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केंद्र सरकार और एशियाई विकास बैंक के बीच मध्य प्रदेश में सिंचाई की कार्यदक्षता सुधारने हेतु 375 मिलियन डॉलर के कर्ज समझौता

Aug 31, 2018 10:09 IST

यह परियोजना सिंचाई की कार्यदक्षता और जल की उत्पादकता को अधिकतम संभव सीमा तक बेहतर बनाकर मध्य प्रदेश सरकार के सिंचाई के विस्तार और आधुनिकीकरण कार्यक्रम की मदद करेगी.

केंद्र सरकार और एशियाई विकास बैंक के बीच 30 अगस्त 2018 को मध्य प्रदेश में सिंचाई की कार्यदक्षता सुधारने हेतु 375 मिलियन डॉलर के कर्ज के समझौते पर हस्ताक्षर हो गये हैं. इस समझौता के द्वारा सिंचाई के नेटवर्क का विस्तार कर और कार्यकुशलता बढ़ाकर कृषि आय को दोगुना किया जा सके.

इस परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर भारत की ओर से वित्त मंत्रालय में आर्थिक कार्य विभाग के संयुक्त सचिव समीर कुमार खरे और एशियाई विकास बैंक की तरफ से राष्ट्रीय उपनिदेशक सब्यसाची मित्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किये.

मध्य प्रदेश की तरफ से परियोजना निदेशक ए. के. उपमन्यु ने एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर किये.

यह परियोजना सिंचाई की कार्यदक्षता और जल की उत्पादकता को अधिकतम संभव सीमा तक बेहतर बनाकर मध्य प्रदेश सरकार के सिंचाई के विस्तार और आधुनिकीकरण कार्यक्रम की मदद करेगी.

समझौता से संबंधित मुख्य तथ्य:

• यह समझौता मध्य प्रदेश सिंचाई कार्यदक्षता में सुधार करेगा तथा बेहद कार्यकुशल और जलवायु परिवर्तन से अप्रभावित रहने वाले सिंचाई नेटवर्क का भी विस्तार करेगा.

• यह समझौता मध्य प्रदेश के 400 गावों में जल के प्रयोग के तरीके को सुधार कर 8 लाख से अधिक लोगों को लाभ पहुंचायेगी.

• एडीबी से मिलने वाली राशि का प्रयोग सिंचाई की कार्यदक्षता को बढ़ाने के लिये एक विशालकाय दाब पर आधारित और स्वाचलित सिंचाई प्रणाली के विकास के लिये किया जायेगा.

• यह परियोजना डिजायन-बिल्ड-ऑपरेट आधार पर संस्थागत नवाचार को प्रोत्साहित करेगी.

• यह परियोजना दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी.

• कुंडलिया सिंचाई परियोजना में यह 125,000 हेक्टेयर भूमि के लिये नयी एवं अत्यधिक कार्यकुशल और जलवायु परिवर्तन से अप्रभावित रहने वाली सिंचाई प्रणाली का विकास करेगी. इसमें दो बड़े पंपिंग स्टेशनों का निर्माण शामिल है जो कि जलापूर्ति कक्षों में पानी की आपूर्ति करेंगे जहां से भूमिगत पाइपों के नेटवर्क के जरिये जल की आपूर्ति खेतों में की जायेगी.

• यह परियोजना किसानों को नकदी फसलों की सिंचाई के लिये सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने में भी मदद करेगी.

• मौजूदा संजय सरोवर सिंचाई परियोजना को एक बेहतर डिजायन वाली परियोजना में विकसित करने के लिये लिये एक व्यापक आधुनिकीकरण संभावना अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेगी.

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