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इतिहास

  • पानीपत की लड़ाई किसके बीच और कब हुई?

    पानीपत की लड़ाइयों का भारत में अपना ही इतिहास और महत्व है. क्या आप जानते हैं कि पानीपत की लड़ाईयां किसके बीच हुईं और कब? आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

    3 hrs ago
  • गुरुनानक जी 550 वीं वर्षगाठ: गुरु नानक जी के जीवन के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

    तलवंडी में जन्मे गुरु नानक प्रथम सिख गुरु बने | आध्यात्म और मानवता के प्रति झुकाव ने उन्हे अध्यात्मिकता की तरफ खींचा और उन्होने लोगों को ईश्वर की निस्वार्थ सेवा, सहभाजन और ईश्वर को याद करने के काम का प्रचार किया | उन्होनें मानव समानता तथा मानवीय सिद्धांतों और रूढ़िवादि परम्पराओं पर सवाल उठाए | इस काल में लोगों को धर्म के नाम पर गुमराह किया जाता था लोगों को इससे बाहर निकालने के लिए इन्होनें लोगों के साथ बातचीत करना शुरू की और उन्हे परम सत्य के बारे में बताया | इनकी शिक्षाएं गुरु ग्रंथ साहिब में संग्रहीत हैं |

    Nov 11, 2019
  • 10 दुर्लभ परंपराएं जो आज भी आधुनिक भारत में प्रचलित हैं.

    भारत, दुनिया की सबसे पुरानी और शहरी सभ्यता अर्थात सिंधु घाटी सभ्यता का देश है। इसलिए, प्राचीन काल से लेकर आधुनिक भारत तक भारतीय समाज में विभिन्न संप्रदायों, रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों और संप्रदायों का उद्भव एवं रूपांतरण होता रहा है। इनमें से कई संप्रदायों और रिवाजों का आधार धार्मिक और सामाजिक था.

    Oct 30, 2019
  • जानें पहली बार अंग्रेज कब और क्यों भारत आये थे?

    भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1600 में हुई थी. इस कंपनी की स्थापना के साथ ही भारत में अंग्रेजों ने अपने पैर फ़ैलाने शुरू कर दिए थे. इसी के साथ भारत यूरोपीय देशों के लिए सबसे प्रमुख व्यापारिक केंद्र बन गया और यूरोपीय देशों में यहां के मसालों के व्यापार पर एकाधिकार स्थापित करने की महत्वाकांक्षा बढ़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप कई नौसैनिक युद्ध भी हुए थे. यहां हम भारतीय इतिहास से जुड़े उन तथ्यों का विवरण दे रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि पहली बार अंग्रेज कब और क्यों, भारतीय सरजमीं पर उतरे थे?

    Oct 5, 2019
  • भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के 7 महानायक जिन्होंने आजादी दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई

    हमारे देश की स्वतंत्रता के लिए लाखों लोगों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं. हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जीवन, परिवार, संबंध और भावनाओं से भी ज्यादा महत्वपूर्ण था हमारे देश की आजादी और इसके लिए उन्होंने अपनी जान की भी प्रवाह नहीं की. आइये ऐसे 7 महानायकों के बारे में अध्ययन करते हैं जिन्होंने देश को आजाद कराने में मुख्य भूमिका निभाई.

    Sep 30, 2019
  • जानें कैसे सिक्किम भारत का हिस्सा बना?

    सिक्किम भारत का पूर्णतः आर्गेनिक खेती करने वाला राज्य है. सिक्किम भारत का 22वां राज्य है जो हिमालय की आंतरिक पर्वत श्रृंखला का एक हिस्सा है. यह देश का दूसरा सबसे कम आबादी वाला राज्य है और पूर्वोत्तर भाग में स्थित है. क्या आप जानते हैं कि सिक्किम 1975 में भारत का हिस्सा बन गया था परन्तु कैसे, पहले यहां पर किसका शासन था इत्यादि को आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

    Sep 25, 2019
  • शहीद भगत सिंह ने क्यों कहा कि "मैं नास्तिक हूँ"

    भगत सिंह का जन्म सितम्बर 1907 में पंजाब में हुआ था और सैंडर्स की हत्या के आरोप में दोषी पाये जाने के कारण 23 मार्च 1931 को उन्हें लाहौर के सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गयी थी | उन्होंने 5,6 अक्टूबर 1931 को लाहौर के सेंट्रल जेल से एक धार्मिक आदमी को जवाब देने के लिये एक निबंध लिखा था जिसने उनके ऊपर नास्तिक होने का आरोप लगाया था | भगत सिंह की उम्र उस समय 23 वर्ष की थी|

    Aug 14, 2019
  • जानें भारत ‌- पाकिस्तान के बीच कितने युद्ध हुए और उनके क्या कारण थे

    वर्ष 1947 में ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के बाद भारत से अलग कर पाकिस्तान बनाया गया था । भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की श्रृंखला को भारत– पाकिस्तान युद्ध का नाम दिया जाता है । सबसे हिंसक युद्ध 1947-48, 1965, 1971 और 1999 में हुए। युद्ध के अन्य कई कारणों में सीमा विवाद, कश्मीर समस्या, जल विवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर विवाद रहे हैं।

    Aug 14, 2019
  • भारत छोड़ो आंदोलन क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?

