राष्ट्रपति पुतिन ने संवैधानिक सुधारों का किया घोषणा, रूसी सरकार का इस्तीफा

राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, इन संवैधानिक संशोधनों का मकसद ऐसा पद तैयार करना है जिससे राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पुतिन रूस में महत्वपूर्ण पद पर बने रह सकते हैं.

Created On: Jan 16, 2020 09:51 ISTModified On: Jan 16, 2020 10:19 IST

रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने अपने मंत्रिमंडल के साथ 15 जनवरी 2020 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मेदवेदेव की कैबिनेट अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रही. राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री पद के लिए टैक्स चीफ मिशुस्टिन का नाम आगे बढ़ाया है.

राष्ट्रपति पुतिन द्वारा कई संवैधानिक सुधारों का घोषणा किए जाने के बाद रूस में प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. रिपोर्ट के अनुसार, इन संवैधानिक संशोधनों का मकसद ऐसा पद तैयार करना है जिससे राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पुतिन रूस में महत्वपूर्ण पद पर बने रह सकते हैं.

इससे संबंधित मुख्य तथ्य

• रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव ने टीवी पर प्रसारित टिप्पणी में कहा कि वे अपने नेता द्वारा सरकार में प्रस्तावित बदलाव की वजह से इस्तीफा दे रहे हैं.

• राष्ट्रपति पुतिन ने मेदवेदेव को उनके कार्यों हेतु धन्यवाद दिया तथा उन्हें राष्ट्रपति सुरक्षा परिषद का उप-प्रमुख नियुक्त किया.

• इससे पहले, पुतिन ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में संविधान में संशोधन के संकेत दिए, जिससे सांसदों को प्रधानमंत्री एवं मंत्रिमंडल के सदस्यों को नामित करने का अधिकार होगा. अभी इनकी नियुक्ति का अधिकार रूस के राष्ट्रपति के पास है.

रूस के प्रधानमंत्री मेदवेदेव और रूस के राष्ट्रपति पुतिन लंबे समय से करीबी सहयोगी हैं. दिमित्री मेदवेदेव ने साल 2012 में रूस के प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था. वे इससे पहले चार साल (2008-2012) तक राष्ट्रपति भी रह चुके हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने मेदवेदेव के मंत्रिमंडल के सदस्यों से एक नया मंत्रिमंडल बनने तक काम करते रहने को कहा है.

राष्ट्रपति पुतिन ने राष्ट्र के संबोधन में क्या कहा?

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के राष्ट्र के संबोधन के तुरंत बाद रूसी पीएम और पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया. रिपोर्ट्स दावा कर रही हैं कि पुतिन अपने कार्यकाल के समाप्त होने के बाद भी राष्ट्रपति पद पर अपनी पकड़ बनाना चाहते थे. राष्ट्रपति पुतिन ने यह प्रस्ताव रखा कि रूसी संविधान में संशोधन किया जाए जिससे की प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों की शक्तियों में विस्तार किया जा सके.

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पुतिन रूस के राष्ट्रपति के रूप में

राष्ट्रपति पुतिन का मौजूदा कार्यकाल साल 2024 में पूरा हो रहा है. पुतिन (67) रूस में बीस साल से भी ज्यादा समय से शीर्ष नेतृत्व संभाल रहे हैं जो जोसफ स्टालिन को छोड़कर किसी भी दूसरे रूसी या सोवियत नेता के कार्यकाल से लंबा है. उन्हें मौजूदा कानून के तहत कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ना पड़ता, जो किसी भी राष्ट्रपति को लगातार दो कार्यकाल से ज्यादा पद पर बने रहने से रोकता है.

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