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अर्थव्यवस्था

  • भारत में सिक्कों का आकार क्यों घटता जा रहा है?

    देश में करेंसी नोटों को छापने के कार्य रिज़र्व बैंक के द्वारा किया जाता है जबकि सिक्कों को बनाने का काम वित्त मंत्रालय के द्वारा किया जाता है. भारत सरकार कोशिश करती है कि किसी भी सिक्के की मेटलिक वैल्यू उसकी फेस वैल्यू से कम ही रहे क्योंकि यदि ऐसा नही होगा तो लोग सिक्के को पिघलाकर उसकी धातु को बाजार में बेच देंगे जिसके कारण भारत के बाजर से सिक्के गायब हो जायेंगे. सिक्कों की मेटलिक वैल्यू घटाने के लिए सरकार उनका आकार छोटा कर रही है.

    Jul 8, 2019
  • भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

    बजट सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया. दरअसल बजट में बहुत से कठिन शब्दों का इस्तेमाल भी किया जाता है जिसके कारण आम लोग इसकी भाषा को ठीक से नही समझ पाते हैं. इसीलिए इस लेख में हमने राजस्व प्राप्तियां, योजनागत व्यय, राजकोषीय घाटा जैसे कुछ शब्दों के बारे में बताया है ताकि वे बजट के प्रभावों को ठीक से समझ सकें.

    Jul 5, 2019
  • जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

    बजट, सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया ? सरकार द्वारा हर साल बजट पेश करने का सीधा मतलब यह है कि सरकार लोगों को यह बताना चाहती है कि सरकार वर्तमान वित्त वर्ष में किन किन योजनाओं पर पैसा खर्च करेगी और उसको इस वर्ष किन स्रोतों आय की उम्मीद है. यही आंकड़े अगले वर्ष और बीते हुए वित्त वर्ष के लिए जारी किये जाते हैं.

    Jul 1, 2019
  • करेंसी स्वैप किसे कहते हैं और इससे अर्थव्यवस्था को क्या फायदे होंगे?

    करेंसी स्वैप का शाब्दिक अर्थ होता है "मुद्रा की अदला बदली". जब दो देश/ कम्पनियाँ या दो व्यक्ति अपनी वित्तीय जरूरतों को बिना किसी वित्तीय नुकसान के पूरा करने के लिए आपस में अपने देशों की मुद्रा की अदला बदली करने का समझौता करते हैं तो कहा जाता है कि इन देशों में आपस में करेंसी स्वैप का समझौता किया है.

    Jul 1, 2019
  • अमेरिका की जीएसपी स्कीम क्या है और इससे हटाने पर भारत को क्या नुकसान होगा?

    जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफ्रेंसेज (GSP) एक अमेरिकी व्यापार कार्यक्रम है. जेनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफ्रेंसेज की स्थापना 1974 के व्यापार अधिनियम द्वारा 1 जनवरी, 1976 को हुई थी. GSP स्कीम के तहत अमेरिका विकाससील और अन्य देशों के उत्पादों को अमेरिका में ड्यूटी फ्री एंट्री प्रदान करता है. अर्थात अमेरिका तरजीह वाले देशों से एक तय राशि के आयात पर शुल्क नहीं लेता है. भारत ने GSP का सबसे अधिक लाभ उठाया है.

    Jun 24, 2019
  • सिबिल स्कोर क्या है और यह आपके लोन लेने की क्षमता को कैसे प्रभावित करता है?

    ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड भारत की पहली क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी है जिसे सामान्य रूप से क्रेडिट ब्यूरो भी कहा जाता है| यह कम्पनी लोगों के व्यक्तिगत लोन, वाहन लोन और क्रेडिट कार्ड इत्यादि के आधार पर लोगों का सिबिल स्कोर (CIBIL Score) बनाती है जिसके आधार पर बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं यह पता लगा लेतीं है कि अमुख व्यक्ति लोन देने के लायक है कि नही |

    May 20, 2019
  • पेटीएम क्रेडिट कार्ड: मुख्य विशेषताएं और फायदे

    पेटीएम का पूर्ण फॉर्म "Pay through Mobile" है. पेटीएम ऑनलाइन शॉपिंग, बिलों का भुगतान, मनी ट्रांसफर आदि की सुविधा प्रदान करता है. हाल ही में पेटीएम ने अपना बहुप्रतीक्षित क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है जिसे “पेटीएम फर्स्ट कार्ड” भी कहा जाता है. आइये इस लेख में पेटीएम क्रेडिट कार्ड की प्रमुख विशेषताओं और लाभों को जानते हैं.

    May 20, 2019
  • 7वें पे कमीशन में एक्राय्ड फॉर्मूला क्या है?

    भारत में पहले वेतन आयोग का गठन जनवरी, 1946 में श्रीनिवास वरादाचरियर की अध्यक्षता में स्थापित किया गया था. भारत में अब तक 7 पे कमीशन बनाये जा चुके हैं और इसकी सिफारिसों को 1 जनवरी 2016 से लागू किया गया है. इस पे कमीशन द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए एक्राय्ड फॉर्मूले का इस्तेमाल किया गया है. यह एक्राय्ड फॉर्मूले क्या है और इसके क्या प्रभाव होंगे? आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं?

