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अर्थव्यवस्था

  • ट्राईफेड क्या है और इसके क्या उद्येश्य हैं?

    TRIFED का पूरा नाम “द ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया” है. यह 1987 में स्थापित किया गया था जबकि इसने अप्रैल 1988 से अपना काम शुरू किया था. ट्राइफेड का मूल उद्देश्य आदिवासी लोगों द्वारा जंगल से एकत्र किये गए या इनके द्वारा बनाये गए उत्पादों को बाजार में सही दामों पर बिकवाने की व्यवस्था करना है.

    Mar 29, 2019
  • भारत में महत्वपूर्ण समितियों और आयोगों की सूची

    भारत में विभिन्न क्षेत्रों में कई समितियाँ और आयोग बने हैं. इन समितियों और आयोगों की सिफारिशों के आधार पर हमारे देश में कई सुधार हुए हैं. यह देखा गया है कि इन समितियों और आयोगों के आधार पर परीक्षा में कई प्रश्न पूछे जाते हैं. इसलिए प्रतियोगी छात्रों की मदद के लिए हमने यह आर्टिकल भारत में गठित समितियों और आयोगों और उनके कार्यक्षेत्रों के आधार पर बनाया है.

    Mar 29, 2019
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) अपने सदस्य देशों को लोन कैसे देता है?

    अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष अपने सदस्य देशों के प्रतिकूल संतुलन को समाप्त करने के लिए सदस्य देशों को आर्थिक सहायता प्रदान करता है. विश्व में अंतर्राष्ट्ररीय नकदी की समस्या को दूर करने के लिए इसने विशेष आहरण अधिकार (Special Drawing Rights) की शुरुआत 1971 में की थी. SDR एक ऐसी रिज़र्व मुद्रा है जिसके द्वारा IMF का सदस्य देश विदेशी भुगतानों के लिए अन्य सदस्य देशों से अपने कोटे के SDR के बदले में विदेशी मुद्राएँ प्राप्त कर अपने ऋणों या भुगतानों को चुका देता है.

    Mar 22, 2019
  • भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के लिए आरक्षित क्षेत्रों की सूची

    भारत एक मिश्रित अर्थव्यवस्था है जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों  प्रकार की कंपनियों का अस्तित्व है. भारत ने वैश्वीकरण का लाभ लेने के लिए 1991 में नयी आर्थिक नीति को अपनाया था. इस नीति में बहुत से क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया गया था लेकिन भारत में राष्ट्रीय महत्व के 2 क्षेत्र अभी भी केवल सार्वजनिक उद्यमों के लिए आरक्षित हैं. इस लेख में इन्ही क्षेत्रों के बारे में बताया गया है.

    Mar 15, 2019
  • सेस या उपकार क्या होता है और यह कितने प्रकार का होता है?

    सेस; टैक्स के ऊपर लगाया जाने वाला टैक्स है और आमतौर पर विशिष्ट उद्देश्यों के लिए लगाया जाता है. एक बार इसका उद्देश्य हल हो जाता है तो इसको हटा लिया जाता है. सेस से मिलने वाली राशि को भारत सरकार अन्य राज्य सरकारों के साथ साझा नहीं करती है और इससे प्राप्त समस्त कर राशि अपने पास रख लेती है. वर्तमान में भारत में 6 प्रकार के उपकर लगाए जा रहे हैं.

    Feb 21, 2019
  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शहरों का चयन किस प्रक्रिया द्वारा किया जाता है?

    स्मार्ट सिटीज मिशन (SCM) भारत में 100 शहरों के निर्माण के लिए एक शहरी विकास कार्यक्रम है. इसे 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था. स्मार्ट सिटीज मिशन का उद्देश्य देश के 100 शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और नागरिकों को एक स्वच्छ और स्थायी वातावरण प्रदान करना है.

    Feb 18, 2019
  • स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल उत्तर प्रदेश के स्मार्ट शहरों की सूची

    स्मार्ट सिटीज मिशन (SCM) भारत में 100 शहरों के निर्माण के लिए एक शहरी विकास कार्यक्रम है. इसे 25 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था. स्मार्ट सिटीज मिशन का उद्देश्य देश के 100 शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना और नागरिकों को एक स्वच्छ और स्थायी वातावरण प्रदान करना है.

    Feb 18, 2019
  • शून्य आधारित बजट क्या होता है?

    शून्य आधारित बजट में गत वर्षों के व्यय सम्बन्धी आंकड़ों को कोई महत्व नहीं दिया जाता है. इस प्रणाली में कार्य इस आधार पर शुरू किया जाता है कि अगली अवधि के लिए बजट शून्य है जब तक कि प्रत्येक रुपये की मांग का किसी भी कार्य अथवा परियोजना या क्रिया का औचित्य नहीं दिया जाता है. इस शब्द को “पीटर पायर” ने दिया था. सबसे पहले इस बजट को 1970 के दशक में अमेरिका में शुरू किया गया था.

