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बजट 2019: बजट कैसे पेश होता है, जानें- इससे जुड़ीं रोचक बातें

बजट कुछ साल पहले तक बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था. मोदी सरकार ने बजट को लेकर कई परंपराओं को बदला है. कुछ साल पहले फरवरी के अंतिम दिन बजट पेश होता था, जिसे अब बदलकर 01 फरवरी कर दिया गया है.

Jul 5, 2019 09:02 IST
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को मोदी 2.0 का पहला बजट पेश करेंगी. मोदी सरकार ने शानदार जीत के साथ सत्ता में वापसी की है और सरकार आज पूर्ण बजट पेश करेगी. इस बजट को लेकर सभी लोगों में कई उम्मीदें हैं. भारत में बजट को लेकर कई तरह की परंपराएं रही हैं. लेकिन समय के साथ बजट के तौर-तरीके भी बदल गए.

बजट कुछ साल पहले तक बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था. मोदी सरकार ने बजट को लेकर कई परंपराओं को बदला है. कुछ साल पहले फरवरी के अंतिम दिन बजट पेश होता था, जिसे अब बदलकर 01 फरवरी कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त रेल बजट को भी खत्म करके आम बजट में ही शामिल कर दिया गया.

सुबह 11 बजे बजट पेश किया

पहली बार साल 2001 में सुबह 11 बजे बजट पेश किया गया था. साल 2001 में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने ऐसा किया था. इससे पहले बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था. केंद्रीय बजट साल 2000 तक संसद में शाम 5 बजे पेश किया जाता था.

अंग्रेजों के समय से बजट की घोषणा शाम 5 बजे किए जाने की परंपरा चली आ रही थी. लेकिन साल 2001 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने सुबह 11 बजे बजट पेश कर नई परंपरा शुरू की. उस समय भी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी.

पहला बजट

भारत के आजाद होने से पहले भी ब्रिटिश सरकार में भी बजट पेश किया जाता था. भारत में पहली बार बजट 18 फरवरी 1869 को पेश किया गया था, जो कि जेम्स विल्सन ने पेश किया था.

आजादी के बाद पहला बजट

भारत 1947 को आजाद होने के बाद देश के पहले वित्त मंत्री शनमुखम शेट्टी ने पहला बजट पेश किया था. उन्होंने जिसके बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

बजट पेपर हिंदी में तैयार

बजट पेपर साल 1955-56 से हिंदी में तैयार किए जा रहे है. इससे पहले भारत का बजट सिर्फ अंग्रेजी में छपता था. कांग्रेस की सरकार बनने के बाद साल 1991 में देश में पहली बार दो मंत्रियों ने अंतरिम और पूर्ण बजट पेश किया था और वो दोनों अलग-अलग पार्टी से थे.

रेल बजट साधारण बजट के साथ:

पहले रेल बजट को अलग से पेश किया जाता था. लेकिन, अब रेल बजट भी साधारण बजट के साथ पेश किया जाता है.

सर्वाधिक बजट पेश करने का रिकार्ड:

मोरारजी देसाई ने अब तक सर्वाधिक दस बार बजट पेश किया है छह बार वित्त मंत्री और चार बार उप प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होने ऐसा किया. अपने जन्मदिन पर भी बजट पेश करने वाले भी वह एकमात्र मंत्री है.

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हलवा खाने की रस्म:

बजट छपने के लिए भेजे जाने से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा खाने की रस्म निभाई जाती है. इस रस्म के बाद बजट पेश होने तक वित्त मंत्रालय के संबधित अधिकारी किसी के संपर्क में नहीं रहते परिवार से दूर उन्हें वित्त मंत्रालय में ही रुकना पड़ता है.

बजट को कौन तैयार करता है?

बजट, भारत के वित्‍त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के तहत आने वाले ‘बजट विभाग’ की देखरेख में तैयार होता है. यही विभाग प्रत्येक साल भारत का बजट तैयार करता है.

बजट कितने प्रकार के होते हैं?

केंद्रीय बजट दो प्रकार का होता है. पहला - रेलवे बजट जो रेलवे फाइनेंस का ब्‍यौरा देता है. जबकि दूसरा जनरल बजट होता है, जो पूरे साल सरकार के आय और व्‍यय का लेखा जोखा बनाता है.

बजट क्यों पेश किया जाता है?

बजट के माध्यम से सरकार पूरे देश को यह बताती है कि वह जनता की कमाई का एक-एक पैसा योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल कर रही है.  बजट के माध्यम से ही देश की आर्थिक स्थिति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शाया जाता है.

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