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अर्थव्यवस्था

  • डेबिट कार्ड पर छपे 16 अंक क्या बताते है?

    डेबिट कार्ड पर लिखे गए नंबरों का क्या अर्थ होता है? डेबिट कार्ड पर दी गई संख्याओं की पहचान कैसे करें? कार्ड नंबर क्या है और डेबिट कार्ड पर 16 अंकों का क्या मतलब होता है? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो अक्सर पूछे जाते हैं. पूरी जानकारी के लिए आइये देखते हैं.

    May 10, 2019
  • कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी किसे कहते हैं और भारत में इस पर कितना खर्च होता है?

    कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी का सीधा मतलब कंपनियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में बताना है. भारत में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (CSR) के नियम अप्रैल 1, 2014 से लागू हैं. इसके अनुसार, जिन कम्पनियाँ की सालाना नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये या सालाना आय 1000 करोड़ की या सालाना लाभ 5 करोड़ का हो तो उनको CSR पर खर्च करना जरूरी होता है. यह खर्च तीन साल के औसत लाभ का कम से कम 2% होना चाहिए.

    May 6, 2019
  • मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट से भारत को क्या फायदे होंगे?

    "मेक इन इंडिया" एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमे बहुराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियों को अपने उत्पाद भारत में बनाने के लिए प्रेरित करने के लिए कदम उठाने की बात कही गयी हैl इस प्रोजेक्ट का एकमात्र उद्देश्य लगभग 25 आर्थिक क्षेत्रों में अधिकतम रोजगार सृजन और कौशल बृद्धि पर ध्यान केंद्रित करना है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण मिस्टर वीदेन कैनेडी (Wieden Kennedy) ने किया था l

    Apr 25, 2019
  • जानें फर्जी GST बिल की जाँच कैसे करें?

    भारत सरकार ने 1 जुलाई, 2017 से पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने का फैसला किया है. शुरुआत के दिनों में बिना एयर कंडीशनर (AC) वाले रेस्टोरेंट में उपभोक्ताओं के बिल पर 12% की दर से GST लगाया जाता था और एयर कंडीशनर (AC) वाले रेस्टोरेंट में 18% की दर से. लेकिन वर्तमान में एयर कंडीशनर (AC) और बिना एयर कंडीशनर (AC) वाले रेस्टोरेंट में अब कर की दर को घटाकर 5% कर दिया गया है. कुछ चालाक रेस्टोरेंट मालिक एक फर्जी GST नम्बर बिल पर छाप कर ग्राहकों से GST वसूल रहे हैं जो कि ग्राहक के साथ धोखा है. यह लेख इसी धोखे से बचने के उपाय पर आधारित है.

    Apr 25, 2019
  • मुद्रा क्या होती है और यह कितने प्रकार की होती है?

    सामान्य अर्थों में ‘मुद्रा’ सिर्फ उस वस्तु को कहते हैं जिसको केंद्र सरकार ने सिक्कों या नोटों के रूप में छापा है परन्तु मुद्रा की सर्व व्यापक परिभाषा यह है कि “मुद्रा वह है जो कि मुद्रा का कार्य करे”|भारत में पत्र मुद्रा को निर्गत करने का अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक को है जबकि इस पर लिखी गयी राशि के भुगतान का अंतिम दायित्व भारत सरकार का होता है| सभी सिक्कों और एक रुपये के नोट बनाने का अधिकार भारत सरकार के वित्त मंत्रालय का पास है |

    Apr 22, 2019
  • बेरोजगारी कितने प्रकार की होती है और भारत में कैसी बेरोजगारी पायी जाती है?

    बेरोजगारी की परिभाषा हर देश में अलग अलग होती है जैसे अमेरिका में यदि किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता /क्वालिफिकेशन के हिसाब से नौकरी नही मिलती है तो उसे बेरोजगार माना जाता है. सामान्य तौर पर बेरोजगार उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कि बाजार में प्रचलित मजदूरी दर पर काम तो करना चाहता है लेकिन उसे काम नही मिल पा रहा है.

    Apr 19, 2019
  • जानें हर भारतीय के ऊपर कितना विदेशी कर्ज है?

    भारत का विदेशी ऋण स्टॉक मार्च 2016 के अंत में 485.6 बिलियन अमरीकी डॉलर था जो कि मार्च 2015 के 475 बिलियन अमरीकी डॉलर से 2.2 % या 10.6 बिलियन अमरीकी डॉलर बढ़ गया है l लेकिन यदि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की नजर से देखा जाये तो 2015 में यह कर्ज GDP का 23.8% था जो कि 2016 में घटकर 23.7% रह गया है l

    Apr 17, 2019
  • यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई): परिभाषा, विशेषताएं, लाभ और हानि

    यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) एक देश के लोगों को एक मुश्त फिक्स धनराशि देने की योजना है. इसमें लाभार्थियों का चयन करने के लिए उनकी आय, रोजगार की स्थिति, भौगोलिक स्थिति इत्यादि का आकलन नहीं किया जायेगा. यूबीआई का उद्देश्य देश में गरीबी को कम करना और नागरिकों में आर्थिक समानता बढ़ाना है. UBI को शुरू करने का विचार वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2016-17 के आर्थिक सर्वेक्षण में रखा था.

