Search
LibraryLibrary

मुंबई में विदेशियों की सैलरी सबसे अधिक: HSBC सर्वे

Feb 27, 2018 12:44 IST

    एचएसबीसी द्वारा कराये गये एक सर्वे के अनुसार मुंबई में जो विदेशी कार्यरत हैं उनकी आय विश्व के अन्य देशों में कार्यरत विदेशियों की तुलना में सबसे अधिक है. इस सूची में यूरोप की अपेक्षा एशिया के देश टॉप पर हैं.

    एचएबीसी एक्स पैट सर्वे के अनुसार, अधिक सैलरी देने में एशियाई शहर शंघाई, जकार्ता, हांगकांग टॉप टेन सूची में शामिल हैं. भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में काम करने वाले विदेशियों को औसतन 1.40 करोड़ रुपये वार्षिक आय मिलती है. यह रकम ग्लोलबल एवरेज के लगभग दोगुनी है.

    एचएसबीसी एक्सपैट एक्सप्लोरर सर्वे

    •    एचएसबीसी एक्सपैट एक्सप्लोरर सर्वे के अनुसार मुंबई में काम रहे प्रवासियों को सबसे ज्यादा सैलरी दी जाती है.

    •    मुंबई ने इस मामले में अमेरिका और यूरोप के कई शहरों को भी पीछे छोड़ दिया है.

    •    सर्वे के अनुसार मुंबई में काम रहे विदेशी औसत 1.4 करोड़ रुपये वार्षिक प्राप्त कर रहे हैं, जबकि दुनिया का औसत 64 लाख रुपये है.

    •    यह सर्वे 52 शहरों में 27587 विदेशी कर्मचारियों पर किया गया है, जिसमें यह आंकड़े सामने आए हैं.

    •    मुंबई के बाद सैन फ्रांसिको का नाम है, जहां लोगों को औसत 1.34 करोड़ रुपये सैलरी मिलती है.

    •    वहीं इस सूची में तीन एशियाई शहर शंघाई, जकार्ता और हॉन्ग कॉन्ग का नाम शामिल है.

    •    एचएसबीसी सर्वे के अनुसार पूरे विश्व की औसत कमाई की बात करें तो विदेशी 1 लाख डॉलर यानि 64.6 लाख रुपये कमाते हैं.

    •    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस 1.8 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या वाले शहर मुंबई में रोजगार के अवसर अमेरिका और यूके के कई शहरों जैसे लंदन, सन फ्रांसिस्को और न्यूयॉर्क से कम है.

     

    वीडियो: इस सप्ताह के करेंट अफेयर्स घटनाक्रम जानने के लिए देखें


    एक्सपैट तथा अप्रवासी में अंतर

    एक्सपैट तथा अप्रवासी नागरिकों में सबसे बड़ा अंतर यही है कि एक्सपैट उस देश अथवा शहर में काम करने के लिए आते हैं जबकि अप्रवासी नागरिक स्थायी तौर पर उस स्थान पर आकर बस जाते हैं. एक्सपैट को एक सीमित अवधि के लिए विदेश में काम करने के लिए भेजा जाता है या वह नौकरी प्राप्त करता है जबकि अप्रवासी व्यक्ति अपनी मर्जी से दूसरे देश में स्थाई रूप से रहने लगता है.

    यह भी पढ़ें: सऊदी अरब में महिलाओं को सेना में भर्ती होने की अनुमति दी गई

    Is this article important for exams ? Yes

    DISCLAIMER: JPL and its affiliates shall have no liability for any views, thoughts and comments expressed on this article.

    Newsletter Signup

    Copyright 2018 Jagran Prakashan Limited.
    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK