ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में भारत 77वें स्थान पर

भारत का यह रैंकिंग अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. दस में से 8 मानकों में भारत की स्थिति सुधरी है. दरअसल, पिछले वर्ष 190 देशों की सूची में भारत को पहली बार शीर्ष 100 में जगह मिली थी.

Created On: Nov 2, 2018 09:42 ISTModified On: Nov 2, 2018 09:42 IST

विश्व बैंक की 'ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस' रिपोर्ट में भारत ने 23 स्थानों की ज़बरदस्त छलांग लगाते हुए 77वां स्थान हासिल किया है. विश्व बैंक ने 31 अक्टूबर 2018 को वैश्विक कारोबार सुगमता (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) रिपोर्ट जारी की. भारत का यह रैंकिंग अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. दस में से 8 मानकों में भारत की स्थिति सुधरी है.

दरअसल, पिछले वर्ष 190 देशों की सूची में भारत को पहली बार शीर्ष 100 में जगह मिली थी. पिछले 2 वर्षों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स की रैंकिंग में सुधार करने वाले टॉप 10 देशों में भारत भी शामिल है. वहीं, दक्षिण एशियाई देशों में भारत की रैंक फर्स्ट है. इससे पहले साल 2014 में भारत 6वें स्थान पर था.

दुर्लभ उपलब्धि:

भारत द्वारा ‘कारोबार में सुगमता’ सूचकांक में लगाई गई 23 पायदानों की ऊंची छलांग निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पिछले वर्ष इस सूचकांक में भारत ने अपनी रैंकिंग में 30 पायदानों की जबर्दस्त छलांग लगाई थी जो भारत के आकार वाले किसी भी विशाल एवं विविधतापूर्ण देश के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है.

मुख्य बिंदु:

•    कारोबार सुगमता रैंकिंग में न्यूजीलैंड शीर्ष पर है. उसके बाद क्रमश: सिंगापुर, डेनमार्क और हांगकांग का नंबर आता है.

•    सूची में अमेरिका आठवें, चीन 46वें और पाकिस्तान 136वें स्थान पर है. विश्व बैंक ने इस मामले में सबसे अधिक सुधार करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में भारत को दसवें स्थान पर रखा है.

•    भारत ने दो वर्षों में अपनी रैंकिंग में 53 पायदानों की ऊंची छलांग लगाई है जो डूइंग बिजनेस आकलन में वर्ष 2011 के बाद किसी भी बड़े देश द्वारा दो वर्षों में किये गये सर्वाधिक बेहतरी को दर्शाता है.

पिछले कुछ सालों में भारत की रैंकिंग:

वर्ष

रैंकिंग

साल 2018

77वां रैंक

 

साल 2017

100वां रैंक

 

साल 2016

130वां रैंक

 

साल 2015

 

130वां रैंक

 

साल 2014

 

142वां रैंक

यह रैंकिंग कैसे तय होती है?

भारत ने वर्ष 2003 से अब तक 37 बड़े सुधार लागू किए हैं. इस रिपोर्ट में वर्ष 2017 में दिल्ली और मुंबई को शामिल किया गया था. रिपोर्ट में किसी कारोबार को शुरू करना, कंस्ट्रक्शन परमिट, क्रेडिट मिलना, छोटे निवेशकों की सुरक्षा, टैक्स देना, विदेशों में ट्रेड, कॉन्ट्रैक्ट लागू करना और दिवालिया शोधन प्रक्रिया को आधार बनाया जाता है.

इन छह मामलों में अच्छे प्रदर्शन से भारत की रैंकिंग सुधरी:

 छह मामलों में अच्छे प्रदर्शन

2018-19 में रैंक

2017-18 में रैंक

बिजनेस की शुरुआत

137

156

कंस्ट्रक्शन परमिट

52

181

बिजली की उपलब्धता

24

29

कर्ज की उपलब्धता

22

29

सीमा पार कारोबार

80

146

कॉन्ट्रैक्ट में आसानी

163

164

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के बारे में:

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस से अर्थ है कि देश में कारोबार करने में कारोबारियों को कितनी आसानी होती है. कारोबार के नियामकों और उनके नियमों के अनुसार 10 मानकों पर कारोबार करने की शर्तों को देखा जाता है कि किसी देश में ये कितना आसान या मुश्किल है. डूईंग बिजनेस रैंकिंग डिस्टेंस टू फ्रंटियर (डीटीएफ) के आधार पर तय किया जाता है और ये स्कोर दिखाता है कि वैश्विक मानकों पर अर्थव्यवस्था कारोबार के मामले में कितना अच्छा प्रदर्शन कर रही है. वर्ष 2018 में भारत का डीटीएफ स्कोर पिछले साल के 60.76 से बढ़कर 67.23 पर आ गया है.

यह भी पढ़ें: भारत में समावेशी विकास को बढ़ावा देने हेतु सख्त मज़दूरी नीति लागू करने की ज़रुरत: ILO

 

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Comment ()

Related Stories

Post Comment

4 + 6 =
Post

Comments

    Whatsapp IconGet Updates

    Just Now