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इतिहास

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कौन सी संस्थाओं ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था

Aug 13, 2018
भारत के स्वंतंत्रता संग्राम में 'भारत छोड़ो आंदोलन' एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। महात्मा गाँधी के नेतृत्व में सम्पूर्ण भारत के गांव-गांव और शहर-शहर से लोग सभी बाधाओं को पार करते हुए एकजुट हुए और उन सबका एक ही मिशन था- साम्राज्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना। इस लेख में हमने उन संस्थाओं पर चर्चा किया हैं जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया था जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

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जानें ‘जन गण मन’ भारत का राष्ट्रगान कब और क्यों बना

Aug 13, 2018
रविन्द्रनाथ टैगोर ने भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ बंगाली भाषा में लिखा था. 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा द्वारा ‘जन गण मन’ के हिन्दी संस्करण को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया. यह हमारे देश के इतिहास और परंपरा को दर्शाता है. इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि सर्वप्रथम राष्ट्रगान कब गाया गया था और इसको गाने के पीछे क्या कारण था.

जहाँगीर ने ऐसा ना किया होता तो भारत अंग्रेजों का गुलाम कभी ना बनता

Aug 13, 2018
1615 में जहांगीर के दरबार (मुगल सम्राट) में सर थॉमस रो की भारत यात्रा ने अंग्रेजों के लिए भारत में व्यापार के दरवाज़े खोल दिए, लेकिन जानने योग्य यह है कि भारतीय भूमि पर ऐसा क्या हुआ जिससे इस तुच्छ तथ्य ने जहांगीर के कदमो को भारतीय इतिहास में एक दिलचस्प झलक बना दी।

वर्तमान में स्वतंत्रता सेनानियों और उनके आश्रितों को क्या सुविधाएँ मिलती है?

Aug 13, 2018
स्वतंत्रता सेनानी कोटे के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएँ सिर्फ तीसरी पीढ़ी तक ही मिलती हैं. गृह मंत्रलाय की वेबसाइट के अनुसार अगस्त 2018 तक कुल 13,013 स्वतंत्रता सेनानियों और 24,445 स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को सरकार से पेंशन मिल रही है. इस प्रकार अभी कुल 37,458 लोग "स्वतंत्र सैनिक सम्मान योजना" के तहत पेंशन और नौकरियों में आरक्षण का लाभ ले रहे हैं. आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल दोनों में 4937 पेंशनभोगी है जबकि महाराष्ट्र में 4738 पेंशनभोगी हैं.

भारत छोड़ो आन्दोलन

Aug 10, 2018
अप्रैल 1942 में क्रिप्स मिशन के असफल होने के लगभग चार महीने बाद ही स्वतंत्रता के लिए भारतीयों का तीसरा जन आन्दोलन आरम्भ हो गया| इसे भारत छोड़ो आन्दोलन के नाम से जाना गयाै। 8 अगस्त, 1942 को बम्बई में हुई अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में यह घोषित किया गया था कि अब भारत में ब्रिटिश शासन की तत्काल समाप्ति भारत में स्वतंत्रता तथा लोकतंत्र की स्थापना के लिए अत्यंत जरुरी हो गयी है।

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के 7 महानायक जिन्होंने आजादी दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई

Aug 9, 2018
हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जीवन, परिवार, संबंध और भावनाओं से भी ज्यादा महत्वपूर्ण था हमारे देश की आजादी और इसके लिए उन्होंने अपनी जान की भी प्रवाह नहीं की. आइये ऐसे 7 महानायकों के बारे में अध्ययन करते हैं जिन्होंने देश को आजाद कराने में मुख्य भूमिका निभाई.

कांग्रेस के स्थापना के पूर्व राजनीतिक संगठनो की सूची

Jul 27, 2018
1836 के बाद भारत के विभिन्न भागों में अनेक सार्वजनिक समितियाँ स्थापित हुई। इन सभी समितियों पर धनि तथा अभिजात्य लोगों का प्रभुत्य था, जिनको तब गणमान्य व्यक्त कहा जाता था, और इसका चरित्र प्रन्तिये तथा स्थानीय था। इस लेख में हमने कांग्रेस के स्थापना के पूर्व राजनीतिक संगठनो की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जानें भारत ‌- पाकिस्तान के बीच कितने युद्ध हुए और उनके क्या कारण थे

Jul 26, 2018
वर्ष 1947 में ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के बाद भारत से अलग कर पाकिस्तान बनाया गया था । भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की श्रृंखला को भारत– पाकिस्तान युद्ध का नाम दिया जाता है । सबसे हिंसक युद्ध 1947-48, 1965, 1971 और 1999 में हुए। युद्ध के अन्य कई कारणों में सीमा विवाद, कश्मीर समस्या, जल विवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर विवाद रहे हैं।

प्राचीन भारतीय विद्वानों और उनके संरक्षकों की सूची

Jul 18, 2018
प्राचीन भारतीय साहित्य कई प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा प्रभावित रहा है। इन विद्वानों में राजा, संत, ऋषि, गणितज्ञ और कला एवं साहित्य के जानकार लोग थे। यहाँ हम प्राचीन भारतीय विद्वानों एवं उनके संरक्षकों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों को रोकने के लिए ब्रिटिश सरकार ने कौन से कानून लागू किये थे