    May 16, 2019
  • डेबिट कार्ड पर छपे 16 अंक क्या बताते है?

    डेबिट कार्ड पर लिखे गए नंबरों का क्या अर्थ होता है? डेबिट कार्ड पर दी गई संख्याओं की पहचान कैसे करें? कार्ड नंबर क्या है और डेबिट कार्ड पर 16 अंकों का क्या मतलब होता है? ये कुछ ऐसे प्रश्न हैं जो अक्सर पूछे जाते हैं. पूरी जानकारी के लिए आइये देखते हैं.    

    May 10, 2019
  • कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी किसे कहते हैं और भारत में इस पर कितना खर्च होता है?

    कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी का सीधा मतलब कंपनियों को उनकी सामाजिक जिम्मेदारी के बारे में बताना है. भारत में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (CSR) के नियम अप्रैल 1, 2014 से लागू हैं. इसके अनुसार, जिन कम्पनियाँ की सालाना नेटवर्थ 500 करोड़ रुपये या सालाना आय 1000 करोड़ की या सालाना लाभ 5 करोड़ का हो तो उनको CSR पर खर्च करना जरूरी होता है. यह खर्च तीन साल के औसत लाभ का कम से कम 2% होना चाहिए.

    May 6, 2019
  • मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट से भारत को क्या फायदे होंगे?

    "मेक इन इंडिया" एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसमे बहुराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियों को अपने उत्पाद भारत में बनाने के लिए प्रेरित करने के लिए कदम उठाने की बात कही गयी हैl इस प्रोजेक्ट का एकमात्र उद्देश्य लगभग 25 आर्थिक क्षेत्रों में अधिकतम रोजगार सृजन और कौशल बृद्धि पर ध्यान केंद्रित करना है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण मिस्टर वीदेन कैनेडी (Wieden Kennedy) ने किया था l

    Apr 25, 2019
  • जानें फर्जी GST बिल की जाँच कैसे करें?

    भारत सरकार ने 1 जुलाई, 2017 से पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने का फैसला किया है. शुरुआत के दिनों में बिना एयर कंडीशनर (AC) वाले रेस्टोरेंट में उपभोक्ताओं के बिल पर 12% की दर से GST लगाया जाता था और एयर कंडीशनर (AC) वाले रेस्टोरेंट में 18% की दर से. लेकिन वर्तमान में एयर कंडीशनर (AC) और बिना एयर कंडीशनर (AC) वाले रेस्टोरेंट में अब कर की दर को घटाकर 5% कर दिया गया है. कुछ चालाक रेस्टोरेंट मालिक एक फर्जी GST नम्बर बिल पर छाप कर ग्राहकों से GST वसूल रहे हैं जो कि ग्राहक के साथ धोखा है. यह लेख इसी धोखे से बचने के उपाय पर आधारित है.

    Apr 25, 2019
  • मुद्रा क्या होती है और यह कितने प्रकार की होती है?

    सामान्य अर्थों में ‘मुद्रा’ सिर्फ उस वस्तु को कहते हैं जिसको केंद्र सरकार ने सिक्कों या नोटों के रूप में छापा है परन्तु मुद्रा की सर्व व्यापक परिभाषा यह है कि “मुद्रा वह है जो कि मुद्रा का कार्य करे”|भारत में पत्र मुद्रा को निर्गत करने का अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक को है जबकि इस पर लिखी गयी राशि के भुगतान का अंतिम दायित्व भारत सरकार का होता है| सभी सिक्कों और एक रुपये के नोट बनाने का अधिकार भारत सरकार के वित्त मंत्रालय का पास है |

    Apr 22, 2019
  • बेरोजगारी कितने प्रकार की होती है और भारत में कैसी बेरोजगारी पायी जाती है?

    बेरोजगारी की परिभाषा हर देश में अलग अलग होती है जैसे अमेरिका में यदि किसी व्यक्ति को उसकी योग्यता /क्वालिफिकेशन के हिसाब से नौकरी नही मिलती है तो उसे बेरोजगार माना जाता है. सामान्य तौर पर बेरोजगार उस व्यक्ति को कहा जाता है जो कि बाजार में प्रचलित मजदूरी दर पर काम तो करना चाहता है लेकिन उसे काम नही मिल पा रहा है.

    Apr 19, 2019
  • जानें हर भारतीय के ऊपर कितना विदेशी कर्ज है?

    भारत का विदेशी ऋण स्टॉक मार्च 2016 के अंत में 485.6 बिलियन अमरीकी डॉलर था जो कि मार्च 2015 के 475 बिलियन अमरीकी डॉलर से 2.2 % या 10.6 बिलियन अमरीकी डॉलर बढ़ गया है l लेकिन यदि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की नजर से देखा जाये तो 2015 में यह कर्ज GDP का 23.8% था जो कि 2016 में घटकर  23.7% रह गया है l

    Apr 17, 2019