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पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन

  • मौसम के रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट क्या होते हैं और कब जारी किये जाते हैं?

    मौसम विभाग द्वारा चेतावनी देने के लिए रेड अलर्ट, ऑरेंज अलर्ट, येलो अलर्ट और ग्रीन अलर्ट को जारी किया जाता है. चेतावनी देने के लिए रंगों का चुनाव कई एजेंसियों के साथ मिलकर किया जाता है. इन अलर्ट को मौसम के ख़राब होने की तीव्रता के आधार पर जारी किया जाता है. यानि भीषणता के माध्यम से रंग बदलते रहते हैं.

    Jan 8, 2019
  • किन प्लांट्स की मदद से घर के वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है?

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर की एक रिसर्च में सामने आया है कि यदि आपको वायु प्रदूषण की समस्या का ठोस समाधान करना है तो आपके अपने घर में ये 5 पौधे लगाने चाहिए. इन पांच पौधों के नाम हैं; एरिका पाम, मदर इन लॉ टंग प्लांट, गोल्डेन पोथोस, गुलदाउदी और मनी प्लांट.

    Nov 15, 2018
  • विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

    आज पूरी दुनिया औद्योगीकरण की राह पर चल रही है, किंतु स्वच्छ और रोग रहित जल मिल पाना कठिन होता जा रहा हैl विश्व भर में साफ और पीने योग्य जल की अनुपलब्धता के कारण ही जल जनित रोग महामारी का रूप ले रहे हैंl कहीं-कहीं तो यह भी सुनने में आता है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर ही होगाl विश्व के हर नागरिक को पानी की महत्ता से अवगत कराने के लिए ही संयुक्त राष्ट्र ने "विश्व जल दिवस" मनाने की शुरुआत की थी। इस लेख में हम विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का विवरण दे रहे हैंl

    Mar 22, 2018
  • दुनिया के 10 सबसे अधिक प्रदूषण फ़ैलाने वाले देश

    यूरोपीय आयोग और नीदरलैंड पर्यावरण आकलन एजेंसी द्वारा जारी किए गए “एडगर डेटाबेस” के अनुसार विश्व में सबसे अधिक कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन करने वाला देश चीन है जबकि सर्वाधिक प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन करने वाला देश अमेरिका है. यहाँ पर एक चौकाने वाला तथ्य यह है कि दुनिया के 10 सबसे बड़े कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादक देशों का कुल कार्बन डाइऑक्साइड गैस के उत्पादन में 67.6% का योगदान है और इसमें में लगभग 30% योगदान अकेले चीन का है.

    Aug 21, 2017
  • जानें सौर्य ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी देती है

    यदि आप हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो सौर ऊर्जा संयंत्र आपके लिए सबसे बेहतर विकल्पी है. लोगों की बढती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सरकार द्वारा छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. इस लेख में हम इस बात का उल्लेख कर रहें हैं कि सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है और किन प्रक्रियाओं के तहत आप सौर ऊर्जा संयंत्र लगवा सकते हैं.

    May 29, 2017
  • अर्थ आवर (Earth Hour) क्या है और यह हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है

    पिछले कुछ दिनों से समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, विभिन्न टीवी चैनलों और इंटरनेट पर अर्थ ऑवर (Earth Hour) की चर्चा चल रही हैl जिसके कारण हर किसी के मन में यह उत्सुकता हो सकती है कि अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और किस कारण से यह इतनी चर्चा में है? इस लेख में हम यही जानने की कोशिश कर रहे है कि आखिर यह अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और यह किस प्रकार हमारे लिए महत्वपूर्ण है?

    Mar 24, 2017
  • मृदा प्रदूषण

    एक सामान्य अर्थ मे, मिट्टी मे जहरीले रसायनो (प्रदूषक या दूषित पदार्थ) का उच्च सांद्रता मे पाया जाना (जो मानव स्वास्थ्य के लिए और / या पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक हो), मृदा प्रदूषण कहलाता है। इसके अतिरिक्त, जब मिट्टी मे दूषित पदार्थो का स्तर जोखिम भरा नहीं होता है, फिर भी मिट्टी मे प्राकृतिक रूप से उपस्थित दूषित पदार्थो (मिट्टी मे प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाले दूषित पदार्थो के मामले मे) के स्तर मे वृद्धि के कारण मृदा प्रदूषण आसानी से उत्पन्न हो सकता है।

    Jan 4, 2016
  • ओज़ोन परत अवक्षय (ह्रास)

    समताप मण्डल मे ओज़ोन की मात्रा मे अवक्षय (कमी) ही ओज़ोन परत अवक्षय / ह्रास / रिक्तिकरण है। अवक्षय तब प्रारम्भ होता है जब सीएफ़एस गैसे समताप मण्डल मे प्रवेश करती है। सूर्य से निकलने वाले परबैगनी (अल्ट्रा वायलेट) किरणें (सीएफ़एस गैसों) ओज़ोन पर्त को खंडित करता है। खंडन की इस प्रक्रिया के द्वारा क्लोरिन परमाणु का उत्सर्जन होता है। क्लोरिन परमाणु ओज़ोन से क्रिया करती है जिससे एक रसायन चक्र प्रारम्भ होता है जो उस क्षेत्र मे ओज़ोन की अच्छी परत को नष्ट कर देता है।

    Jan 4, 2016
  • जेनेटिक फसलें किन्हें कहते हैं?