Jul 4, 2018
औपनिवेशिक काल के दौरान ब्रिटिश सरकार ने कई अधिनियम पारित किया था जो उनकी औपनिवेशिक सरकार को मजबूत कर सके और अदालती प्रणाली के माध्यम से अपनी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, कानूनी प्रक्रिया और विधि को स्थापित कर सके। इस लेख में हमने भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों को रोकने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा लागू किये गए कानूनो पर चर्चा की है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रसिद्ध क्रन्तिकारी नेताओ के नाम और उनसे सम्बंधित घटनाओ की सूची

Jun 22, 2018
भारत की स्वतंत्रता के लिये अंग्रेजों के विरुद्ध आन्दोलन दो प्रकार का था एक अहिंसक आन्दोलन एवं दूसरा सशस्त्र क्रान्तिकारी आन्दोलन। भारत में अंग्रेज़ी राज्य की स्थापना के साथ ही सशस्त्र विद्रोह का आरम्भ हो गया था। इस लेख में हमने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रसिद्ध क्रन्तिकारी नेताओ के नाम और उनसे सम्बंधित घटनाओ की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं हड़प्पा सभ्यता के पतन के क्या-क्या कारण थे

May 30, 2018
हड़प्पा सभ्यता विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक है।1800 ई० पू० के आस-पास हड़प्पा सभ्यता के पतन के लक्षण स्पष्ट दिखाई देने लगे थे। इस सभ्यता का पतन कब और कैसे हुआ इस सम्बन्ध में अब भी मतभेद बना हुआ है। इस लेख में हमने हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों को के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची

May 29, 2018
वैदिक काल प्राचीन भारतीय संस्कृति का एक काल खंड है। उस दौरान वेदों की रचना हुई थी। इस सभ्यता की जानकारी के स्रोत वेदों के आधार पर इसे वैदिक सभ्यता का नाम दिया गया। समाज पितृसत्तात्मक था। इस लेख में हमने वैदिक काल के महत्वपूर्ण रत्निन और अधिकारियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

राममोहन रॉय और ब्रह्म समाज

May 22, 2018
सामाजिक और धार्मिक जीवन के कुछ पहलुओं के सुधार से प्रारंभ होने वाला जागरण ने समय के साथ देश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित किया। 18वीं सदी के उत्तरार्ध में कुछ यूरोपीय और भारतीय विद्वानों ने प्राचीन भारतीय दर्शन,विज्ञान,धर्म और साहित्य का अध्ययन प्रारंभ किया। इस अध्ययन के द्वारा भारतीय अपने प्राचीन भारतीय ज्ञान से परिचित हुए,जिसने उनमें अपनी सभ्यता के प्रति गौरव का भाव जाग्रत किया।

सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थलों की सूची

Apr 17, 2018
सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया के चार प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है । रेडियो कार्बन डेटिंग के अनुसार सभ्यता 2500-1750 ई.पू. के आसपास में सभ्यता का विकाश हुआ था । हम , यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थलों की सूची है दे रहे हैं जो यूपीएससी, एसएससी, राज्य सेवाओं, एनडीए, सीडीएस, और रेलवे आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी है |

जलियाँवाला बाग हत्याकांड

Apr 10, 2018
जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने ब्रिटिशों के अमानवीय चेहरे को सामने ला दिया। ब्रिटिश सैनिकों ने एक लगभग बंद मैदान में हो रही जनसभा में एकत्रित निहत्थी भीड़ पर,बगैर किसी चेतावनी के, जनरल डायर के आदेश पर गोली चला दी क्योकि वे प्रतिबन्ध के बावजूद जनसभा कर रहे थे। 13 अप्रैल 1919 को यहाँ एकत्रित यह भीड़ दो राष्ट्रीय नेताओं –सत्यपाल और डॉ.सैफुद्दीन किचलू ,की गिरफ्तारी का विरोध कर रही थी। अचानक ब्रिटिश सैन्य अधिकारी जनरल डायर ने अपनी सेना को निहत्थी भीड़ पर, तितर-बितर होने का मौका दिए बगैर, गोली चलाने के आदेश दे दिए और 10 मिनट तक या तब तक गोलियां चलती रहीं जब तक वे ख़त्म नहीं हो गयीं।

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

विजयनगर साम्राज्य के स्रोतों की सूची

Mar 26, 2018
विजयनगर साम्राज्य की इतिहास के विषय में जानकारी मुख्यतः तीन स्रोतों से प्राप्त होती है- विदेशियों का विवरण, स्वदेशी साहित्यिक कार्य तथा पुरातत्व-संबंधी साक्ष्य। इस लेख में हमने विजयनगर साम्राज्य के स्रोतों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

ताजमहल के बारे में 13 रोचक तथ्य

Mar 15, 2018
ताजमहल का निर्माण मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में 32 मिलियन रुपये खर्च करके बनवाया था| इसका निर्माण 1632–53 के बीच हुआ था| इस लेख में ताजमहल के उन अनजाने तथ्यों के बारे में बताया गया है जो कि बहुत कम लोगों को पता हैं|

क्या आप जानते हैं पांडुलिपि और शिलालेख में क्या अंतर है?

Mar 1, 2018
इतिहास लेखन तीन तरह के स्रोत जैसे साहित्यिक साक्ष्य, विदेशी यात्रियों का विवरण और पुरातत्त्व सम्बन्धी साक्ष्य के आधार पर होता है। इस लेख में हमने पांडुलिपि और शिलालेख में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।
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