    Feb 18, 2019
  • भारत के 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब और क्यों हुआ था?

    इंदिरा गाँधी सरकार ने 19 जुलाई, 1969 को एक आर्डिनेंस जारी करके देश के 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. जिस आर्डिनेंस के ज़रिये ऐसा किया गया वह ‘बैंकिंग कम्पनीज आर्डिनेंस’ कहलाया था. इस राष्ट्रीयकरण के पीछे सबसे बड़ा कारण बैंकों को केवल कुछ अमीरों के चंगुल से बाहर निकालना था ताकि आम आदमी को भी बैंकिंग क्षेत्र से जोड़ा जाए.

    Feb 6, 2019
  • अंतरिम बजट 2019-20 की खास बातें

    देश का 15वां अंतरिम बजट कार्यवाहक वित्त मंत्री पियूष गोयल द्वारा पेश किया गया है. चूंकि अगले कुछ महीनों में देश में आम चुनाव होने हैं इसलिए इस बजट के लोक लुभावन होने की पहले से ही उम्मीद थी. आइये इस लेख में जानते हैं कि किस वर्ग के लिए क्या क्या है इस बजट में.

    Feb 1, 2019
  • भारत में बजट बनाने में किस तरह की गोपनीयता बरती जाती है?

    भारतीय संविधान का ‘अनुच्छेद 112’ कहता है कि भारत के वित्त मंत्री द्वारा प्रति वर्ष संसद में बजट पेश किया जाना चाहिए| भारत में बजट बनाने के लिए लगभग 100 कर्मचारियों को 7 दिन तक अपने परिवार से दूर, बिना फ़ोन, इन्टरनेट के ख़ुफ़िया विभाग की नजर में एक कमरे में बंद रहना पड़ता है |

    Jan 31, 2019
  • भारत के किन राज्यों में सीनियर सिटीजन को सबसे अधिक वृद्धावस्था पेंशन मिलती है?

    जनगणना 2011 के अनुसार भारत में करीब 104 मिलियन सीनियर सिटीजन्स (60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के) हैं. इन सभी को वृद्धावस्था पेंशन मिलती नहीं मिलती है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस समय देश में 3.5 करोड़ लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है. देश में केरल, दिल्ली, पुदुचेरी और अंदमान के सीनियर सिटीजन्स को हर माह 2000 रुपये मिलते हैं.

    Jan 2, 2019
  • सब्सिडी किसे कहते हैं और यह कितने प्रकार की होती है?

    सब्सिडी एक प्रकार की वित्तीय मदद है जो कि सरकार द्वारा किसानों, उद्योगों, उपभोक्ताओं (मुख्यतः गरीबों) को उपलब्ध करायी जाती है जिसके कारण वांछित लोगों के लिए जरूरी चीजों के दाम नीचे आ जाते हैं l वित्त वर्ष 2016-17 के लिए कुल सब्सिडी बिल 2,32,704.68 करोड़ रुपये था जो कि 2017-18 में 2,40,338.6 करोड़ रुपये होने का अनुमान हैl

    Dec 19, 2018
  • जानें नेपाल ने भारत की करेंसी क्यों बैन की?

    नेपाल ने 14 दिसम्बर 2018 को भारत के 100 रूपए से ऊपर के सभी नोटों को अपने देश में बैन कर दिया है. अर्थात नेपाल जाने वाले भारतीय लोगों (व्यापारी, पर्यटक और आम जन) को नेपाल जाने के लिए 200 रूपए से कम वैल्यू के नोट लेकर ही जाना चाहिए. इस लेख में हम यह विश्लेषण कर रहे हैं कि नेपाल ने यह निर्णय क्यों लिया और इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

    Dec 17, 2018
  • जानिये किसानों के कल्याण के लिए स्वामीनाथन समिति की क्या सिफारिशें थीं?

    अशोक दलवाई समिति की रिपोर्ट के मुताबिक अभी भारत के किसान की औसत आय 77,976 रुपये प्रतिवर्ष है. भारत सरकार ने इसे 2022 तक दुगुना करने का लक्ष्य रखा है. भारत में वर्ष 1995 से 2004 के बीच कुल मिलाकर 1,56,541 किसानों ने आत्महत्या की है. इसका मतलब है कि इस दशक में हर साल लगभग 15,654 किसानों ने आत्महत्या की है. स्वामीनाथन समिति ने किसानों की दशा सुधारने के लिए कई सिफरिसें सरकार को वर्ष 2006 में सौंप दी थी.

    Dec 5, 2018