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इतिहास

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चेर शासकों की सूची और उनके योगदान

Nov 14, 2017
चेर राजवंश, तमिलकम के तीन प्रमुख राजवंशों में से एक थे, जिसके शासकों ने दक्षिण भारत में वर्तमान केरल राज्य तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों पर शासन किया था. "चेर" शब्द शायद चेरल शब्द से उत्पन्न हुआ था, जिसका अर्थ प्राचीन तमिल में "एक पहाड़ की ढ़लान" है। यहां हम सामान्य जागरूकता के लिए चेर शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

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मुगल साम्राज्य के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक विभागों की सूची

Nov 13, 2017
मुगल साम्राज्य की प्रशासनिक संरचना सैन्य शक्ति पर आधारित केंद्रीयकृत थी। मुगल सम्राटों ने अपने लिए दो प्राथमिक कर्तव्यों का निर्धारण किया था, जहानबानी (राज्य की सुरक्षा) और जहांगीरी (साम्राज्य का विस्तार)। इसलिए, किसी अधिकारी की नियुक्ति, पदोन्नति और हटाने का अधिकार सम्राट के पास था, उनके पास कोई संस्थागत दबाव नहीं था और साम्राज्य को सुचारु ढ़ंग से चलाने के लिए कुछ विभाग का गठन किया गया था। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए मुगल साम्राज्य के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक विभागों की सूची दे रहे हैं।

विजयनगर साम्राज्य के दौरान निर्मित मंदिरों की सूची

Nov 9, 2017
1336 ईस्वी में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम (संगम के पुत्र) ने की थी। इस साम्राज्य पर चार राजवंशों संगम, सुलुव, तुलुव और अरविडु ने शासन किया था। इस साम्राज्य के अधिकांश राजा वैष्णव धर्म को मानने वाले थे। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए विजयनगर साम्राज्य के दौरान निर्मित मंदिरों की सूची दे रहे हैं।

मुगलकालीन प्रशासनिक अधिकारियों की सूची

Nov 6, 2017
मुगलों ने लगभग 200 वर्षों तक शासन किया। मुगल शासकों ने एक साम्राज्य का निर्माण किया और प्रशासन की नींव रखी जिस अंग्रेजों ने आगे बढ़ाया। मुगल साम्राज्य को सूबों में तथा सूबों को सरकार, परगना और गांव में विभाजित किया गया था। हालांकि, मुगल साम्राज्य को अन्य क्षेत्रीय इकाइयों जैसे खलीसा (रॉयल भूमि), जागीर (स्वायत्त राज्य) और इनाम (तोहफे में दी गई भूमि या बेकार भूमि) में बांटा गया था। अकबर के शासनकाल के अंत में 15 सूबे थे, जो बाद में औरंगजेब के समय में बढ़कर 20 हो गए थे। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए मुगलकालीन प्रशासनिक अधिकारियों की सूची दे रहे हैं।

चोल वंश के शासकों की सूची और उनके योगदान

Oct 30, 2017
चोल वंश सभी दक्षिण भारतीय राजवंशों में सबसे महान था। उन्होंने मालदीव और श्रीलंका जैसे समुद्री द्वीपों पर भी शासन किया जो दर्शाता है कि उनके पास बहुत ही कुशल और विशाल नौसैनिक शक्ति थी। यहां, हम आम जागरूकता के लिए चोल वंश के शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

सातवाहन शासकों की सूची और उनके योगदान

Oct 26, 2017
सातवाहन राजवंश ने मौर्य के पतन और गुप्त साम्राज्य के उदय के बीच की अवधि में भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें दक्कन में आंध्र भी कहा जाता था और उनकी राजधानी पैथान या प्रतिष्ठान थी। आंध्र प्राचीन लोग थे और उनका उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण में किया गया है। यहां हम आम जागरूकता के लिए सातवाहन शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा लड़े गये विभिन्न लड़ाइयों की सूची

