Search
  1. Home |
  2. कला एवं संस्कृति

कला एवं संस्कृति

Also Read in : English

क्या आप जानते हैं भारतीय लघु कला चित्रकारी कैसे विकसित हुई?

Sep 7, 2018
मिनीएचर (Miniature) का मतलब होता है लाघु लैटिन शब्द 'मिनियम' से व्युत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ 'लाल रंग का शीशा' होता है। भारतीय उप-महाद्वीप में लघु चित्रकारी का लम्बा परम्परा रहा है और इसका विकास कई शैलियों में हुआ है। इस लेख में हमने भारतीय लघु चित्रकारी के विकास को लघु चित्रकारी का क्रमागत उन्नति के बारे में बताया है, जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

Latest Videos

भारतीय स्वर्ण युग के प्रसिद्ध नाटककारों की सूची

Sep 3, 2018
भारत में नाट्यकला का आरंभ एक कथात्मक कला विधा के रूप में हुआ, जिसमे संगीत, नृत्य तथा अभिनय के मिश्रण को सम्मिलित कर लिया गया। अनुवाचन, नृत्य तथा संगीत नाट्यकला के अभिनय अंग थे। इस लेख में हमने भारतीय स्वर्ण युग के प्रसिद्ध नाटककारों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं साड़ी की उत्पत्ति भारत में नहीं हुयी है?

Aug 21, 2018
किसी भी देश की पहचान उसकी भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, राजनीतिक व्यवस्था, नृजातीयता (Ethnicity) एवं सांस्कृतिक परिवेश से होती है। इन सभी पहचान के तत्वों के साथ साथ भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए विशेष रूप से विश्वपटल पर जाना जाता है। इस लेख में ऐतिहासिक तथ्यों के माध्यम से इस सत्य सी प्रतीत मान्यता पर पड़ी परतों को हटाकर आप तक साड़ी की वास्तिविक उत्पत्ति कहाँ हुई इसकी जानकारी देने का प्रयास किया हैं।

भारत की प्राचीन लिपियों की सूची

Aug 7, 2018
भारत की सारी वर्तमान लिपियां (अरबी-फारसी लिपि को छोड़कर) ब्राह्मी से ही विकसित हुई हैं। इतना ही नहीं तिब्बती, सिंहली तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की बहुत-सी लिपियां ब्राह्मी से ही जन्मी हैं। लिपि का शाब्दिक अर्थ होता है -लिखित या चित्रित करना। ध्वनियों को लिखने के लिए जिन चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, वही लिपि कहलाती है। इस लेख में हमने भारत की प्राचीन लिपियों की सूची दिया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत के प्रसिद्ध पारंपरिक नाटक या लोकनाट्य की सूची

Aug 2, 2018
भारत में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक अवसरों के दौरान पर बृहद पारंपरिक नाटक या लोकनाट्य किया जाता है जिसको ग्रामीण या गांव का रंग-मंच बोला जाता है। यह पारंपरिक नाटक या लोकनाट्य भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण तथा धारणाओं को दर्शाता है। इस लेख में हमने भारत के प्रसिद्ध पारंपरिक नाटक या लोकनाट्य को सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत में विदेशी पर्यटक सबसे ज्यादा कहां एकत्रित होते हैं?

Aug 1, 2018
क्या आप जानतें हैं कि भारत के किस राज्य या जगह में विदेशी पर्यटक सबसे ज्यादा एकत्रित होते हैं और इसके अनुसार इन राज्यों को क्या रैंकिंग दी गई है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

भारतीय राज्यों के प्रमुख कठपुतली परंपराओं की सूची

Jul 31, 2018
भारतीय संस्कृति का प्रतिबिंब लोककलाओं में झलकता है। इन्हीं लोककलाओं में कठपुतली कला भी शामिल है। यह देश की सांस्कृतिक धरोहर होने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार का सशक्त माध्यम भी हैं। कठपुतली कला इंसानों की सबसे उल्लेखनीय और सरल आविष्कारों में से एक है। इस कला का इतिहास बहुत पुराना है। इस लेख में हमने भारतीय राज्यों के प्रमुख कठपुतली परंपराओं की सूची दिया हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत के महत्चपूर्ण प्रागैतिहासिक कालीन चित्रों वाले स्थलों की सूची

