Search
  1. Home
  2. इतिहास
View in English

इतिहास

  • 1885 से 1947 तक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की घटनाओं का कालक्रम

    इतिहास के अंतर्गत हम जिस विषय का अध्ययन करते हैं उसमें अब तक घटित घटनाओं या उससे संबंध रखनेवाली घटनाओं का कालक्रमानुसार वर्णन होता है। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए 1885 से 1947 तक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की समयरेखा दे रहे हैं।

    Jan 8, 2018
  • जाने कोरेगांव भीमा युद्ध क्या है और दलित अधिकारों के लिए इसका क्या महत्व है?

    भारत में जातिवाद और अतिवाद की वजह से हमेशा भारतीय समुदायों में झड़प और कभी कभी हिंसक झड़प होती रहती है। वैसे ही कुछ झड़प महाराष्ट्र के कोरेगांव में भी दलितों और मराठा समुदाय के बीच में भी होता रहा है । आइये जानते हैं की क्या कारण है 200 साल पहले हुयी लड़ाई पर दलितों और मराठा समुदाय के बीच टकराव का।

    Jan 4, 2018
  • गुप्तकालीन नाटको एवं नाटककारो की सूची

    गुप्तकाल में धर्म, कला, साहित्य और ज्ञान-विज्ञान की अदभुत प्रगति हुई। इसलिए, अनेक विद्वानो ने गुप्तकाल को स्वर्णयुग का काल माना है। कवियों ने प्रशस्तिया लिखी. प्रयाग एवं मंदसौर की प्रशस्तिया क्रमशः हरिशेण और वसूल ने लिखी। इस समय के सबसे प्रख्यात कवि और नाटकार महाकवि कालिदास थे। इस लेख में हम पाठको के सामन्य ज्ञान के बढ़ोतरी के लिए गुप्तकालीन नाटको एवं नाटककारो की सूची दे रहे हैं।

    Dec 29, 2017
  • ईस्वी (AD) और ईसा पूर्व (BC) में क्या अंतर होता है?

    इस लेख में हमने AD और BC के बीच के अंतर को बताया है जो कि बहुत से लोगों को पता नही होता है. AD का मतलब ईसा मसीह के जन्म के बाद की तारीख से है जबकि BC का मतलब ईसा मसीह के जन्म के पहले से है. AD का फुल फॉर्म Anno Domini होता है जबकि BC का फुल फॉर्म Before Christ होता है. जहाँ पर AD लिखा होता है उसका मतलब “ईसा के जन्म के वर्ष” से होता है.

    Dec 5, 2017
  • क्या आप जानते हैं कि लोकतंत्र का सिद्धांत ऋग्वेद की देन है

    लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें जनता अपना शासक खुद चुनती है. लोकतंत्र शब्द को डेमोक्रेसी कहते है जिसकी उत्पत्ति ग्रीक मूल शब्द ‘डेमोस’ से हुई है. डेमोस का अर्थ है ‘जन साधारण’ और क्रेसी का अर्थ है ‘शासन’. क्या प्राचीनकाल में यह व्यवस्था हुआ करती थी और कैसी थी. इस लेख के माध्यम से जानेंगे की कैसे ,लोकतंत्र का सिद्धांत ऋग्वेद की देन हैं.

    Nov 23, 2017
  • प्रसिद्ध भारतीय हस्तियाँ जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं

    दुनिया में कई ऐसे प्रसिद्ध व्यक्ति हुए हैं जो अपने जीवनकाल में ही वह प्रतिष्ठा और ख्याति प्राप्त कर लेते हैं, जो मरने के बाद भी कई व्यक्तियों को नसीब नहीं होती है। इन्हीं प्रसिद्धियों में से एक है- किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर डाक टिकट जारी होना। भारत में भी कई ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी किए गए हैं। इस लेख में हम उन प्रसिद्ध भारतीय हस्तियों का विवरण दे रहे हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं।

    Nov 21, 2017
  • चेर शासकों की सूची और उनके योगदान

    चेर राजवंश, तमिलकम के तीन प्रमुख राजवंशों में से एक थे, जिसके शासकों ने दक्षिण भारत में वर्तमान केरल राज्य तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों पर शासन किया था. "चेर" शब्द शायद चेरल शब्द से उत्पन्न हुआ था, जिसका अर्थ प्राचीन तमिल में "एक पहाड़ की ढ़लान" है। यहां हम सामान्य जागरूकता के लिए चेर शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

    Nov 14, 2017
  • मुगल साम्राज्य के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक विभागों की सूची

    मुगल साम्राज्य की प्रशासनिक संरचना सैन्य शक्ति पर आधारित केंद्रीयकृत थी। मुगल सम्राटों ने अपने लिए दो प्राथमिक कर्तव्यों का निर्धारण किया था, जहानबानी (राज्य की सुरक्षा) और जहांगीरी (साम्राज्य का विस्तार)। इसलिए, किसी अधिकारी की नियुक्ति, पदोन्नति और हटाने का अधिकार सम्राट के पास था, उनके पास कोई संस्थागत दबाव नहीं था और साम्राज्य को सुचारु ढ़ंग से चलाने के लिए कुछ विभाग का गठन किया गया था। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए मुगल साम्राज्य के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक विभागों की सूची दे रहे हैं।

