भीलवाड़ा मॉडल क्या है? इससे कैसे कंट्रोल हुआ कोविड-19

राजस्थान का भीलवाड़ा मॉडल कोरोना वायरस से निपटने हेतु देश के सामने एक उदाहरण साबित हो सकता है. भीलवाड़ा में जब पहली बार कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस सामने आए तो ऐसा लगा कि जैसे भीलवाड़ा भारत का दूसरा इटली बनने जा रहा है.

Created On: Apr 8, 2020 12:22 ISTModified On: Apr 8, 2020 12:32 IST

सरकार देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने हेतु हर संभव प्रयास करने में जुटी है. देश में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने हेतु केंद्र और राज्य सरकारें हर संभव कदम उठा रही है. जनता कर्फ्यू़ लॉकडाउन, संपूर्ण लॉकडाउन लगाए जाने के बाद भी कोरोना वायरस के पॉजीटिव मरीजों की संख्‍या में लगातार वृद्धि हो रहा है.

राजस्थान का भीलवाड़ा मॉडल कोरोना वायरस से निपटने हेतु देश के सामने एक उदाहरण साबित हो सकता है. भीलवाड़ा में जब पहली बार कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस सामने आए तो ऐसा लगा कि जैसे भीलवाड़ा भारत का दूसरा इटली बनने जा रहा है. हालांकि, राजस्थान सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और पूरे शहर में कर्फ्यू लगाकर बॉर्डर सील कर दिया. कोरोना से लड़ने के लिए भीलवाड़ा मॉडल को देश में लागू किया जा सकता है.

भीलवाड़ा मॉडल को काफी सराहा

भारत सरकार ने राजस्थान सरकार के भीलवाड़ा मॉडल को काफी सराहा है और यह ब्योरा मांगा है कि किस तरह से भीलवाड़ा शहर में कोरोना पॉजिटिव लोगों का इलाज किया गया और कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका गया.

भीलवाड़ा मॉडल क्या है?

राजस्थान के भीलवाड़ा में कोरोना वायरस से निपटने को लेकर अपनाई गई नीति पूरे देश में लागू हो सकती है. राजस्थान के भीलवाड़ा में एक डॉक्टर के संक्रमित होने के बाद वहां तेजी से कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ी, लेकिन बाद में यह आंकड़ा 27 मरीजों से अधिक नहीं बढ़ा.

पॉजिटिव मरीज सामने आते ही भीलवाड़ा में कर्फ्यू लगाकर सीमाएं सील कर दी गईं. भीलवाड़ा में जिले के सभी निजी अस्पतालों और होटलों को अधिगृहीत कर लिया गया. लॉकडाउन कि सख्ती से पालना और घर-घर स्क्रीनिंग की गई. इसके अतिरिक्त जनप्रतिनिधियों, मीडिया और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शहर में प्रवेश नहीं दिया गया. जिला प्रशासन और पुलिस के भी कुछ ही अधिकारी शहर में गए.

भीलवाड़ा में लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने पर जोर दिया गया. इन सबके चलते भीलवाड़ा में कोरोना वायरस के मामले आगे नहीं बढ़े. भीलवाड़ा में कई संक्रमित मरीज ठीक हो गए. भीलवाड़ा में पिछले 17 दिन से कर्फ्यू लगा हुआ है. 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भीलवाड़ा में लगभग 18 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का काम 10 दिनों के अंदर किया गया. इसके अतिरिक्त जितने भी लोग सर्दी जुकाम के मरीज थे सभी को घरों से निकालकर क्वारनटीन किया गया. राजस्थान सरकार ने भीलवाड़ा के सभी फाइव स्टार और थ्री स्टार होटल, रिजॉर्ट और प्राइवेट अस्पतालों का अधिग्रहण किया और यहां पर कोरोना के लक्षण पाए गए लोगों को क्वारनटीन किया. भीलवाड़ा में 27 लोगों में से अब सिर्फ सात लोग कोरोना पॉजिटिव बचे हैं बाकी 20 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं.

केंद्र सरकार ने विस्तृत जानकारी मांगी

केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने प्रदेश के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता से भीलवाड़ा मॉडल को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी. केंद्र सरकार ने राजस्थान सरकार के भीलवाड़ा मॉडल को काफी सराहा है और यह ब्योरा मांगा है कि किस तरह से भीलवाड़ा शहर में कोरोना पॉजिटिव लोगों का इलाज किया गया और कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोका गया. मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने हाल ही में सीएम अशोक गहलोत की समीक्षा बैठक में इसकी जानकारी दी. केंद्रीय कैबिनेट सचिव ने मुख्य सचिव के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी.

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