Jul 27, 2018
पूरे विश्‍व में इस काल के अनेक चित्रावशेष मिलते हैं। भारत में प्राप्त चित्र अन्य देशों से प्राप्त चित्रों के समान महत्वपूर्ण है। प्रागैतिहासिक कला का पहला प्रमाण 1878 ई. में इटली और फ्रांस में मिला तथा भारत में भित्तिचित्र चित्रकला के महत्व पर 1880 ई. में आर्किबाल्ड कार्लेली और जॉन कॉकबर्न ने कैमर (मिर्जापुर) पहाड़ी पेंटिंग्स के आधार देश को अवगत कराया था। इस लेख में हमने भारत के महत्चपूर्ण प्रागैतिहासिक कालीन चित्रों वाले स्थलों की सूची दिया हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

उत्तर प्रदेश के लोकगीतो की सूची

Jul 26, 2018
लोक संगीत किसी भी संस्कृति में आम जनता द्वारा पारंपरिक रूप से प्रचलित गीत-संगीत को बोला जाता है। उत्तर प्रदेश में लोक संगीत का खजाना है, जिसमें प्रत्येक जिले में अद्वितीय संगीत परंपराएं हैं। इस राज्य को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के 'पुबैया अंग' के गढ़ के रूप में माना जाता है। इस लेख में हमने उत्तर प्रदेश के लोकगीतो की सूची दिया हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारतीय लोक चित्रकलाओं की सूची

Jul 24, 2018
कला मानव की सौन्दर्य भावना का परिचायक होता है और यह मानव संस्कृति की उपज है। भारत एक प्राचीन सांस्कृतिक देश है। इसलिए यहाँ कला एवं संस्कृति में लोककला का अनूठा समन्वय दिखाई देता है। इस लेख में हमने भारतीय लोक चित्रकलाओं की सूची दिया हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

भारत की विभिन्न भाषाओं की पहली फिल्म

Jul 19, 2018
भारतीय फिल्म के अन्तर्गत भारत के विभिन्न भागों और भाषाओं में बनने वाली फिल्में आती हैं जिनमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बॉलीवुड शामिल हैं। इस लेख में हमने भारत की विभिन्न भाषाओं की पहली फिल्मो के बारे में बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जाने शास्त्रीय भाषाओं के रूप में कौन कौन सी भारतीय भाषाओं को सूचीबद्ध किया गया है

Jul 9, 2018
भारत की भाषायी विविधता की पहचान और सम्मान करते हुए संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाओं को सम्मिलित किया गया है। कुछ भारतीय भाषाओं की प्राचीन साहित्यिक परंपरा का संरक्षण और संवर्द्धन करने के लिये केंद्र सरकार द्वारा उन्हें ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा प्रदान किया जाता है। इस लेख में हमने बताया है की भारत सरकार द्वारा कौन कौन सी भाषाओ को शास्त्रीय भाषाओं के रूप में सूचीबद्ध किया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

क्या आप जानते हैं मूर्तिकला और वास्तुकला में क्या अंतर है?

Jul 6, 2018
हम अक्सर मूर्तिकला और वास्तुकला के शाब्दिक अर्थ समझे बिना दोनों को एक समझने की गलती कर देते हैं। असल में, दोनों अलग-अलग शब्द हैं। मूर्तिकला प्रोटो-इंडो-यूरोपीय (पीआईई) शब्द 'केल' से लिया गया है जिसका अर्थ होता है 'कट या क्लीव'। दूसरी ओर, शब्द वास्तुकला लैटिन शब्द 'टेकटन' से लिया गया है जिसका अर्थ होता है निर्माता (बिल्डर) । इस लेख में हमने मूर्तिकला और वास्तुकला में अंतर बताया है जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है।

जानें कैसे गुरुकुल शिक्षा प्रणाली आधुनिक शिक्षा प्रणाली से अलग है?

