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आधुनिक भारत

  • राजपूत

    राजपूतों ने  औरंगजेब की नीतियों से नाखुश होकर अपनी स्वतंत्रता की घोषणा कर दी।मुग़ल साम्राज्य के टूटने से संपूर्ण भारत की राजनीतिक परिस्थितियाँ बदल गयीं ।इन बदलती परिस्थितियों के कारण पूरे भारत के राजनीतिक,आर्थिक और सैन्य गठबंधनों में आमूल-चूल बदलाव आ गया। जोधपुर और जयपुर के राजाओं ने उत्तरवर्ती मुगलों के काल में मुग़ल साम्राज्य के काफी बड़े हिस्से को अपने प्रभाव में ले लिया। औरंगजेब की मृत्यु के बाद जोधपुर और जयपुर के राजा दिल्ली की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाने लगे।

    Nov 4, 2015
  • पंजाब

    18 वीं सदी में मुग़ल साम्राज्य के विघटन और पतन का पूर्व में अधीन किये गए राजाओं और उन क्षेत्रीय नेताओं द्वारा स्वागत किया गया जो अपना खुद का एक राज्य निर्मित करना चाहते थे।पंजाब एक ऐसा ही क्षेत्र था जिसका मुग़ल साम्राज्य के कमजोर पड़ने के बाद उदय हुआ।दसवें एवं अंतिम गुरु गुरु गोविन्द सिंह, सिक्खों को एक लड़ाकू समूह के रूप में संगठित तो कर दिया था लेकिन औरंगजेब के शासनकाल तक वे कोई भी राज्य प्राप्त करने में सफल न हो सके।

    Nov 4, 2015
  • शिवाजी के उत्तराधिकारी

    मराठा साम्राज्य या मराठा संघ,जो वर्त्तमान भारत के दक्षिण-पश्चिम भाग में स्थित है,ने 1674 से 1818 ई. तक शासन किया और अपने क्षेत्र का विस्तार किया.

    Oct 24, 2015
  • मराठा के अधीन पेशवा

    मराठा एक अत्यधिक लड़ाकू/हिंसक जाति थी जिसने दक्कन क्षेत्र में शक्तिशाली संघ की स्थापना की.मुग़ल शासक औरंगजेब की मृत्यु के बाद वे राजनीति और सत्ता के केंद्र में आ गए .स्थानीय नेता शिवाजी ने 1674 ई. में स्वतंत्र मराठा राज्य की स्थापना की. उनकी प्रशासनिक प्रणाली हिन्दू और मुस्लिम संस्थाओं का मिश्रण थी. पेशवा राज की स्थापना के बाद मराठों की प्रशासनिक प्रणाली में कई परिवर्तन किये गए. मराठा संघ के उदय में राजाराम द्वारा मराठा सरदारों को जागीरें प्रदान करने के कदम का महत्वपूर्ण योगदान था.

    Oct 24, 2015
  • मराठा प्रशासन

    मराठा राज्य ने हिन्दुओं को उच्च पदों पर नियुक्त किया और फारसी की जगह मराठी को राजभाषा का दर्जा दिया.उन्होंने राजकीय प्रयोग हेतु ‘राज व्याकरण कोश’ नाम से स्वयं का एक शब्दकोश निर्मित किया. मराठा साम्राज्य का अध्ययन निम्नलिखित तीन शीर्षकों के तहत किया जा सकता है-केंद्रीय प्रशासन,राजस्व प्रशासन और सैन्य प्रशासन. मराठों की प्रशासनिक प्रणाली बहुत हद तक दक्कन राज्यों के प्रशासनिक व्यवहारों से प्रभावित थी.फिर भी मराठों का अपने समकालीन राज्यों ,विशेष रूप से बीजापुर और अहमदनगर, के संदर्भ में प्रशासनिक एवं सैन्य प्रणाली की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान था

    Oct 24, 2015
  • शिवाजी

    सत्रहवी सदी के प्रारंभिक वर्षों में जब पूना जिले के भोंसले परिवार ने स्थानीय निवासी  होने का लाभ उठाते हुए अहमदनगर राज्य से सैनिक व राजनीतिक लाभ प्राप्त किये तो एक नई लड़ाकू जाति का उदय हुआ जिसे ‘मराठा’ कहा गया. उन्होंनें बड़ी संख्या में मराठा सरदारों और सैनिकों को अपनी सेनाओं में भर्ती किया.शिवाजी शाह जी भोंसले और जीजा बाई  के पुत्र थे. शिवाजी का पालन-पोषण पूना में उनकी माता और एक योग्य ब्राह्मण दादाजी कोंडदेव के देख-रेख में हुआ था.

    Oct 24, 2015
  • मुग़ल उत्तराधिकारी

    औरंगजेब की मृत्यु ने मुग़ल साम्राज्य के पतन की नींव डाली क्योंकि उसकी मृत्यु के पश्चात उसके तीनों पुत्रों-मुअज्जम,आज़म और कामबक्श के मध्य लम्बे समय तक चलने वाले उत्तराधिकार के युद्ध ने शक्तिशाली मुग़ल साम्राज्य को कमजोर कर दिया. औरंगजेब ने अपने तीनों पुत्रों को प्रशासनिक उद्देश्य से अलग अलग क्षेत्रों का गवर्नर बना दिया था,जैसे-मुअज्ज़म काबुल का,आज़म गुजरात और कामबक्श बीजापुर का गवर्नर था .इसी कारण इन तीनों के मध्य मतभेद पैदा हुए,जिसने उत्तराधिकार को लेकर गुटबंदी को जन्म दिया.

    Oct 24, 2015

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