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टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स: 02 अगस्त 2019

टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 02 अगस्त 2019 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से-रवीश कुमार और UAPA संशोधन विधेयक आदि शामिल हैं.

Aug 2, 2019 19:10 IST
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टॉप हिन्दी करेंट अफ़ेयर्स, 02 अगस्त 2019 के अंतर्गत आज के शीर्ष करेंट अफ़ेयर्स को शामिल किया गया है जिसमें मुख्य रूप से-रवीश कुमार और UAPA संशोधन विधेयक आदि शामिल हैं.

रवीश कुमार को मिला 2019 का 'रेमन मैग्सेसे' पुरस्कार

यह सम्मान एशिया में साहसिक एवं परिवर्तनकारी नेतृत्व के लिए दिया जाता है. रवीश कुमार को यह सम्मान "बेआवाजों की आवाज’ बनने के लिए तथा हिंदी टीवी पत्रकारिता में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया है. रवीश कुमार हिन्दी न्यूज़ चैनल एनडीटीवी इंडिया के सबसे प्रमुख चेहरा हैं. रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के मामले में रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है.

रवीश कुमार का जन्म 5 दिसम्बर 1974 को मोतिहारी, बिहार में हुआ था. रेमन मैगसेसे पुरस्कार एशिया के व्यक्तियों और संस्थाओं को उनके अपने क्षेत्र में विशेष रूप से उल्लेखनीय कार्य करने हेतु प्रदान किया जाता है. इसे प्राय: एशिया का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आतंकवाद के खिलाफ बड़ी जीत, राज्यसभा से पारित हुआ UAPA संशोधन विधेयक

विपक्षी पार्टियों ने इस विधेयक को चयन समिति में भेजने की मांग की थी लेकिन इसे चयन समिति में भेजे जाने का प्रस्ताव गिर गया. यह संशोधन विधेयक 24 जुलाई 2019 को लोकसभा में पारित हुआ था. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि समय को देखते हुए इस विधेयक में बदलाव करने की जरूरत है.

यूएपीए एक्ट का मुख्य उद्देश्य देश की अखंडता और संप्रभुता के विरुद्ध होने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाना है. इस विधेयक के मुताबिक, सरकार किसी संगठन को पहली अनुसूची में शामिल कर आतंकी संगठन घोषित कर सकती है. यह संशोधन विधेयक आतंकवादी घटनाओं की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को ज्यादा अधिकार देती है.

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या में वृद्धि, कैबिनेट ने दी मंजूरी

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की मांग की थी. सीजेआई रंजन गोगोई ने हाल ही में कहा था कि जजों की कमी के कारण कानून के सवालों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसला लेने के लिए आवश्यक संवैधानिक पीठों का गठन नहीं किया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या कानून, 1956 में मूल रूप से न्यायाधीशों की संख्या 10 (सीजेआई के अलावा) तय की गई थी. कोर्ट में जजों की संख्या संशोधन कानून, 1960 द्वारा जजों की संख्या 10 बढ़ाकर 13 कर दी गई और साल 1977 में 17 कर दी गई.

राज्यसभा ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग विधेयक-2019 को मंजूरी दी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने राज्यसभा में इस विधेयक को पेश किया. इसमें चिकित्सा क्षेत्र एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र के नियमन हेतु भारतीय चिकित्सा परिषद की जगह एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमीशन) के गठन का प्रस्ताव है. इस विधेयक पर लाए गए विपक्ष के संशोधनों को ध्वनिमत से जबकि दो संशोधन प्रस्तावों को क्रमश: 61 के मुकाबले 106 मतों तथा दूसरे को 51 के मुकाबले 104 मतों से खारिज कर दिया.

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश में मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और पारदर्शी बनाना है. इस विधेयक का उद्देश्य है कि देश में एक ऐसी मेडिकल शिक्षा की ऐसी प्रणाली बनाई जाए जो विश्व स्तर की हो. इस बिल के पास होने के बाद अब एमबीबीएस पास करने के बाद प्रैक्टिस के लिए नेशनल एक्जिट टेस्ट देना होगा.

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