Search

धार्मिक आंदोलन

Also Read in : English

मीरा बाई (1498 ईश्वी-1550 ईश्वी)

Oct 13, 2015
16वीं शताब्दी में प्रभावशाली भक्ति, विश्वास, और समाज का प्रतिनिधित्व करती हुई, राजस्थान के शाही परिवार में जन्मी मीरा बाई सबसे ज्यादा प्रसिद्ध रहस्यवादी कवियत्री थी जिसने अपनी श्रद्धा और प्रेम से भगवान कृष्ण की भक्ति की | उनके लेख “पदों” में पूर्ण समर्पण और भक्ति का उत्साह दिखता था | निराकार दिव्यता की वकालत, पवित्र भावनाएं, मीरा बाई को इतिहासकारों द्वारा उस समय के सामाजिक मुद्दों के प्रतिबिंब के रूप में दिखाया गया है |

Latest Videos

कबीर

Oct 13, 2015
कबीर दास 15वीं सदी के प्रसिद्ध भारतीय कवि थे | कबीर के धर्म मे विभिन्न विचारों का मिश्रण था, इन्होने अपने गुरु रामानन्द की तरह ही हिन्दू ,इस्लाम और ईसाई तीनों धर्मों को मिला कर ईश्वर को पाने का धर्मोपदेश दिया | इनके काम की सादगी इनके महानता की प्रतीक है और आज दिन तक प्रासांगिक है | धर्मों के बारे में उनकी महत्वपूर्ण मूल्यांकन के लिए आलोचना की गई, परंतु कबीर ने परमात्मा के काम का प्रसार करने का काम जारी रखा और उनके इस कार्य ने कई ग्रन्थों पर जैसे आदि ग्रन्थों पर प्रभाव डाला | 1518 में आखिरी सांस लेने के बाद भी उनकी विरासत “कबीरपंथ” के रूप में जीवित है |

गुरुनानक

Oct 13, 2015
तलवंडी में जन्मे गुरु नानक प्रथम सिख गुरु बने | आध्यात्म और मानवता के प्रति झुकाव ने उन्हे अध्यात्मिकता की तरफ खींचा और उन्होने लोगों को ईश्वर की निस्वार्थ सेवा, सहभाजन और ईश्वर को याद करने के काम का प्रचार किया | उन्होनें मानव समानता तथा मानवीय सिद्धांतों और रूढ़िवादि परम्पराओं पर सवाल उठाए | इस काल में लोगों को धर्म के नाम पर गुमराह किया जाता था लोगों को इससे बाहर निकालने के लिए इन्होनें लोगों के साथ बातचीत करना शुरू की और उन्हे परम सत्य के बारे में बताया | इनकी शिक्षाएं गुरु ग्रंथ साहिब में संग्रहीत हैं |
LibraryLibrary

Newsletter Signup

Copyright 2018 Jagran Prakashan Limited.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK