Zydus Cadila ने DGCI से मांगी आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी, जानें विस्तार से

जायडस कैडिला ने दवा नियामक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के समक्ष आवेदन दिया है. इसमें उसने अपनी डीएनए वैक्सीन Zycov-D के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी की मांग की है. यह वैक्सीन 12 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए है.

Created On: Jul 2, 2021 12:47 ISTModified On: Jul 2, 2021 12:47 IST

बेंगलुरु बेस्ड फार्मास्युटिकल कंपनी जायडस कैडिला (Zydus Cadila) ने ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से 12 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए अपनी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है.

अगर डीसीजीआई से इस वैक्सीन को मंजूरी मिल जाती है तो फिर देश में जारी टीकाकरण अभियान में जल्द ही यह वैक्सीन शामिल हो सकती है. भारत में जल्द ही 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई जा सकती है.

आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मांगी

जायडस कैडिला ने दवा नियामक ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) के समक्ष आवेदन दिया है. इसमें उसने अपनी डीएनए वैक्सीन Zycov-D के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी की मांग की है. यह वैक्सीन 12 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए है.

10 करोड़ खुराक का उत्पादन

यह वैक्सीन 12 वर्ष की उम्र से 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चों के लिए कोरोनावायरस बीमारी (Covid-19) के खिलाफ डीएनए वैक्सीन है. जायडस कैडिला के तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण डेटा के अनुसार Zycov-D 12 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए सुरक्षित है. कंपनी ने सालाना कोविड-19 टीकों की 10 करोड़ खुराक का उत्पादन करने की योजना बनाई है.

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने क्या कहा?

हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि बच्चों के लिये कोविड-19 टीकों की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी और इससे स्कूल खुलने और उनके लिए बाहर की गतिविधियों का रास्ता खुलेगा.

ZyCoV-D एक डीएनए कोविड वैक्सीन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ZyCoV-D एक डीएनए कोविड वैक्सीन है, जो वायरस के उस हिस्से के आनुवंशिक कोड को वहन करता है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को ट्रिगर करता है. यह इस तरह के प्राधिकरण के लिए आवेदन करने वाला दूसरा स्वदेशी COVID-19 वैक्सीन होगा और साथ ही कोरोनावायरस के खिलाफ दुनिया का पहला डीएनए वैक्सीन होगा.

भारत बायोटेक ने क्या कहा?

भारत बायोटेक के टीके कोवैक्सीन के दो से 18 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों पर किये गए दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण के आंकड़ों के सितंबर तक आने की उम्मीद है. इसके साथ ही अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर के टीकों को भी अनुमति मिलने की संभावना जताई जा रही है.

भारत ने अब तक तीन टीकों को मंजूरी दी है

भारत ने कोविड-19 के खिलाफ अब तक तीन टीकों को मंजूरी दी है. इसमें कोवैक्सिन (भारत बायोटेक), कोविशील्ड (सीरम इंस्टीट्यूट), और रूसी स्पुतनिक वी. कोविशील्ड को एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित किया गया है.

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