Jun 14, 2018
प्राचीन काल से हमारे देश में शिक्षा को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. हमारे भारत में गुरुकुल परम्परा सबसे पुरानी व्यवस्था है. गुरुकुलम वैदिक युग से ही अस्तित्व में है. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं कि गुरुकुल परम्परा क्या है, किस प्रकार से पहले शिक्षा दी जाती थी और आज के युग की आधुनिक शिक्षा गुरुकुल पद्धति से कैसे भिन्न है.

चित्तौड़गढ़ किले के बारे में 10 रोचक तथ्य

May 15, 2018
चित्तौड़गढ़ का किला बेराच नदी (Berach River valley) के किनारे राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में बसा हुआ है. ये राजस्थान का गौरव है और भारत का सबसे बड़ा किला. इसका निर्माण मौर्यों द्वारा सातवीं सदी में हुआ था. आइये इस लेख के माध्यम से चित्तौड़गढ़ किले के बारे में 10 रोचक तथ्यों पर अध्ययन करते हैं.

महादेवी वर्मा के बारे में 10 रोचक तथ्य

Apr 27, 2018
महादेवी वर्मा का जन्म 26 मार्च 1907 को फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश, भारत में हुआ था. वह हिन्दी भाषा की प्रख्यात कवयित्री, स्वतंत्रता सेनानी, महिला अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाली महान महिला हैं. उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन महिलाओं की शिक्षा और उनके विकास के लिए समर्पित किया. आइये इस लेख के माध्यम से महादेवी वर्मा के बारे में 10 रोचक तथ्यों को अध्ययन करते हैं.

बुद्ध की विभिन्न मुद्राएं एवं हस्त संकेत और उनके अर्थ

Mar 30, 2018
बुद्ध के अनुयायी, बौद्ध ध्यान या अनुष्ठान के दौरान शास्त्र के माध्यम से विशेष विचारों को पैदा करने के लिए बुद्ध की छवि को प्रतीकात्मक संकेत के रूप में इस्तेमाल करते हैं। भारतीय मूर्तिकला में, मूर्तियाँ देवत्व का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व करती है, जिसका मूल और अंत धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।

नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, कार्यप्रणाली एवं विभिन्न धर्मगुरूओं का विवरण

Feb 13, 2018
भारत में जब तांत्रिकों और साधकों के चमत्कार एवं आचार-विचार की बदनामी होने लगी और साधकों को शाक्त, मद्य, मांस तथा स्त्री-संबंधी व्यभिचारों के कारण घृणा की दृष्टि से देखा जाने लगा तथा इनकी यौगिक क्रियाएँ भी मन्द पड़ने लगी, तब इन यौगिक क्रियाओं के उद्धार के लिए नाथ सम्प्रदाय का उदय हुआ थाl नाथ सम्प्रदाय हिन्दू धर्म के अंतर्गत शैववाद की एक उप-परंपरा हैl यह एक मध्ययुगीन आंदोलन है जो शैव धर्म, बौद्ध धर्म और भारत में प्रचलित योग परंपराओं का सम्मिलित रूप हैl इस लेख में हम नाथ शब्द का अर्थ, नाथ सम्प्रदाय की उत्पति, उसके प्रमुख गुरूओं तथा इस सम्प्रदाय के क्रियाकलापों का विवरण दे रहे हैंl

गणतंत्र दिवसः भारतीय गणतंत्र की यात्रा

Jan 25, 2018
भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ था और तब हमारे देश के पास संविधान नहीं था | 26 जनवरी 1950 को संविधान को अंगीकार किया गया था और उस दिन के बाद से प्रत्येक वर्ष पूरे देश में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में बहुत गर्व और खुशी के साथ मनाया जाता है। यह लेख भारतीय गणतंत्र दिवस के इतिहास, उत्पत्ति और पृष्ठभूमि से संबंधित है।

मकर संक्रान्ति: इतिहास, अर्थ एवं महत्व

Jan 12, 2018
मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भगवान सूर्य को समर्पित है| यह त्योहार जनवरी महीने की 14वीं या 15वीं तिथि को ही मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रान्ति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारम्भ होती है। इसलिये इस पर्व को उत्तरायणी भी कहा जाता है|

123 Next   

LibraryLibrary

Newsletter Signup

Copyright 2018 Jagran Prakashan Limited.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK