड़ान भरी, जो दुनिया में सबसे बड़ा परिचालन अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल है.
• बैकोनूर कॉस्मोड्रोम को शुरू में सोवियत अंतरिक्ष कार्यक्रम के आधार के तौर पर USSR में बनाया गया था. सोवियत संघ के पतन के बाद इसे बाद में रूस को कजाकिस्तान सरकार द्वारा पट्टे पर दिया गया था.
• सबसे पहले कृत्रिम उपग्रह, स्पुतनिक 1 को इस स्थल से लॉन्च किया गया था.

पृष्ठभूमि

वर्ष, 1990 में सोवियत संघ के पतन के बाद से, रूसी अंतरिक्ष क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगियों से पिछड़ गया है. ऐसा कई भ्रष्टाचार घोटालों और तकनीकी ठहराव के कारण हुआ था.

वर्ष, 2018 में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम में, एक रूसी कॉस्मोनॉट और नासा के एक अंतरिक्ष यात्री को ले जाने वाला एक रूसी सोयूज रॉकेट उड़ान के मध्य में विफल रहा, जिससे चालक दल को आपातकालीन लैंडिंग करने के लिए मजबूर होना पड़ा. ये दोनों अंतरिक्ष यात्री बिना किसी चोट के बच गए.

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