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कला एवं संस्कृति

  • कुंभ मेले का संक्षिप्त इतिहास: कुंभ मेले की शुरुआत किसने और कब की

    कुंभ मेले का अपना ही महत्व है. इसका आयोजन भारत में चार स्थानों पर किया जाता है. दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग इस मेले में शामिल होते हैं और पवित्र नदी में स्नान करते हैं. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, कुंभ मेला 12 वर्षों के दौरान चार बार मनाया जाता है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि, यह मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक और संस्कृति का प्रतीक है. यह मेला 48 दिनों तक चलता है. आइये इस लेख के माध्यम से कुंभ का अर्थ जानते हैं, इसे क्यों मनाया जाता है, इसके पीछे का इतिहास क्या है, किसने कुंभ मेले की शुरुआत की थी, इत्यादि. आइये लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

    1 day ago
  • पोंगल महोत्सव क्यों मनाया जाता है?

    भारत एक विविधतापूर्ण देश है। इसके विभिन्न भागों में भौगोलिक अवस्थाओं, निवासियों और उनकी संस्कृतियों में काफी अन्तर है। कुछ प्रदेश अफ्रीकी रेगिस्तानों जैसे तप्त और शुष्क हैं, तो कुछ ध्रुव प्रदेश की भांति ठण्डे है। भारत की त्योहारों पर नजर डालें तो ज्यादातर त्योहारों फसल कटाई के बाद ही पड़ते हैं। इस लेख में हमने पोंगल के बारे में बताया है तथा साथ ही साथ में इसके पौराणिक कथा और इतिहास पर भी चर्चा की है।

    Jan 14, 2019
  • मकर संक्रान्ति: इतिहास, अर्थ एवं महत्व

    मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भगवान सूर्य को समर्पित है| यह त्योहार जनवरी महीने की 14वीं या 15वीं तिथि को ही मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रान्ति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारम्भ होती है। इसलिये इस पर्व को उत्तरायणी भी कहा जाता है|

    Jan 14, 2019
  • जाने विश्व की 10 सबसे ऊंची मूर्तियों के बारे में

    कला और संस्कृति के सन्दर्भ में किसी भी प्रकार के रूप, प्रतिमा (idol) या ठोस वस्तु को मूर्ति कहते हैं, उदाहरण के लिए देवताओं और मनुष्यों की मूर्ति। आज के युग में, मूर्ति या स्टेचू को बनाना एक एतिहासिक घटना या फिर यू कहे कि एक प्रभावशाली व्यक्ति के जीवन पर रौशनी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के महत्व को दर्शाने के लिए बनाया जाता है। इस लेख में हमने, विश्व की 10 सबसे ऊंची मूर्तियों के नाम, उनकी ऊँचाई, वे कहा स्थित हैं तथा वे किसको समर्पित हैं जैसे तथ्यों को सूचीबद्ध किया है।

    Dec 27, 2018
  • छठ पूजा: इतिहास, उत्पत्ति और संस्कार के सम्बंध में 10 अद्भुत तथ्य

    भारत उपवासों और त्यौहारों का देश है। इसके अलावा यह एकमात्र ऐसा देश है जहाँ आज भी प्राचीन परम्पराएं और संस्कृति मौजूद है। भारत में त्यौहार और प्रकृति का गहरा नाता है। छठ पूजा एक ऐसा त्यौहार है जो दिवाली के एक सप्ताह बाद नदियों के किनारे मनाया जाता है। यह पूजा सूरज देवता को समर्पित है जिस कारण इसे ‘सूर्यषष्ठी’ भी कहते है।

    Nov 12, 2018
  • हस्तशिल्प से संबंधित संस्थानों और संगठनों की सूची

    हस्तकला एक ऐसी विद्या है जिसे मुख्यत: हाथ से या सरल औजारों की सहायता से ही कलात्मक कार्य किये जाते हैं। भारत हस्तशिल्प का सर्वोत्कृष्ट केन्द्र माना जाता है। यहाँ दैनिक जीवन की सामान्य वस्तुएँ भी कोमल कलात्मक रूप में गढ़ी जाती हैं। इस लेख में हमने, हस्तशिल्प से संबंधित भारतीय संस्थानों और संगठनों के नामों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Oct 22, 2018
  • भारतीय दर्शनशास्त्र के विधर्मिक स्कूलों की सूची

    दर्शन का शाब्दिक अर्थ होता है यथार्थ की परख के लिये एक दृष्टिकोण। प्राचीन भारतीय साहित्य में दर्शन की लंबी परम्परा रही है। कई दार्शनिक जीवन और मृत्यु के रहस्यों तथा इन दोनों शक्तियों के परे स्थित सम्भावनाओं का पता लगाने में रत रहे हैं। इस लेख में, हमने भारतीय दर्शनशास्त्र के विधर्मिक स्कूलों को सूचीबद्ध किया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Oct 18, 2018
  • योग विचारधारा: प्राचीन भारतीय साहित्य दर्शन

    दो मुख्य सत्ताओं का समन्वय ही योग विचारधारा का शाब्दिक अर्थ है और योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत मूल यूजा (YUJA) जिसका अर्थ है एक-दुसरे को जोड़ना या एकजुट करना, से हुई है | मानव यौगिक तकनीकों के शारीरिक प्रयोग तथा ध्यान का प्रयोग कर मुक्ति को प्राप्त कर सकता है और इस तरह पुरुष प्रकृति से पृथक हो जाता है | इस लेख में योग और उसकी विचारधाराओं के बारे में अध्ययन करेंगे |

    Oct 17, 2018
  • क्या आप जानते हैं हिंदुस्तानी संगीत और कर्नाटक संगीत में क्या अंतर हैं?

