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टॉप करेंट अफ़ेयर्स: 03 जनवरी 2018

Jan 3, 2018 18:00 IST

    टॉप करेंट अफ़ेयर्स, 03 जनवरी 2018 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है. जिसमें मुख्य रूप से विश्व की सबसे बड़ी गैस क्रैकर रिफाइनरी, दूरसंचार नियामक शामिल है.

    वैज्ञानिकों ने बृहस्पति से मिलते-जुलते चार ग्रहों की खोज की

    अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने बृहस्पति से मिलते-जुलते चार नये ग्रहों की खोज की. इन ग्रहों को एक्ज़ोप्लैनेट कहा जाता है क्योंकि यह हमारे मौजूदा सौरमंडल से बाहर हैं. वैज्ञानिकों द्वारा की गयी इस नवीन खोज में पाया गया कि यह नए ग्रह सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति से काफी मिलते-जुलते हैं और सभी का अपना एक सूर्य भी है. एचएटीसाउथ टेलिस्कोप की सहायता से वैज्ञानिकों ने सौरमंडल के बाहर चार नए ग्रहों की खोज की.

    मुकेश अंबानी ने विश्व की सबसे बड़ी गैस क्रैकर रिफाइनरी आरंभ की

    मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 02 जनवरी 2018 को गुजरात के सौराष्ट्र स्थित जामनगर परिसर में विश्व की सबसे बड़ी गैस क्रैकर रिफाइनरी (आरओजीसी) आरंभ की. इसे ‘रिफाइनरी आफ-गैस क्रैकर’ के नाम से जाना जाता है. यहां स्थापित संयंत्र पेट्रोरसायन बनाने के लिये ईंधन उत्पादन को लेकर रिफाइनरी प्रक्रिया से प्राप्त अवशेष का उपयोग करेंगे. आरओजीसी 11 अरब डालर के पूंजी व्यय का हिस्सा है.

    दूरसंचार नियामक ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किये

    भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टेलीकॉम कंपनियों हेतु नेटवर्क कनेक्टिविटी नियमों को सख्त बना दिया है. अब टेलीकाम कंपनियों के लिए 30 दिन के भेदभाव रहित इंटरकनेक्ट समझौते करना जरूरी होगा. टेलीकॉम इंटरकनेक्शन के नए नियम फरवरी 2018 से लागू होंगे. इस समय सीमा के भीतर समझौता न करने अथवा भेदभावपूर्ण समझौता करने वाली कंपनी पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा.

    भारतीय अर्थव्यवस्था के आठ प्रमुख क्षेत्रों में 6.8% की वृद्धि

    भारतीय अर्थव्यवस्था के आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर नवंबर 2017 में 6.8 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले इसी माह इन उद्योगों की उत्पादन वृद्धि 3.2 प्रतिशत थी. रिफाइनरी, इस्पात तथा सीमेंट जैसे क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन से बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अच्छी रही. बुनियादी उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट तथा बिजली उत्पादन को रखा गया है.

    ढाई रुपये के नोट के 100 वर्ष पूरे हुए

    ब्रिटिश राज में आरंभ किये गये ढाई रुपये के नोट ने 2 जनवरी 2018 को 100 वर्ष पूरे कर लिए. जिस दौर में यह नोट जारी हुआ था उस समय भारतीय मुद्रा आने में हुआ करती थी. ब्रिटिश राज में एक रुपए में 16 आना होते थे इसलिए इसमें दो रुपए के साथ आधा आना भी जोड़ा गया था. ब्रिटिश सरकार ने 2 जनवरी 1918 में एक ढाई (2.5) रुपये का नोट जारी किया था.

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