    एक लम्बे समय तक भारतवर्ष अंग्रेजों के आधीन रहा है. भारत को आजाद कराने में कई क्रांतिकारियों ने अपनी जान गवाई है और इसके लिए कई प्रकार कि क्रांतियाँ भी हुई हैं। जिनमे से एक है "भारत छोड़ो आन्दोलन". आइये जानते हैं भारत छोड़ो आन्दोलन के बारे में।

    Aug 8, 2019
  • जानें ‘भारत के एडिसन’ शंकर आबाजी भिसे के बारे में

    क्या आपने शंकर अभाजी भिसे का नाम सुना है? ये भारत के ऐसे महान वैज्ञानिक है जिन्हें ‘एडिसन ऑफ इंडिया’ या ‘भारत का एडिसन’ भी कहा जाता है. इन्होंने एक नहीं दो नहीं बल्कि 200 अविष्कार किए और पूरी दुनिया को चौका दिया. आइये डॉ. शंकर अबाजी भिसे के बारे में इस लेख के माध्यम से जानते हैं.

    Jul 16, 2019
  • ईश्वरचंद विद्यासागर: विधवा पुनर्विवाह के प्रवर्तक

    सामाजिक सुधार आन्दोलन, जो देश के सभी भागों और सभी धर्मों तक विस्तृत था, वास्तव में धार्मिक सुधार आन्दोलन भी था| महान विद्वान और सुधारक ईश्वर चंद विद्यासागर के विचारों में भारतीय और पश्चिमी मूल्यों का सुन्दर समन्वय था| वे उच्च नैतिक मूल्यों में विश्वास करते थे और निर्धनों के प्रति उदार भाव से सम्पन्न एक महान मानववादी विचारक थे| उनकी महान शिक्षाओं के लिए कलकत्ता के संस्कृत कॉलेज,जिसके वे कुछ वर्षों के लिए प्रिंसिपल रहे थे, ने उन्हें ‘विद्यासागर’ की उपाधि प्रदान की थी.

    May 15, 2019
  • जैन धर्म, महावीर की शिक्षाएं और जैन धर्म के प्रसार के कारणों का संक्षिप्त विवरण

    जैन धर्म ने गैर-धार्मिक विचारधारा के माध्यम से रूढ़िवादी धार्मिक प्रथाओं पर जबरदस्त प्रहार किया। जैन धर्म लोगों की सुविधा हेतु मोक्ष के एक सरल, लघु और सुगम रास्ते की वकालत करता है। यहाँ हम जैन धर्म, महावीर की शिक्षाएं और जैन धर्म के प्रसार के कारणों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Apr 17, 2019
  • जलियाँवाला बाग हत्याकांड

    जलियाँवाला बाग हत्याकांड ने ब्रिटिशों के अमानवीय चेहरे को सामने ला दिया। ब्रिटिश सैनिकों ने एक लगभग बंद मैदान में हो रही जनसभा में एकत्रित निहत्थी भीड़ पर,बगैर किसी चेतावनी के, जनरल डायर के आदेश पर गोली चला दी क्योकि वे प्रतिबन्ध के बावजूद जनसभा कर रहे थे। 13 अप्रैल 1919 को यहाँ एकत्रित यह भीड़ दो राष्ट्रीय नेताओं –सत्यपाल और डॉ.सैफुद्दीन किचलू ,की गिरफ्तारी का विरोध कर रही थी। अचानक ब्रिटिश सैन्य अधिकारी जनरल डायर ने अपनी सेना को निहत्थी भीड़ पर, तितर-बितर होने का मौका दिए बगैर, गोली चलाने के आदेश दे दिए और 10 मिनट तक या तब तक गोलियां चलती रहीं जब तक वे ख़त्म नहीं हो गयीं।

    Apr 11, 2019
  • उत्तर पूर्व भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की सूची

    Mar 26, 2019
  • प्रसिद्ध भारतीय हस्तियाँ जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं

    दुनिया में कई ऐसे प्रसिद्ध व्यक्ति हुए हैं जो अपने जीवनकाल में ही वह प्रतिष्ठा और ख्याति प्राप्त कर लेते हैं, जो मरने के बाद भी कई व्यक्तियों को नसीब नहीं होती है। इन्हीं प्रसिद्धियों में से एक है- किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर डाक टिकट जारी होना। भारत में भी कई ऐसे महान व्यक्तित्व हुए हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी किए गए हैं। इस लेख में हम उन प्रसिद्ध भारतीय हस्तियों का विवरण दे रहे हैं जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं।

    Mar 15, 2019