    Apr 16, 2019
  • भारत की मुख्य योजनाएं जिन्हें विश्व बैंक की सहायता प्राप्त है?

    2 फरवरी, 2018 को भारत सरकार और विश्व बैंक ने वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा नदी पर अपना पहला आधुनिक अंतर्देशीय जल परिवहन विकसित करने के लिए $ 375 मिलियन के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस लेख में द्वारा भारत में विश्व बैंक की सहायता से चलायी जा रही कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में बताया गया है.

    Apr 10, 2019
  • स्विस बैंक में खाता खोलने के लिए क्या योग्यता होती है?

    वर्ष 1713 में जिनेवा में हुई “ग्रेट काउन्सिल ऑफ़ जेनेवा” की बैठक में बैंकों के लिए नियम बनाये गए कि वे अपने ग्राहकों की बैंक डिटेल को किसी अन्य व्यक्ति को नहीं देंगे. तभी से स्विस बैंक के खाते पूरी दुनिया में सबसे सुरक्षित खातों के रूप में मशहूर हो गये हैं. स्विट्ज़रलैंड की बैंकों में खाता खुलवाने के लिए लगभग 1 लाख डॉलर रुपयों की जरुरत होती है.

    Apr 10, 2019
  • भारत सरकार दुनिया में किस किस से कर्ज लेती है?

    भारत में लोकतान्त्रिक तरीके से चुनी गयी सरकार काम करती है इसलिए इसका मुख्य लक्ष्य लोगों के कल्याण में वृद्धि करना होता है. यदि जनहित के कार्यों के लिए सरकार के पास रुपयों की कमी पड़ती है तो वह विभिन्न स्रोतों से उधार मांगकर खर्च करती है. इस लेख में यह बताया गया है कि सरकार किन-किन तरीकों और स्रोतों से रुपया उधार मांगती है.

    Apr 5, 2019
  • दुनिया के किन देशों में आयकर नही लगता है?

    दुनिया के हर देश में सरकारें लोगों के ऊपर आयकर लगतीं हैं और इस आयकर के रूप में इकट्ठे हुए रुपयों की मदद से लोगों के कल्याण के लिए आधारभूत संरचना का विकास करतीं हैं. लेकिन दुनिया में सऊदी अरब, क़तर और बहामास जैसे देश भी हैं जहाँ पर लोगों से आयकर नही लिया जाता है. इस लेख में ऐसे ही कुछ देशों के बारे में बताया जा रहा है.

    Apr 3, 2019
  • आप बिना एम्प्लोयेर की अनुमति के कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) का पैसा कैसे निकाल सकते हैं?

    जब कोई व्यक्ति किसी कंपनी में काम करना शुरू करता है तो उसकी बेसिक सैलरी का 12% PF के लिए काटा जाता है और इतना ही योगदान कंपनी (Employer) की तरफ से दिया जाता है | व्यक्ति की सैलरी का 12% कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में पूरा जमा हो जाता है जबकि कंपनी द्वारा किया गये योगदान का केवल 3.67% ही EPF में जमा होता है बकाया का 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (Employee’s Pension Scheme-EPS) में जमा हो जाता है |

    Apr 3, 2019
  • मेरिट और गैर मेरिट वस्तुएं क्या होतीं हैं?

    मेरिट वस्तुओं को उत्कृष्ट वस्तुएं भी कहा जाता है. सरकार जिन वतुओं के उपयोग को जनहित के लिए बढ़ाना चाहती है उनको मेरिट वस्तुएं कहा जाता है. सरकार जिन वस्तुओं के उपयोग को समाज के लिए हानिकारक समझतीं हैं तथा उन पर रोक लगाती है. ऐसी वस्तुओं को गैर मेरिट वस्तुएं कहा जाता है. उदाहरण: शराब, गांजा, अफीम और अन्य ड्रग्स इत्यादि.

    Mar 30, 2019
  • ट्राईफेड क्या है और इसके क्या उद्येश्य हैं?

    TRIFED का पूरा नाम “द ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया” है. यह 1987 में स्थापित किया गया था जबकि इसने अप्रैल 1988 से अपना काम शुरू किया था. ट्राइफेड का मूल उद्देश्य आदिवासी लोगों द्वारा जंगल से एकत्र किये गए या इनके द्वारा बनाये गए उत्पादों को बाजार में सही दामों पर बिकवाने की व्यवस्था करना है.

    Mar 29, 2019