स्पेसएक्स फाल्कन 09 रॉकेट ने अन्य 60 स्टारलिंक उपग्रहों को अंतरिक्ष की कक्षा में किया लॉन्च

स्पेसएक्स ने स्टारलिंक 28 मिशन को लॉन्च किया है जिसमें 60 स्टारलिंक उपग्रहों का एक अन्य सेट शामिल है. यह वर्ष, 2021 में 13 वां स्टारलिंक लॉन्च मिशन है. स्पेसएक्स के स्टारलिंक उपग्रहों के बारे में जानने के लिए गौर से पढ़ें यह आर्टिकल.

Created On: May 29, 2021 13:49 ISTModified On: May 29, 2021 13:49 IST

स्पेसएक्स फाल्कन 09 रॉकेट ने 26 मई, 2021 को स्टारलिंक 28 मिशन को लॉन्च किया है, जिसमें फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से कक्षा में 60 स्टारलिंक उपग्रहों का एक अन्य सेट शामिल है जोकि वर्ष, 2021 में 13 वां स्टारलिंक लॉन्च इंगित करता है.

स्टारलिंक 28 लॉन्च: मुख्य विशेषताएं 

• स्टारलिंक 28 वर्ष, 2021 का 13वां स्टारलिंक लॉन्च कार्यक्रम एक अद्वितीय मिशन है क्योंकि स्पेसएक्स ने इन उपग्रहों को कक्षा में लॉन्च करने के लिए अपने नवीनतम बूस्टर का उपयोग किया है.
• स्टारलिंक 28 मिशन ने एक महीने के भीतर अपने 229 फुट ऊंचे (70 मीटर) फाल्कन 09 रॉकेटों में से एक पर स्पेसएक्स द्वारा स्टारलिंक उपग्रहों के साथ चौथी सफल उड़ान को संचालित किया है.

स्पेसएक्स का पुन: प्रयोज्य लॉन्च सिस्टम प्रोग्राम

• इस रॉकेट का पहला चरण प्रक्षेपण के ठीक नौ मिनट बाद पृथ्वी को छू गया, जो स्पेसएक्स के पुन: प्रयोज्य लॉन्च सिस्टम प्रोग्राम द्वारा 85वीं लैंडिंग इंगित करता है.
• आमतौर पर, लॉन्च वाहनों का पहला चरण लॉन्च के बाद वापस नहीं आता है. स्पेसएक्स अंतरिक्ष वाहनों के लिए पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण प्रणाली विकसित कर रहा है.

स्टारलिंक उपग्रह को पृथ्वी की निचली कक्षा में क्यों रखा गया है?

• उपयोगकर्ता और सर्वर के बीच विलंबता कहलाने वाले टाइम लैग की समस्या से बचने के लिए स्टारलिंक उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया जाता है. पृथ्वी से जितनी लंबी दूरी होगी, समय उतना ही अधिक होगा.
• पृथ्वी की निचली कक्षा 1000 किलोमीटर से कम की ऊंचाई पर है. पृथ्वी की निचली कक्षा में उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन के साथ तालमेल बिठाते हैं. इसका मतलब यह है कि, ये उपग्रह भी 24 घंटे में पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करते हैं.

स्पेसएक्स के स्टारलिंक उपग्रह

• एलोन मस्क के स्वामित्व वाले स्पेसएक्स ने उपग्रहों का एक नेटवर्क विकसित किया है जिसे स्टारलिंक ब्रॉडबैंड उपग्रह कहा जाता है, जिसे कंपनी पृथ्वी की कक्षा में अंतरिक्ष से पृथ्वी तक इंटरनेट कवरेज प्रदान करने के लिए लॉन्च करती है.
• इन स्टारलिंक उपग्रहों को 340 मील की अपेक्षाकृत कम कक्षा में स्थापित किया गया है. स्टारलिंक की कक्षा अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से थोड़ी ऊंची है लेकिन, स्थलीय उपग्रहों की कक्षाओं से नीचे है.

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