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अम्ब्रेला स्कीम किससे संबंधित है और इसके क्या फायदे हैं?

Dec 20, 2017
अम्ब्रेला स्कीम विशेषकर महिलाओं की देखभाल, सुरक्षा और विकास की योजना हैं. 22 नवंबर, 2017 को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने अम्ब्रेला स्कीम मिशन को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं के विस्तार के लिए अपनी मंजूरी प्रदान की. इस लेख के माध्यम से अम्ब्रेला स्कीम क्या है और इसके क्या फायदे है के बारे में जानते हैं.

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जानें भारत में 200, 500 और 2000 रुपये का एक नोट कितने रुपये में छपता है?

Dec 20, 2017
भारत में नोट छापने का एकाधिकार यहाँ के केन्द्रीय बैंक अर्थात भारतीय रिज़र्व बैंक के पास है. भारतीय रिज़र्व बैंक पूरे देश में एक रुपये के नोट को छोड़कर सभी मूल्यवर्गों (denominations) के नोट छापता है. रिज़र्व बैंक ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि 200 रुपये के एक नोट को छापने की लागत 2.93 रुपए, 500 रुपये को छापने की लागत 2.94 रुपए और 2000 रुपये का एक नोट छापने के लिए 3.54 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.

वित्तीय समाधान एवं जमा बीमा बिल कैसे ग्राहकों के बैंक में जमा धन को प्रभावित करेगा?

Dec 15, 2017
सरकार ने लोकसभा में अगस्त में FRDI बिल, 2017 रखा था, जिसे संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा गया है. अब इसे संसद के शीतकालीन सत्र में सामने लाया जाएगा. इस बिल में वित्तीय सेवा प्रदाताओं के दिवालियापन से निपटने की बात की गई है. इस बिल में यह प्रावधान है कि बैंक लोगों के जमा धन को वित्तीय संकट के समय देने से मना कर सकता है.

भारत में कम पूँजी में कौन कौन से बिज़नेस शुरू कर सकते हैं?

Dec 7, 2017
इस लेख में हम बेरोजगार लोगों को रोजगार दिलाने के लिए कुछ ऐसे व्यवसायों के बारे में बता रहे हैं जो कि थोड़ी पूँजी की सहायता से शुरू किये जा सकते है. इस लेख में हमने यह भी बताया है कि कौन सा बिज़नेस 10 हजार रुपये में और कौन सा 50 हजार या उससे अधिक का निवेश करने पर खोला जा सकता है. लोगों की सुविधा के लिए यहाँ यह भी बताया गया है कि रुपये की व्यवस्था कहाँ से करें.

बिटकॉइन (Bitcoin) मुद्रा क्या है और कैसे काम करती है?

Nov 30, 2017
बिटकॉइन डिजिटल मुद्रा का एक रूप है सरल शब्दों में, यह एक गणितीय संरचना है जो एल्गोरिदम पर चलता है। इसे किसने विकसित किया था इसके बारे में कोई भी ठोस सबूत नही है लेकिन छदम रूप से इसके संस्थापक का नाम ‘सोतशी नाकामोतो’ माना जाता हैl जिस तरह रुपए, डॉलर और यूरो खरीदे जाते हैं, उसी तरह बिटकॉइन की भी खरीद होती है। ऑनलाइन भुगतान के अलावा इसको पारम्परिक मुद्राओं में भी बदला जाता है।

RBI द्वारा किस प्रकार पूरे देश में करेंसी का वितरण किया जाता है?

Nov 24, 2017
करेंसी चेस्ट या "मुद्रा तिजोरी" की स्थापना बैंक नोट के वितरण को सुचारू रूप से चलाने हेतु RBI ने की है. करेंसी चेस्ट खोलने के लिए RBI,बैंकों की चुनिन्दा शाखाओं को अधिकृत करती है. इन करेंसी चेस्ट में RBI के द्वारा बैंक नोटों का भंड़ारण किया जाता है. करेंसी चेस्ट अपने पास के क्षेत्र में आने वाले अन्य बैंक की शाखाओं को बैंक नोट की आपूर्ती करता है.

भारत में सिक्कों का आकार क्यों घटता जा रहा है?