    सुव्यवस्थित ध्वनि, जो रस की सृष्टि करे, संगीत कहलाती है। गायन, वादन व नृत्य ये तीनों ही संगीत हैं।हाल में, पॉप, जैज आदि जैसे संगीत के नये रूपों के साथ शास्त्रीय विराशत का फ्यूज़न करने की ओर रुझान बढ़ा रहा है और लोगो का ध्यान भी आकर्षित कर रहा है। भारतीय शास्त्रीय संगीत को दो प्रकार से बाटा गया है- हिंदुस्तानी शैली और कर्नाटक शैली। इस लेख में हमने, हिंदुस्तान संगीत और कर्नाटक संगीत के बारे में बताया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Oct 10, 2018
  • भारत के प्रसिद्ध बौद्ध मठों की सूची

    बौद्ध मठ का अर्थ ऐसे संस्थानों से है जहाँ बौद्ध धर्म के गुरु अपने शिष्यों को शिक्षा, उपदेश इत्यादि प्रदान करते हैं। विश्व में बौद्ध धर्म के बहुत से तीर्थ स्थल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार से हैं:- विहार, पगोडा, स्तूप, चैत्य, गुफा, बुद्ध मुर्ती एवं अन्य। इस लेख में हमने भारत की प्रसिद्ध बौद्ध मठों को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 20, 2018
  • जानें भारतीय मंदिरों के कौन-कौन से अंग होते हैं

    भारतीय स्थापत्य में भारतीय मंदिरों के वास्तुकला का विशेष स्थान है। यदि आप प्राचीनकाल के मंदिरों की रचना देखेंगे तो जानेंगे कि सभी कुछ-कुछ पिरामिडनुमा आकार के होते थे। भारत के स्थापत्य की जड़ें यहाँ के इतिहास, दर्शन एवं संस्कृति में निहित हैं और यहाँ की परम्परागत एवं बाहरी प्रभावों का मिश्रण है। इस लेख में हमने शिल्पशास्त्र के अनुसार भारतीय मंदिरों के प्रमुख अंगो की सूची दिया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 20, 2018
  • क्या आप जानते हैं भारतीय लघु कला चित्रकारी कैसे विकसित हुई?

    मिनीएचर (Miniature) का मतलब होता है लाघु लैटिन शब्द 'मिनियम' से व्युत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ 'लाल रंग का शीशा' होता है। भारतीय उप-महाद्वीप में लघु चित्रकारी का लम्बा परम्परा रहा है और इसका विकास कई शैलियों में हुआ है। इस लेख में हमने भारतीय लघु चित्रकारी के विकास को लघु चित्रकारी का क्रमागत उन्नति के बारे में बताया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 7, 2018
  • भारतीय स्वर्ण युग के प्रसिद्ध नाटककारों की सूची

    भारत में नाट्यकला का आरंभ एक कथात्मक कला विधा के रूप में हुआ, जिसमे संगीत, नृत्य तथा अभिनय के मिश्रण को सम्मिलित कर लिया गया। अनुवाचन, नृत्य तथा संगीत नाट्यकला के अभिनय अंग थे। इस लेख में हमने भारतीय स्वर्ण युग के प्रसिद्ध नाटककारों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Sep 3, 2018
  • क्या आप जानते हैं साड़ी की उत्पत्ति भारत में नहीं हुयी है?

    किसी भी देश की पहचान उसकी भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, राजनीतिक व्यवस्था, नृजातीयता (Ethnicity) एवं सांस्कृतिक परिवेश से होती है। इन सभी पहचान के तत्वों के साथ साथ भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए विशेष रूप से विश्वपटल पर जाना जाता है। इस लेख में ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से इस सत्य सी प्रतीत मान्यता पर पड़ी परतों को हटाकर आप तक साड़ी की वास्तिविक उत्पत्ति कहाँ हुई इसकी जानकारी देने का प्रयास किया हैं।

    Aug 21, 2018
  • भारत की प्राचीन लिपियों की सूची

    भारत की सारी वर्तमान लिपियां (अरबी-फारसी लिपि को छोड़कर) ब्राह्मी से ही विकसित हुई हैं। इतना ही नहीं तिब्बती, सिंहली तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की बहुत-सी लिपियां ब्राह्मी से ही जन्मी हैं। लिपि का शाब्दिक अर्थ होता है -लिखित या चित्रित करना। ध्वनियों को लिखने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, वही लिपि कहलाती है। इस लेख में हमने भारत की प्राचीन लिपियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

    Aug 7, 2018