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अमेरिका ने H-1B वीजा प्रतिबंधों में किया छूट का ऐलान, जानें किसे होगा फायदा

इस फैसले से इन वीजा धारकों को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति मिल सकेगी. खास तौर से उन लोगों को इससे फायदा मिलेगा जो वीजा प्रतिबंध की वजह से नौकरी छोड़कर गए थे.

Aug 13, 2020 11:09 IST
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डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा के कुछ नियमों में ढील देने की घोषणा की है. ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा है कि नियमों में बदलाव किये गए हैं, ताकि चुनिंदा मामलों में वीजा धारकों को अमेरिका आने की अनुमति दी जा सके. इस ढील के बाद H-1B वीजा धारकों को अमेरिका में फिर से प्रवेश की अनुमति मिल सकेगी.

इस फैसले से इन वीजा धारकों को अमेरिका में प्रवेश करने की अनुमति मिल सकेगी. खास तौर से उन लोगों को इससे फायदा मिलेगा जो वीजा प्रतिबंध की वजह से नौकरी छोड़कर गए थे. अगर वो उन्हीं नौकरियों में वापस आते हैं तो इस छूट का फायदा मिल सकता है. इसके अतिरिक्त वीजाधारक की पत्नी और बच्चों को भी राहत देते हुए प्राइमरी वीजा के साथ अमेरिका में आने की मंजूरी दी गई है.

ट्रंप प्रशासन ने इसके अलावा उन वीजा धारकों को भी यात्रा की अनुमति दी है, जो कोविड-महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए पब्लिक हेल्थ या हेल्थकेयर प्रोफेशनल और शोधकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं. ट्रंप प्रशासन ने तकनीकी विशेषज्ञों, सीनियर लेवल के मैनेजर और वर्कर्स को भी यात्रा की अनुमति दे दी है, जिनके पास H-1B वीजा है. हालांकि, ये फैसला उन लोगों पर लागू है, जिनकी यात्रा अमेरिका के तुरंत और निरंतर आर्थिक सुधार को सुविधाजनक बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं.

भारत को फायदा

ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से भारत के आईटी प्रोफेशनल्स को बड़ा फायदा होने की आशा है. यही कारण है कि शुरुआती कारोबार में टीसीएस, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और एचसीएल के शेयर में 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई.

अमेरिका में नौकरी करने वाले को मिलेगा फायदा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अगस्त 2020 को एच-1 बी वीजा प्रणाली के धोखाधड़ी और दुरुपयोग को खत्म करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए. इससे अब अमेरिका में नौकरी करने वाले लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम अमेरिकी श्रमिकों की रक्षा के लिए काफी मददगार साबित होने वाला है.

एच-1बी वीजा क्या है?

एच-1बी वीजा एक गैर आप्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी विशेषज्ञों को नौकरी पर रखने की अनुमति देता है. यह किसी कर्मचारी को अमेरिका में छह साल काम करने के लिए जारी किया जाता है. अमेरिका में काम करने वाले ज्यादातर भारतीय आइटी पेशेवर इसी वीजा पर वहां जाते हैं. अमेरिकी टेक कंपनियां हर साल इसी वीजा पर भारत और चीन समेत दूसरे देशों से हजारों कर्मचारियों को नौकरी पर रखती हैं. इस वीजा की एक खासियत भी है कि यह अन्य देशों के लोगों के लिए अमेरिका में बसने का रास्ता भी आसान कर देता है.

पृष्ठभूमि

बता दें कि कोरोना महामारी के बाद 22 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने  इस साल के लिए एच-1बी वीजा निलंबित करने के घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किया था. इससे भारत समेत दुनिया के आईटी प्रोफेशनल के बड़े झटका के तौर पर देखा जा रहा था. अमेरिका में कोरोना संकट से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. ऐसे में अमेरिकी सरकार ने एच-1 बी वीजा को लेकर बड़ा फैसला करने का काम किया है.

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