Search

भारत का पहला स्पोर्ट्स रेडियो चैनल आरंभ

यह रेडियो चैनल क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, कब्बडी, कुश्ती जैसे विश्व के 34 प्रमुख खेलों की कवरेज करेगा तथा 24X7 इनका प्रसारण करेगा.

Jan 17, 2018 11:12 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

भारत में जहां सभी प्रकार के रेडियो चैनल प्रसारित हो रहे हैं वहीं 16 जनवरी 2018 को भारत का पहला स्पोर्ट्स रेडियो चैनल आरंभ किया गया. स्पोर्ट्स फ़्लैशेज़ नाम से आरंभ किये गये इस चैनल पर हर समय खेल जगत से जुड़े समाचार एवं कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेंगे.

भारत के करोड़ों खेल प्रशंसकों के लिये देश का पहला स्पोर्ट्स रेडियो चैनल आरंभ किया गया जहां 24/7 खेल से जुड़ी तमाम जानकारियां उपलब्ध होंगी. इस चैनल पर सभी प्रकार के खेलों से संबंधित खिलाड़ियों की लाइव कमेंट्री भी सुनने को मिल सकती है.

स्पोर्ट्स फ्लैशेज़

•    यह रेडियो चैनल क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, कब्बडी, कुश्ती जैसे विश्व के 34 प्रमुख खेलों की कवरेज करेगा.

•    इस रेडियो चैनल पर लाइव कमेन्ट्री, टॉक शोज़, स्पेशल खेल कार्यक्रम, विशेषज्ञ टिप्पणियां,खेल समाचार न्यूज तथा ताज़ा जानकारियां, ऑडियो डाक्यूमेंट्री, विश्वविद्यालय स्तर के खेल और स्पोर्टटेन्मेंट कंटेंट आदि शामिल होगा.

•    माना जा रहा है कि यह रेडियो चैनल भारत में खेलों की आवाज़ बन सकता है तथा इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा सकता है.

•    इस रेडियो चैनल पर विश्व के 400 से अधिक खेलों जैसे प्रीमियर लीग, आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट्स की लाइव जानकारी और चैट कमेन्ट्री प्रदान की जाएगी.

•    भारत के इस पहले रेडियो चैनल स्पोर्ट्स फ्लैशेज़ के संस्थापक रमन रहेजा हैं

कई ओलिंपियन, क्रिकेटर, फुटबॉलर और अन्य खेलों के सितारे भी भारत के पहले रेडियो चैनल से जुड़े हैं. भारतीय हॉकी के पूर्व खिलाड़ी संदीप सिंह ने कहा कि हॉकी के साथ-साथ अन्य खेलों को इंडिया के गांव-गांव तक आगे बढ़ाने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है. अर्जुन अवार्डी मुक्केबाज अखिल कुमार ने इस पहल को काबिलेतारीफ बताया.

india's first radio channel

भारत में रेडियो

भारत में रेडियो प्रसारण की पहली शुरुआत जून 1923 रेडियो क्लब मुंबई द्वारा हुई थी लेकिन इंडियन ब्रॉडकास्ट कंपनी के तहत देश के पहले रेडियो स्टेशन के रूप में बॉम्बे स्टेशन तब अस्तित्व में आया जब 23 जुलाई 1927 को वाइसराय लार्ड इरविन ने इसका उद्घाटन किया, लेकिन 8 जून 1936 को इंडियन स्टेट ब्राडकास्टिंग सर्विस को ‘ऑल  इंडिया रेडियो’ का नाम दे दिया गया जिस नाम से यह आज तक प्रचलित है.

वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय भारत में कुल 9 रेडियो स्टेशन थे, जिनमें पेशावर, लाहौर और ढाका तीन पाकिस्तान में चले गए, भारत में दिल्ली, बॉम्बे, कलकत्ता, मद्रास, तिरुचिरापल्ली और लखनऊ के 6 केंद्र रह गए, लेकिन आज देश में रेडियो के कुल 420 प्रसारण केंद्र हैं और आज देश की 99.20 प्रतिशत जनसँख्या तक आल इंडिया रेडियो का प्रसारण पहुँच रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि इन पिछले करीब 70 बरसों में रेडियो का विकास कितनी तीव्र गति से हुआ है.

यह भी पढ़ें: सिंगल ब्रांड रिटेल में केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत एफडीआई को मंजूरी प्रदान की

 

यह भी पढ़ें: कार्टोसैट-2 द्वारा भेजी गयी पहली तस्वीर जारी

Download our Current Affairs & GK app For exam preparation

डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप एग्जाम की तैयारी के लिए

AndroidIOS

Also Read +