Search
LibraryLibrary

विश्व का सबसे बड़ा समुद्री सफाई अभियान 'ओशियन क्लीनअप' आरंभ

Sep 10, 2018 12:48 IST

    विश्व भर में समुद्रों से प्रदूषण हटाने तथा समुद्रों की सफाई करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान ‘ओशियन क्लीनअप’ कैलिफ़ोर्निया से आरंभ किया गया. इसका उद्देश्य समुद्र से प्लास्टिक तथा अन्य कचरा निकालना एवं समुद्र को प्रदूषित होने से बचाना है.

    इस अभियान की शुरुआत करनेवाले बोयान स्लाट नामक 24 वर्षीय युवा हैं. उनके अभियान को विश्व भर के वैज्ञानिकों ने समर्थन दिया. छह वर्ष तक इस प्रोजेक्ट पर काम करने के बाद इसे 08 सितंबर 2018 को लॉन्च किया गया.

    प्रोजेक्ट ओशियन क्लीनअप

    •    इस अभियान के तहत समुद्र में ‘यू’ आकार का 2,000 फुट का कलेक्शन सिस्टम डाला गया है जिसकी मदद से पानी में मिले कचरे को अलग किया जाता है.

    •    इस अभियान के तहत सबसे पहले कैलिफॉर्निया से हवाई तक लगभग 6,00,000 किलोमीटर के क्षेत्र में समुद्री क्षेत्र को साफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

    •    अनुमानित क्षेत्र 1.6 मिलियन वर्ग किलोमीटर अर्थात टेक्सास के आकार से दोगुना अथवा फ्रांस के आकार का तीन गुना है.

    •    इस क्षेत्र में 80 हज़ार टन प्लास्टिक कचरा होने का अनुमान है जो कि 500 जंबो जेट विमानों के वजन के समान है.

    •    इस अभियान का लक्ष्य है कि हर साल समुद्र से करीब 50 टन कचरा साफ किया जा सके.

    •    यही नहीं समुद्र से निकाले जाने के बाद उन प्लास्टिक के कचरों को रिसाइकल करने की भी योजना बनाई गई है.

     

    क्या है तरीका?

    बोयान स्लाट और उनकी टीम ने पैसिव ड्रिफ्टिंग सिस्टम नाम से एक विधि तैयार की है जिसमें पानी की सतह पर 600 मीटर लंबा एक फ्लोटर लगाया गया है. इसमें तीन मीटर गहराई तक एक जाल लगाया गया है जिसपर समुद्री किनारों से आने वाला कचरा एकत्रित होता है. जैसे-जैसे इस फ्लोटर के साथ कचरा जमा होता जाता है, यह ‘यू’ आकार में आता रहता है. कचरा एकत्रित हो जाने पर इसे समुद्री जहाज के साथ बांध कर किनारे तक लाया जा सकता है. इसमें प्राप्त हुए प्लास्टिक कचरे को रीसायकल करके उसे पुनः उपयोग में लाया जा सकता है.

     

    ocean cleanup method


    बोयान स्लाट के बारे में जानकारी

    •    डच नागरिक बोयान स्लाट जब सिर्फ 18 साल के थे तभी उन्होंने द ओशियन क्लीनअप नामक संस्था की शुरुआत की थी.

    •    बोयान अब से आठ साल पहले जब 16 साल के थे तब उन्होंने समुद्र मार्ग से ग्रीस की यात्रा की और उस दौरान वे समुद्र में प्लास्टिक कचरे के अम्बार देख कर हैरान हुए.

    •    उन्होंने ग्रीस जाने के दौरान समुद्र में मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक देखी तो इस अभियान पर काम करने का निर्णय लिया.

    •    उन्होंने अपने प्रोटोटाइप के जरिये वैज्ञानिकों को समुद्री कचरे से निपटने का मार्ग सुझाया. उनके इस अभियान से प्रेरित होकर वैज्ञानिकों ने इस पर काम करने का निर्णय लिया.

    •    बोयान स्लाट को फ़ोर्ब्स पत्रिका ने 2016 में 30 अंडर 30 सूची में स्थान दिया था.

     

    यह भी पढ़ें: इसरो ने गगनयान मिशन के लिए स्वदेशी स्पेस सूट तैयार किया

     

    Is this article important for exams ? Yes7 People Agreed

    Newsletter Signup

    Copyright 2018 Jagran Prakashan Limited.
    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK