अमेरिका बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता  

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता के तौर पर भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार करने के लिए अपना योगदान देने के लिए तेल आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों को कम करने के लिए प्रमुख तेल उत्पादकों को बार-बार बुलाया था.

Created On: Mar 16, 2021 18:03 ISTModified On: Mar 18, 2021 09:41 IST

फरवरी, 2021 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब को भारत के दूसरे सबसे बड़े तेल आपूर्तिकर्ता के तौर पर पछाड़ दिया, क्योंकि रिफाइनर्स ने ओपेक - पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन - द्वारा आपूर्ति कटौती की भरपाई करने के लिए सस्ते अमेरिकी कच्चे तेल की खरीद को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाया.

तेल की आपूर्ति में यह परिवर्तन, अमेरिकी कच्चे तेल की कम मांग से प्रेरित होकर, सऊदी के स्वैच्छिक अतिरिक्त 01 मिलियन बीपीडी उत्पादन कटौती के साथ हुआ, जो ओपेक + और उसके सहयोगियों द्वारा एक समझौते के शीर्ष कार्यक्रम के तहत कम उत्पादन को बनाए रखने के लिए निर्धारित की गई थी.

दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता के तौर पर भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार करने के लिए अपना योगदान देने के लिए तेल आपूर्ति पर लगे प्रतिबंधों को कम करने के लिए प्रमुख तेल उत्पादकों को बार-बार बुलाया था. देश ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी में योगदान के लिए सऊदी की स्वैच्छिक कटौती की ओर भी इशारा किया था.

अमेरिका से बढ़ी तेल की आपूर्ति

अमेरिका  - वैश्विक शीर्ष उत्पादक - से भारत द्वारा तेल का आयात पिछले महीने की तुलना में फरवरी, 2021 में 4845% बढ़कर 5,45,300 बैरल प्रति दिन (bpd) हो गया था. यह पिछले महीने भारत के कुल आयात का 14% हिस्सा था.

इसके विपरीत, सऊदी से फरवरी, 2021 में आयात पिछले महीने से 42% घटकर से एक दशक के निचले स्तर पर 4,45,200 बीपीडी तक आ गया. सऊदी अरब, जो लगातार भारत के शीर्ष दो आपूर्तिकर्ताओं में से एक रहा है, जनवरी, 2006 के बाद पहली बार 4थ स्थान पर आ गया है.

अमेरिका से आपूर्ति में वृद्धि क्यों हुई?

चूंकि अमेरिका में मांग कम थी और रिफाइनरियां कम दरों पर चल रही थीं, अमेरिकी कच्चे तेल को कहीं और निर्यात करने की जरुरत थी और एशिया को एकमात्र ऐसे क्षेत्र के रूप में पहचाना गया, जिसमें तेजी से मांग में बढ़ोतरी देखी गई.

इराक अभी भी है भारत का शीर्ष तेल विक्रेता

इराक अभी भी भारत का शीर्ष तेल है. पांच महीने के निचले स्तर पर तेल खरीद में 23% की गिरावट के बावजूद देश ने 8,67,500 बीपीडी के साथ अपनी स्थिति बनाए रखी है.

ओपेक के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक के तौर पर, इराक ने कई भारतीय रिफाइनर को तेल की वार्षिक आपूर्ति कम कर दी. इराक द्वारा समूह के उत्पादन समझौते के तहत अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया था.

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