Nov 23, 2017
भारत में सिक्के बनाने का काम वित्त मंत्रालय 4 टकसालों के माध्यम से करता है. भारत सरकार कोशिश करती है कि किसी भी सिक्के की मेटलिक वैल्यू उसकी फेस वैल्यू से कम ही रहे क्योंकि यदि ऐसा नही होगा तो लोग सिक्के को पिघलाकर उसकी धातु को बाजार में बेच देंगे जिसके कारण भारत के बाजर से सिक्के गायब हो जायेंगे. सिक्कों की मेटलिक वैल्यू घटाने के लिए सरकार उनका आकार छोटा कर रही है.

RBI के नियमों के अनुसार फटे पुराने नोट कैसे और कहाँ बदलें?

Nov 22, 2017
यदि आपके पास पुराने और फटे हुए कागज के नोट रखे हुए हैं तो आप इन नोटों को किसी भी वाणिज्यिक बैंक में जाकर बदल सकते हैं. सबसे सुविधाजनक बात यह है कि जिस बैंक में आप ये नोट बदलने जा रहे हैं उसमे आपका बचत खाता या कोई और खाता होना जरूरी नही है. रिज़र्व बैंक (RBI) के नियमों के कारण कोई भी बैंक आपके फटे-पुराने नोट बदलने से इनकार नहीं कर सकता है.

कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी किसे कहते हैं और भारत में इस पर कितना खर्च होता है?

Nov 20, 2017
कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी का सीधा मतलब कंपनियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में बताना है. भारत में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (CSR) के नियम अप्रैल 1, 2014 से लागू हैं. इसके अनुसार, जिन कम्पनियाँ की सालाना नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये या सालाना आय 1000 करोड़ की या सालाना लाभ 5 करोड़ का हो तो उनको CSR पर खर्च करना जरूरी होता है. यह खर्च तीन साल के औसत लाभ का कम से कम 2% होना चाहिए.

जानें उपभोक्ता अदालत में केस दर्ज करने की प्रक्रिया क्या है?

Nov 15, 2017
वर्तमान उपभोक्तावाद के युग में कम्पनियाँ और दुकानदार उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान नही रख रहीं हैं. हर तरह की चीटिंग आये दिन किसी न किसी उपभोक्ता के साथ होती ही रहती है. इसलिए सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम,1986बनाया है.इस लेख में आप यह जानेंगे कि कैसे उपभोक्ता अदालत में केस दर्ज किया जाये.

बीएसई सेंसेक्स में सूचीबद्ध शीर्ष 30 कंपनियों की सूची

Nov 14, 2017
बीएसई सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों को 1986 में शामिल किया गया था. ये सभी बहुत अच्छी बड़ी और वित्तीय रूप से मजबूत कम्पनियाँ हैं. इनके शेयरों की माग बाजार में हमेशा बनी रहती है. अर्थशास्त्र की भाषा में ऐसी कंपनियों को "ब्लू चिप" कम्पनियाँ कहा जाता है.13 नवंबर 2017 तक, बीएसई सेंसेक्स में 31 कंपनियां शामिल थी. इस लेख में आप इन कंपनियों के नाम और उनके शेयरों के मूल्य भी जानेंगे.

किन किन खर्चों के माध्यम से आयकर में छूट प्राप्त की जा सकती है?

Nov 14, 2017
वित्त वर्ष 2017-18 के लिए सामान्य श्रेणी के लिए आयकर में छूट की सीमा 2.5 लाख रूपये तक है. रुपये 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय के लिए 5% की दर से कर देना होगा. ज्ञातव्य है कि सबसे ज्यादा करदाता 5 लाख तक की आय सीमा के लोग हैं. इस लेख के माध्यम से आप यह जान सकते हैं कि मध्य वर्ग के लोग किन-किन खर्चों के माध्यम से आयकर में छूट पा सकते हैं.

भारत में भूख की समस्या: कुछ रोचक तथ्य

Nov 14, 2017
जनगणना 2011 के अनुसार भारत की 22% जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे रह रही है. भारतीय आबादी का एक बड़ा हिस्सा ( 190 मिलियन लोग) रोज खाली पेट सोता हैं. यह लेख भारत में भूख की स्थिति से संबंधित कुछ चौकाने वाले तथ्य बता रहा है. अभी हाल में जारी की गयी वैश्विक भूख सूचकांक रिपोर्ट 2017 में भारत 3 स्थान नीचे खिसककर 100 वें स्थान पर आ गया है.