    Nov 13, 2017
  • विजयनगर साम्राज्य के दौरान निर्मित मंदिरों की सूची

    1336 ईस्वी में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम (संगम के पुत्र) ने की थी। इस साम्राज्य पर चार राजवंशों संगम, सुलुव, तुलुव और अरविडु ने शासन किया था। इस साम्राज्य के अधिकांश राजा वैष्णव धर्म को मानने वाले थे। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए विजयनगर साम्राज्य के दौरान निर्मित मंदिरों की सूची दे रहे हैं।

    Nov 9, 2017
  • मुगलकालीन प्रशासनिक अधिकारियों की सूची

    मुगलों ने लगभग 200 वर्षों तक शासन किया। मुगल शासकों ने एक साम्राज्य का निर्माण किया और प्रशासन की नींव रखी जिस अंग्रेजों ने आगे बढ़ाया। मुगल साम्राज्य को सूबों में तथा सूबों को सरकार, परगना और गांव में विभाजित किया गया था। हालांकि, मुगल साम्राज्य को अन्य क्षेत्रीय इकाइयों जैसे खलीसा (रॉयल भूमि), जागीर (स्वायत्त राज्य) और इनाम (तोहफे में दी गई भूमि या बेकार भूमि) में बांटा गया था। अकबर के शासनकाल के अंत में 15 सूबे थे, जो बाद में औरंगजेब के समय में बढ़कर 20 हो गए थे। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए मुगलकालीन प्रशासनिक अधिकारियों की सूची दे रहे हैं।

    Nov 6, 2017
  • चोल वंश के शासकों की सूची और उनके योगदान

    चोल वंश सभी दक्षिण भारतीय राजवंशों में सबसे महान था। उन्होंने मालदीव और श्रीलंका जैसे समुद्री द्वीपों पर भी शासन किया जो दर्शाता है कि उनके पास बहुत ही कुशल और विशाल नौसैनिक शक्ति थी। यहां, हम आम जागरूकता के लिए चोल वंश के शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

    Oct 30, 2017
  • सातवाहन शासकों की सूची और उनके योगदान

    सातवाहन राजवंश ने मौर्य के पतन और गुप्त साम्राज्य के उदय के बीच की अवधि में भारतीय इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें दक्कन में आंध्र भी कहा जाता था और उनकी राजधानी पैथान या प्रतिष्ठान थी। आंध्र प्राचीन लोग थे और उनका उल्लेख ऐतरेय ब्राह्मण में किया गया है। यहां हम आम जागरूकता के लिए सातवाहन शासकों की सूची और उनके योगदान का विवरण दे रहे हैं।

    Oct 26, 2017
  • छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा लड़े गये विभिन्न लड़ाइयों की सूची

    17वीं सदी के शुरुआत में मराठों के एक नए सैन्य वर्ग का उत्थान हुआ, जब पुणे के भोसले परिवार ने अहमदनगर साम्राज्य से सैन्य और राजनीतिक लाभ प्राप्त किया। भोसले परिवार ने स्थानीय होने का लाभ उठाते हुए कई विशेषाधिकार प्राप्त किए और अपनी सेना में बड़ी संख्या में मराठा सरदार और सैनिकों की भर्ती की। शिवाजी एक निपुण सैनिक और कुशल प्रशासक थे। यहां, हम सामान्य जागरूकता के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा लड़े गए विभिन्न लड़ाइयों की सूची दे रहे हैं।

    Oct 18, 2017
  • सम्राट अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य

    भारतीय इतिहास में कुछ ही शासकों को उनकी महानता के लिए याद किया जाता है और सम्राट अशोक उनमें से एक हैं। वह मौर्य वंश के तीसरे शासक थे, जिन्होंने लगभग 36 वर्षों तक पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर शासन किया था। यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि अशोक के नौ अज्ञात पुरुषों के पीछे का रहस्य क्या था।

    Sep 19, 2017
  • दुनिया के ऐसे आविष्कारक जिनकी मृत्यु उन्ही के आविष्कार से हुयी

    आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है और यही आवश्यकता की खोज मनुष्य को सूचनागार बना देती है। मनुष्य की प्रकृति जिज्ञासा वाली होती है जो इन्हें विभिन्न घटनाओं को समझने में प्रेरक का काम करता है, परन्तु यह एक जोखिम भरा कार्य भी होता है। आपको हम यहाँ दुनियां के वैसे आविष्कारकों के नाम बताने जा रहें हैं जो इतिहास के पन्नों में तो अमर हो गए पर उनके खुद का आविष्कार ही उनके मौत का कारण बनी।

    Aug 25, 2017