Oct 18, 2017
17वीं सदी के शुरुआत में मराठों के एक नए सैन्य वर्ग का उत्थान हुआ, जब पुणे के भोसले परिवार ने अहमदनगर साम्राज्य से सैन्य और राजनीतिक लाभ प्राप्त किया। भोसले परिवार ने स्थानीय होने का लाभ उठाते हुए कई विशेषाधिकार प्राप्त किए और अपनी सेना में बड़ी संख्या में मराठा सरदार और सैनिकों की भर्ती की। शिवाजी एक निपुण सैनिक और कुशल प्रशासक थे। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा लड़े गए विभिन्न लड़ाइयों की सूची दे रहे हैं।

सम्राट अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य

Sep 19, 2017
भारतीय इतिहास में कुछ ही शासकों को उनकी महानता के लिए याद किया जाता है और सम्राट अशोक उनमें से एक हैं। वह मौर्य वंश के तीसरे शासक थे, जिन्होंने लगभग 36 वर्षों तक पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया था। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य क्या था।

दुनिया के ऐसे आविष्कारक जिनकी मृत्यु उन्ही के आविष्कार से हुयी

Aug 25, 2017
आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है और यही आवश्यकता की खोज मनुष्य को सूचनागार बना देती है। मनुष्य की प्रकृति जिज्ञासा वाली होती है जो इन्हें विभिन्न घटनाओं को समझने में प्रेरक का काम करता है, परन्तु यह एक जोखिम भरा कार्य भी होता है। आपको हम यहाँ दुनियां के वैसे आविष्कारकों के नाम बताने जा रहें हैं जो इतिहास के पन्नों में तो अमर हो गए पर उनके खुद का आविष्कार ही उनके मौत का कारण बनी।

दुनिया के 10 सबसे प्राचीन यंत्र कौन से हैं

Aug 23, 2017
वैसे तो हम जानते हैं की कैसे आधुनिक तकनीको ने लोगों की दैनिक जीवन-शैली को आधुनिक और उन्नत बनाने मे अहम् भूमिका निभाई है। लेकिन क्या हम जानते हैं की सैकड़ों साल पहले भी मनुष्य तकनिकी रूप से सक्षम थाl इतिहास और पुरातात्विक निष्कर्षों से यह पता चलता है की मनुष्यों को हमेशा से ही तकनीक और प्रौद्योगिकी आकर्षित करता रहा है। हम यहाँ सामान्य जानकारी के लिए दुनिया के 10 सबसे प्राचीन यंत्रो के नाम दे रहे हैं।

विश्व के दस अतुलनीय पुस्तकालय

Aug 21, 2017
पुस्तकालय ज्ञान और कल्पना के माध्यम से मानव जाति के लिए अविश्वसनीय उपहार हैं, जो प्रेरणा प्रदान करते हैं और कठिन कामों को करने में सहायता प्रदान करते हैं। कभी-कभी यह ज्ञान के शक्तिगृह (power house) के रूप में काम करता है, क्योंकि इस तक पहुंचने के बाद मनुष्य की कल्पना शक्ति में बढ़ोतरी होती है। यहां, हम दुनिया भर में फैले 10 अविश्वसनीय पुस्तकालयों और किताबों की दुकान की सूची दे रहे हैं।

क्या आप प्राचीन भारत की गुप्तचर संस्थाओं के बारे जानते हैं

Jul 3, 2017
प्राचीन काल से ही जासूसी प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं. अति प्राचीन काल से, मनुष्य हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों और विरोधियों के बारे में विशिष्ट जानकारी प्राप्त करने के लिए जिज्ञासु रहा है. इस लेख में प्राचीन भारत की गुप्तचर संस्थाओं के बारे में अध्ययन करेंगें.

क्या आप 1400 साल पुरानी सूर्य घड़ी के बारे में जानते हैं

Jun 29, 2017
यह लेख चोला राज्य के समय में निर्मित एक सूर्य घड़ी के बारे में है जिसका निर्माण 1400 साल पहले हुआ था और बिना बिजली या बैटरी के यह चलती है. कैसे चलती है यह घड़ी, सबसे बड़ी बात अभी तक अस्तित्व में है और किसने इसको बनवाया था के बारे में अध्ययन करते हैं.