इस्लामिक बैंकिंग क्या होती है और यह कैसे काम करती है?

Nov 13, 2017
इस्लामिक बैंकिंग, समान्य बैंकिंग व्यवस्था से अलग एक ऐसी बैंकिंग प्रणाली होती है जिसमें ब्याज लेना और देना दोनों ही शरियत के खिलाफ माने जाते हैं, क्योंकि इस्लाम में सूदखोरी को “हराम” माना जाता हैl विश्व में सबसे पहला इस्लामिक बैंक 1974 में मिश्र में खोला गया था l भारत में पहला इस्लामिक बैंक कोच्चि में खुला था जिसमे राज्य की हिस्सेदारी 11% हैl

सेंसेक्स क्या होता है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

Nov 8, 2017
सेंसेक्स में 30 कम्पनियों के शेयर मूल्यों में उतार चढ़ाव का मूल्यांकन किया जाता है.यदि सेंसेक्स बढ़ रहा होता है, तो यह दर्शाता है कि "बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज" (BSE) की ज्यादातर कंपनियों का स्टॉक मूल्य बढ़ गया है और यदि सेंसेक्स में कमी आई तो यह दर्शाता है कि BSE की ज्यादातर कंपनियों का शेयर मूल्य नीचे गिरा है. सेंसेक्स में उतार चढ़ाव का मुख्य कारण इन 30 कंपनियों के मूल्यों में उतार चढ़ाव होता है.

नोटबंदी का एक साल: फायदे और नुकसान का विस्तृत आकलन

Nov 7, 2017
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवम्बर 2016 को पूरे देश में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया था. इस नोटबंदी के बाद पूरे देश में अफरातफरी मच गयी थी. इस लेख में हमने इस नोटबंदी के देश को हुए फायदे और नुकसान के बारे में बताया है.

ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नस सहित अन्य इंडेक्स में भारत की रैंकिंग का विश्लेषण

Nov 2, 2017
भारत अभी हाल ही में विश्व बैंक की ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नस की रैंकिंग में 30 पायदान की छलांग लगाकर पिछले साल के130 वें स्थान से ऊपर खिसककर 100 वें स्थान पर आ गया है. इस रैंकिंग के आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी के साथ भारत के सेंसेक्स में भी बाढ़ सी आ गयी है. इस लेख में हम भारत की पिछले 3 सालों में विभिन्न रैंकों का विश्लेषण दे रहे हैं.

कार्बन ट्रेडिंग किसे कहते हैं और इसका व्यापार कैसे किया जाता है?

Oct 26, 2017
कार्बन क्रेडिट अंतर्राष्ट्रीय उद्योग में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण की योजना है. कार्बन क्रेडिट सही मायने में किसी देश द्वारा किये गये कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने का प्रयास है जिसे प्रोत्साहित करने के लिए मुद्रा से जोड़ दिया गया है. अर्थात कार्बन ट्रेडिंग से सीधा मतलब है कार्बन डाइऑक्साइड का व्यापार.

GST के फायदे और नुकसान: एक विश्लेषण

Oct 24, 2017
वर्तमान में भारत में बिक्री कर, उत्पाद कर, सीमा शुल्क, मनोरंजन शुल्क, चुंगी कर और वैट जैसे अप्रत्यक्ष कर लगते हैं लेकिन 1 जुलाई से इन सभी अप्रत्यक्ष करों के स्थान पर सिर्फ एक कर “वस्तु एवं सेवा कर” लगाया जायेगा. ऐसा करने के बाद भारत दुनिया में GSTलागू करने वाला 166 वां देश बन जायेगा. आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि पाकिस्तान में भी GST लागू है.

विश्व के किन देशों में सबसे ज्यादा टैक्स लगता है?

Oct 24, 2017
हर देश अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए अपने नागरिकों की आय पर, उत्पादन क्रियाओं और सेवाओं पर कर लगाता है. जब सरकार के पास कर इकठ्ठा हो जाता है तो वह इसका प्रयोग देश में आधारभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, शिक्षा, अस्पताल और सड़क बनाने में करता है ताकि लोगों के कल्याण में वृद्धि की जा सके.
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