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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में वाहनों पर स्टीकर कोड को मंजूरी प्रदान की

Aug 15, 2018 11:28 IST
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दिल्ली-एनसीआर में गाड़ियों पर अलग-अलग रंग के स्टीकर लगाए जाने को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी प्रदान की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वाहन डीजल, पेट्रोल या फिर सीएनजी में से किस ईंधन से चलता है.

इस योजना के अनुसार, पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले वाहनों पर नीले रंग के तथा डीजल से चलने वाले वाहनों पर संतरी रंग के स्टीकर लगाने होंगे. केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय द्वारा यह सुझाव दिया गया था जिसे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम बी लोकुर की अगुआई वाली बेंच ने स्वीकार किया है.

योजना के मुख्य बिंदु


•    दिल्ली-एनसीआर में पेट्रोल-सीएनजी वाहनों के लिए हल्का नीला स्टिकर प्रयुक्त किया जाएगा.

•    डीज़ल से चलने वाले वाहनों के लिए संतरी रंग के स्टीकर लगाए जायेंगे.

•    वाहनों पर लगने वाले यह स्टीकर ‘सेल्फ डेस्ट्रेकेटिव’ होंगे अर्थात एक निश्चित अवधि के बाद यह स्वतः ही नष्ट हो जाएंगे.

•    इन कलर कोड वाले स्टीकर से 15 साल पुरानी पेट्रोल की और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों की पहचान ज़्यादा आसानी से हो सकेगी.

•    अपने वाहन की खुद जानकारी' देने वाले स्टीकर विंड स्क्रीन पर ऊपर बाईं ओर लगाए जाएंगे. इसके लिए सरकार मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव करेगी.

•    केंद्र ने हलफनामे में कहा है पेरिस में इसी तरह 6 वर्गों के अलग-अलग स्टीकर बनाए गए हैं. इन कलर कोड वाले स्टीकर से 15 साल पुरानी पेट्रोल की और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों की पहचान ज़्यादा आसानी से हो सकती है.

पृष्ठभूमि

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि बीएस-3,4,6 गाड़ियों के लिए अलग-अलग रंग की नंबर प्लेट की योजना पर विचार कर रही है. बाद में केंद्र ने कोर्ट को बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हरे रंग की नंबर प्लेट तय की गई है, लेकिन नंबर प्लेट से अच्छी योजना होलोग्राम स्टीकर की है जिससे दूर से ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का पता चल सकेगा.

 

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