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सऊदी अरब में महिलाओं को सेना में भर्ती होने की अनुमति दी गई

Feb 27, 2018 10:24 IST
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सऊदी अरब द्वारा अपनाए जा रहे सुधारवादी कदमों में एक और अध्याय जोड़ते हुए हाल ही में महिलाओं के लिए सेना में भी नौकरियों के लिए आवेदन आमंत्रित किये गये हैं. साथ ही यह भी कहा गया कि महिलाओं के लिए सेना की नौकरी स्वैच्छिक होगी, अर्थात् महिलाओं के लिए सेना में जाना अनिवार्य नहीं होगा.

सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जन सुरक्षा निदेशालय ने 25 फरवरी 2018 को सैन्य पदों पर भर्ती आरंभ की है. इन महिलाओं को रियाद, मक्का, मदीना, क़ासिम, असिर, अल-बहा और शरक़ियाह में नियुक्त किया जाएगा.

इससे पूर्व सऊदी अरब में गार्जियनशिप लागू होने के कारण महिलाओं को स्वयं इस प्रकार के निर्णय लेने का अधिकार नहीं था. महिलाओं को स्वतंत्र तरीके से नौकरी करने अथवा सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन करने के लिए गार्जियन की अनुमति लेना आवश्यक था.

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सऊदी अरब में सेना में महिलाएं

•    सऊदी अरब में ये सारे सामाजिक सुधार क्राउन प्रिंस मोहम्मद सलमान के नेतृत्व में हो रहे हैं.

•    महिलाओं की सेना में नियुक्ति के लिए उनका 25 से 35 साल के बीच सऊदी का मूल निवासी होना जरूरी होगा.

•    सैन्य सेवाओं के लिए महिलाओं की शैक्षिक योग्यता हाई स्कूल डिप्लोमा निर्धारित की गई है.

•    गैर सऊदी नागरिक से शादी करने वाली, क्रिमिनल रिकॉर्ड और पिछली सरकार के साथ काम करने वाली महिलाएं आवेदन नहीं कर सकती हैं.

•    सऊदी शूरा काउंसिल ने सुझाव दिया था कि महिलाओं के लिए साल में तीन माह सेना में नौकरी अनिवार्य कर दी जाए, लेकिन इस पर काउंसिल में मतभेद उभर आए और इस पर सुधार के बाद नौकरी का प्रस्ताव लाया गया.

•    सेना में महिलाओं की भर्ती की घोषणा, सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान के सामाजिक सुधारों का ही भाग है, जिसे विज़न 2030 का नाम दिया गया है.

गार्जियनशिप सिस्टम?

सऊदी अरब में लागू गार्जियनशिप सिस्टम के तहत कोई भी महिला बगैर पति, भाई या पिता की अनुमति के किसी सरकारी पेपर पर हस्ताक्षर नहीं कर सकती है. इसके अतिरिक्त, सऊदी अरब में महिलाओं को अकेले यात्रा करने अथवा किसी शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने के लिए भी किसी पुरुष की अनुमति लेनी पड़ती है.

 

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