जानें भारत में पहला न्यूज पेपर कब प्रकाशित हुआ था

Jun 19, 2017

ऑपरेशन ब्लू स्टार: इंदिरा गांधी की राजनीतिक हत्या का मुख्य कारण

Jun 7, 2017
ऑपरेशन ब्लू स्टार अमृतसर में सिख धर्म के सबसे पवित्र मंदिर हरिमंदिर साहिब परिसर से खालीस्थान समर्थक जनरैल सिंह भिंडरावाले और उनके समर्थकों से मुक्त कराने के लिए भारतीय सेना द्वारा 3 से 6 जून 1984 में चलाया गया एक अभियान था. इस लेख में ऑपरेशन ब्लू स्टार से जुड़े तथ्यों पर नज़र डालेंगे की किसने किया था ये ऑपरेशन, क्यों किया था आदि.

विजयनगर साम्राज्य के दौरान भारत आने वाले विदेशी यात्री

May 24, 2017
प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक भारतीय उपमहाद्वीप कई विदेशी यात्रियों के आगमन का गवाह रहा है और उनमें से कुछ यात्रियों के द्वारा बहुमूल्य यात्रावृतांतों की भी रचना की गई हैंl इन यात्रावृतांतों से हमें तत्कालीन सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक स्थिति को समझने में मदद मिलती हैl तत्कालीन लेखकों की लेखन के बारे में क्या धारणा थी, उसे जाने बिना इन यात्रावृतांतों को नहीं समझा जा सकता हैl यहां हम विजयनगर साम्राज्य के विभिन्न शासकों के शासनकाल के दौरान भारत आने वाले प्रसिद्ध यात्रियों का विवरण दे रहे हैंl

दिल्ली सल्तनत की समय-सीमा और कालक्रम

May 9, 2017
दिल्ली सल्तनत की स्थापना की शुरूआत मुहम्मद गौरी के आक्रमण के साथ हुई थीl वह अपने साथ बड़ी संख्या में दासों को लेकर भारत आया था और उन्हें अधिकारियों के रूप में नियुक्त किया थाl 1206 ईस्वी में उसकी मृत्यु के बाद उसके तीन जनरलों, “कुतुब-उद-दीन ऐबक (उसके सेना का सेनापति), ताजुद्दीन एल्दौज (अफगानिस्तान और सिंध के बीच स्थित कारमान और खुरासान का शासक) और नासीरूद्दीन कूबाचा के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई थीl इस लेख में हम कालक्रम के अनुसार दिल्ली सल्तनत की समय-सीमा और उसके पतन के कारणों का विवरण दे रहे हैंl

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत इल्बरी वंश का संक्षिप्त विवरण

May 9, 2017
इल्बरी वंश दिल्ली सल्तनत का पहला वंश थाl विभिन्न इतिहासकारों ने इसे गुलाम वंश या मामलूक वंश के रूप में भी नामित किया हैl इस लेख में हम दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत इल्बरी वंश का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं, जिसका उपयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवार अपनी तैयारी के पुनरीक्षण के लिए कर सकते हैंl

दिल्ली सल्तनत के अंतर्गत खिलजी वंश का संक्षिप्त विवरण

Apr 27, 2017
खिलजी, दिल्ली के इल्बरी वंश के शासकों की सेवा करते थेl मलिक फिरोज ने खिलजी वंश की स्थापना की थी, जो मूलतः इल्बरी वंश के पतन के दिनों में “कैकूबाद” द्वारा नियुक्त “अर्ज-ए-मुमालिक” थाl उसने राजनीतिक अस्थिरता का फायदा उठाया और “जलालुद्दीन फिरोज खिलजी” के नाम से दिल्ली के सिंहासन पर आसीन हो गयाl

महमूद गजनी द्वारा भारत पर किये गए हमलों का विस्तृत विवरण

Apr 21, 2017
महमूद गजनी “सुबुक्तगिन” का पुत्र था और उसकी नीति अपने पिता की तरह भारत पर विजय प्राप्त करना था, जिन्होंने अपने 20 साल के शासन के बाद सिंधु नदी के दूसरे ओर साम्राज्य का विस्तार किया था। महमूद गजनी एक उत्कृष्ट सेनापति और महान विजेता थाl उसने 1000-1027 ईस्वी के दौरान भारत पर 17 बार आक्रमण कियाl इनमें से सबसे महत्वपूर्ण आक्रमण 1025 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर किया गया आक्रमण था, क्योंकि इससे महमूद गजनी को एक विशाल खजाना प्राप्त हुआ थाl
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