    आनुवांशिक रूप से संशोधित जीव को जीवों (जैसे कि पौधे, जानवर या सूक्ष्म जीवों) के रूप मे परिभाषित किया जा सकता है जिसमे आनुवांशिक पदार्थ (डीएनए) को इस तरह से संशोधित किया जाता है जो प्राकृतिक रूप से संसर्ग क्रिया / या प्राकृतिक पुनर्संयोजन की क्रिया से उत्पन्न नहीं होता। इस तकनीकी को प्रायः “आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी” या जीन तकनीक, और कभी कभी डीएनए पुनर्संयोजक तकनीक या आनुवांशिक अभियांत्रिकी भी कहा जाता है।

    Dec 28, 2015
  • प्रवाल विरंजन (श्वेत पड़ना)

    जब तापमान, प्रकाश, या पोषक जैसी स्थिति में प्रवालों पर परिवर्तित होने का दवाब पड़ता है तो वे अपने ऊतकों में रहने वाले सहजीवी शैवालों को त्याग देते हैं जिसके कारण वे पूरी तरह विरंजित (पूरी तरह सफेद) हो जाते हैं। प्रवाल विरंजल का कारण गर्म पानी या गर्म तापमान हो सकता है। जब पानी अत्यधिक गर्म होता है तो प्रवाल अपने ऊतकों में रहने वाले सूक्ष्म शैवाल (zooxanthellae) को त्याग देते हैं जिस कारण प्रवाल पूरी तरह से विरंजित (पूरी तरह सफेद) हो जाते हैं। प्रवाल, विरंजन के दौरान भी जीवित रह सकते हैं लेकिन वे अत्यधिक दवाब औऱ मृत्यु के साये में रहते है।

    Dec 23, 2015
  • वैश्विक मद्धिम

    वैश्विक मद्धिम को पृथ्वी की सतह तक पहुंचने वाले सौर विकिरण की मात्रा में कमी के रूप में परिभाषित किया जाता है। जीवाश्म ईंधन के उप-उत्पाद छोटे कण या प्रदूषक हैं जो सौर ऊर्जा को अवशोषित करते हैं और अंतरिक्ष में सूर्य की रोशनी को वापस दर्शाते हैं। इस तथ्य या घटना को पहली बार 1950 में मान्यता दी गयी थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि 1950 के बाद पृथ्वी तक पहुंचने वाली सूर्य की ऊर्जा में अंटार्कटिका में 9%, संयुक्त राज्य अमेरिका में 10%, यूरोप के कुछ हिस्सों में 16% और रूस में 30% से की कमी आयी है।

    Dec 23, 2015
  • मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और वियना सम्मेलन (वियना संधि)

    मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसे ओजोन क्षरण को रोकने KE LIYE बनाया गया है/ इस प्रोटोकॉल के माध्यम से उन पदार्थों के उत्पादन को कम करना है जो कि ओजोन परत के क्षरण के लिए जिम्मेदार है। इस संधि पर 16 सितंबर, 1987 को हस्ताक्षर किए गये थे और यह 1 जनवरी, 1989 से यह प्रभावी हो गयी, जिसकी पहली बैठक मई 1989 में हेलसिंकी में हुयी थी। तब से अभी तक इसमें सात संशोधन 1990 (लंदन), 1991 (नैरोबी), 1992 (कोपेनहेगन), 1993 (बैंकाक), 1995 (वियना), 1997 (मॉन्ट्रियल), और 1999 (बीजिंग) हो चुके हैं।

    Dec 23, 2015
  • व्हेलिंग नियमन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

    व्हेलिंग नियमन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीआरडब्ल्यू) पर 2 दिसंबर 1946 को वॉशिंगटन डीसी में हस्ताक्षर किए गए थे। सम्मेलन का उद्देश्य नियमों की स्थापना करने के लिए आईडब्ल्यूसी की क्षमता को स्थापित करना था। जैसे- सम्मेलन के लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूरा करने और व्हेल संसाधनों के अधिकतम उपयोग प्रदान करने के लिए संरक्षण प्रदान करता है।

    Dec 22, 2015
  • सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र संघ का सम्मेलन

    संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत् विकास सम्मेलन को रियो, 2012 के नाम से भी जाना जाता है। रियो+20 (पुर्तगाली उच्चारण या पृथ्वी सम्मेलन 2012) विश्व समुदाय के पर्यावरण तथा आर्थक उद्देश्यों संबंधित सतत् विकास पर तीसरा सम्मेलन ब्राजील के रियो डि जेनेरियो शहर में 13 से 22 जून, 2012 को सम्पन्न हुआ। रियो+20, पिछले 20 वर्षों में 1992 के पृथ्वी सम्मेलन के बाद हुई प्रगति को याद करने का सम्मेलन था जो 20 वर्ष बाद उसी शहर में हुआ।

    Dec 22, 2015
  • बेसल सम्मेलन

    सीमा पार घातक पदार्थों का आवागमन तथा निष्पादन को नियंत्रित करने वाली बेसल सम्मेलन एक ऐसी अतंर्राष्ट्रीय संधि है जो घातक अपशिष्टों के विभिन्न देशों में फैलने को कम करने तथा घातक अपशिष्ट की विकसित देशों से कम विकसित देशों में स्थानांतरण को रोकने में सहायक है। हांलांकि यह रेडियोएक्टिव अपशिष्टों के स्थानांतरण को संबोधित नहीं करती। सम्मेलन 5 मई 1992 से प्रभावी हो गया था।

    Dec 22, 2015