टाटा स्टील ने अपने यूके व्यावसाय के पुनर्गठन के विकल्प तलाशने की योजना की घोषणा की

टाटा स्टील समूह ने यूके के व्यापार को पर्याप्त वित्तीय समर्थन दिया है और बीते 5 वर्षों में उसे 2 अरब पौंड का नुकसान उठाना पड़ा है.

Created On: Mar 31, 2016 12:00 ISTModified On: Apr 1, 2016 13:52 IST

30 मार्च 2016 को टाटा स्टील बोर्ड ने अपने यूके व्यावसाय– टाटा स्टील यूके, के पुनर्गठन के विकल्पों को तलाशने की योजनाओं की घोषणा की.

यह घोषणा कंपनी के यूरोपीय व्यापार (टाटा स्टील यूरोप) खास कर टाटा स्टील यूके के प्रदर्शन समीक्षा बैठक के अंत में की गई.

घोषणा के अनुसार, टाटा स्टील बोर्ड ने बोर्ड ऑफ टाटा स्टील यूरोप को पोर्टफोलियो के पुनर्गठन हेतु सभी विकल्पों को तलाशने का सुझाव दिया. इसमें टाटा स्टील यूके में पूर्ण या हिस्सों में यथासंभव विनिवेश का भी सुझाव है.

फैसले की वजह

 टाटा स्टील समूह ने यूके के व्यापार को पर्याप्त वित्तीय समर्थन दिया है और बीते 5 वर्षों में उसे 2 अरब पौंड का नुकसान उठाना पड़ा है.

टाटा स्टील यूके के खराब प्रदर्शन की कुछ प्रमुख वजहें–

•    स्टील की वैश्विक मांग, खासकर यूरोप जैसे विकसित बाजारों में 2008 की आर्थिक मंदी के बाद से ही कम बनी हुई है.

•    स्टील की विश्व में जरूरत से ज्यादा आपूर्ति और यूरोप में तीसरे देश से निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि समेत संरचनात्मक कारणों की वजह से यूके और यूरोप में व्यापार की स्थिति तेजी से खराब हुई है.

•    बीते दो वर्षों में यूरोप में चीन से आने वाले सस्ते स्टील से संघर्ष कर रहे हैं. फिलहाल चीन का उत्पादन वैश्विक उत्पादन का लगभग आधा है, इसलिए दुनिया भर में लाभ कम हो रहा है.

•    विनिर्माण की उच्च लागत, स्टील की घरेलू बाजार में मांग में लगातार कमी का होना और अस्थिर मुद्रा भी उद्योग को प्रभावित करने वाले कुछ अन्य महत्वपूर्ण कारक हैं.

टिप्पणी

टाटा स्टील के इस फैसले से यूनाइटेड किंग्डम में संकट के गहराने की उम्मीद है. टाटा स्टील यूरोप महाद्वीप की दूसरी  सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक कंपनी है और इसकी यूके शाखा देश की सबसे बड़ी स्टील विनिर्माता है.

यह सिर्फ यूके में ही करीब 15000 लोगों को नौकरी दे रही है. इसमें वेल्स में पोर्ट टैलबोट के देश के सबसे बड़े इस्पात संयंत्र में काम करने वाले 4000 कर्मचारी भी शामिल हैं.

आर्थिक रूप से वंचित वेल्स क्षेत्र में हजारों औद्योगिक नौकरियों के खोने के जोखिम के अलावा कंपनी के पुनर्गठन से डेविड कैमरुन की सरकार के लिए राजनीतिक संकट पैदा होने की भी उम्मीद है.

देश में 23 जून 2016 को होने वाले जनमत संग्रह जो यूरोपीय संघ (ईयू) में यूके की सदस्यता बरकरार रखने का फैसला करेगी पर भी टाटा स्टील के इस कदम का प्रभाव पड़ सकता है.

ऐसे में जब देश के यूरोपीय संघ विरोधी समूह संकटग्रस्त उद्योग की रक्षा करने के लिए मितव्ययिता के उपाय करने से राष्ट्रीय प्रशासन को रोकने के लिए यूरोपीय संघ को दोषी ठहरा रहे हैं, यूरोपीय संघ नीतियों के समर्थक  इस बात से सहमत नहीं है.

टाटा स्टील समूह के बारे में

•    इसकी स्थापना 1907 में एशिया के पहले एकीकृत निजी क्षेत्र की इस्पात कंपनी के रूप में की गई थी.

•    वर्तमान में अब यह भौगोलिक रूप से विविधता भरा दुनिया का दूसरा– सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक है.

•    इसका मुख्यालय मुंबई में है. यह 26 देशों में काम करता है और 50 से अधिक देशों में इसकी वाणिज्यिक उपस्थिति है.

•    वर्ष 2007 में इसने यूके की कोरस ग्रुप पीएलसी. को 12.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा था. यह किसी भी भारतीय कंपनी द्वारा किया जाने वाला सबसे बड़ा अधिग्रहण था.

•    वित्त वर्ष 2015 में इस टर्नओवर 22.32 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा और पांच महाद्वीपों में 80000 से अधिक कर्मचारी इसमें काम करते हैं.

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