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पर्यावरणीय मुद्दे और सम्मेलन

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किन प्लांट्स की मदद से घर के वायु प्रदूषण को कम किया जा सकता है?

Nov 15, 2018
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर की एक रिसर्च में सामने आया है कि यदि आपको वायु प्रदूषण की समस्या का ठोस समाधान करना है तो आपके अपने घर में ये 5 पौधे लगाने चाहिए. इन पांच पौधों के नाम हैं; एरिका पाम, मदर इन लॉ टंग प्लांट, गोल्डेन पोथोस, गुलदाउदी और मनी प्लांट.

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विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

Mar 22, 2018
आज पूरी दुनिया औद्योगीकरण की राह पर चल रही है, किंतु स्वच्छ और रोग रहित जल मिल पाना कठिन होता जा रहा हैl विश्व भर में साफ और पीने योग्य जल की अनुपलब्धता के कारण ही जल जनित रोग महामारी का रूप ले रहे हैंl कहीं-कहीं तो यह भी सुनने में आता है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर ही होगाl विश्व के हर नागरिक को पानी की महत्ता से अवगत कराने के लिए ही संयुक्त राष्ट्र ने "विश्व जल दिवस" मनाने की शुरुआत की थी। इस लेख में हम विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का विवरण दे रहे हैंl

दुनिया के 10 सबसे अधिक प्रदूषण फ़ैलाने वाले देश

Aug 21, 2017
यूरोपीय आयोग और नीदरलैंड पर्यावरण आकलन एजेंसी द्वारा जारी किए गए “एडगर डेटाबेस” के अनुसार विश्व में सबसे अधिक कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन करने वाला देश चीन है जबकि सर्वाधिक प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन करने वाला देश अमेरिका है. यहाँ पर एक चौकाने वाला तथ्य यह है कि दुनिया के 10 सबसे बड़े कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादक देशों का कुल कार्बन डाइऑक्साइड गैस के उत्पादन में 67.6% का योगदान है और इसमें में लगभग 30% योगदान अकेले चीन का है.

जानें सौर्य ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी देती है

May 29, 2017
यदि आप हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो सौर ऊर्जा संयंत्र आपके लिए सबसे बेहतर विकल्पी है. लोगों की बढती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सरकार द्वारा छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. इस लेख में हम इस बात का उल्लेख कर रहें हैं कि सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है और किन प्रक्रियाओं के तहत आप सौर ऊर्जा संयंत्र लगवा सकते हैं.

अर्थ आवर (Earth Hour) क्या है और यह हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है

Mar 24, 2017
पिछले कुछ दिनों से समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, विभिन्न टीवी चैनलों और इंटरनेट पर अर्थ ऑवर (Earth Hour) की चर्चा चल रही हैl जिसके कारण हर किसी के मन में यह उत्सुकता हो सकती है कि अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और किस कारण से यह इतनी चर्चा में है? इस लेख में हम यही जानने की कोशिश कर रहे है कि आखिर यह अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और यह किस प्रकार हमारे लिए महत्वपूर्ण है?

मृदा प्रदूषण

Jan 4, 2016
एक सामान्य अर्थ मे, मिट्टी मे जहरीले रसायनो (प्रदूषक या दूषित पदार्थ) का उच्च सांद्रता मे पाया जाना (जो मानव स्वास्थ्य के लिए और / या पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरनाक हो), मृदा प्रदूषण कहलाता है। इसके अतिरिक्त, जब मिट्टी मे दूषित पदार्थो का स्तर जोखिम भरा नहीं होता है, फिर भी मिट्टी मे प्राकृतिक रूप से उपस्थित दूषित पदार्थो (मिट्टी मे प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाले दूषित पदार्थो के मामले मे) के स्तर मे वृद्धि के कारण मृदा प्रदूषण आसानी से उत्पन्न हो सकता है।

ओज़ोन परत अवक्षय (ह्रास)

Jan 4, 2016
समताप मण्डल मे ओज़ोन की मात्रा मे अवक्षय (कमी) ही ओज़ोन परत अवक्षय / ह्रास / रिक्तिकरण है। अवक्षय तब प्रारम्भ होता है जब सीएफ़एस गैसे समताप मण्डल मे प्रवेश करती है। सूर्य से निकलने वाले परबैगनी (अल्ट्रा वायलेट) किरणें (सीएफ़एस गैसों) ओज़ोन पर्त को खंडित करता है। खंडन की इस प्रक्रिया के द्वारा क्लोरिन परमाणु का उत्सर्जन होता है। क्लोरिन परमाणु ओज़ोन से क्रिया करती है जिससे एक रसायन चक्र प्रारम्भ होता है जो उस क्षेत्र मे ओज़ोन की अच्छी परत को नष्ट कर देता है।

जेनेटिक फसलें किन्हें कहते हैं?

Dec 28, 2015
आनुवांशिक रूप से संशोधित जीव को जीवों (जैसे कि पौधे, जानवर या सूक्ष्म जीवों) के रूप मे परिभाषित किया जा सकता है जिसमे आनुवांशिक पदार्थ (डीएनए) को इस तरह से संशोधित किया जाता है जो प्राकृतिक रूप से संसर्ग क्रिया / या प्राकृतिक पुनर्संयोजन की क्रिया से उत्पन्न नहीं होता। इस तकनीकी को प्रायः “आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी” या जीन तकनीक, और कभी कभी डीएनए पुनर्संयोजक तकनीक या आनुवांशिक अभियांत्रिकी भी कहा जाता है।

प्रवाल विरंजन (श्वेत पड़ना)

Dec 23, 2015
जब तापमान, प्रकाश, या पोषक जैसी स्थिति में प्रवालों पर परिवर्तित होने का दवाब पड़ता है तो वे अपने ऊतकों में रहने वाले सहजीवी शैवालों को त्याग देते हैं जिसके कारण वे पूरी तरह विरंजित (पूरी तरह सफेद) हो जाते हैं। प्रवाल विरंजल का कारण गर्म पानी या गर्म तापमान हो सकता है। जब पानी अत्यधिक गर्म होता है तो प्रवाल अपने ऊतकों में रहने वाले सूक्ष्म शैवाल (zooxanthellae) को त्याग देते हैं जिस कारण प्रवाल पूरी तरह से विरंजित (पूरी तरह सफेद) हो जाते हैं। प्रवाल, विरंजन के दौरान भी जीवित रह सकते हैं लेकिन वे अत्यधिक दवाब औऱ मृत्यु के साये में रहते है।

वैश्विक मद्धिम

Dec 23, 2015
वैश्विक मद्धिम को पृथ्वी की सतह तक पहुंचने वाले सौर विकिरण की मात्रा में कमी के रूप में परिभाषित किया जाता है। जीवाश्म ईंधन के उप-उत्पाद छोटे कण या प्रदूषक हैं जो सौर ऊर्जा को अवशोषित करते हैं और अंतरिक्ष में सूर्य की रोशनी को वापस दर्शाते हैं। इस तथ्य या घटना को पहली बार 1950 में मान्यता दी गयी थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि 1950 के बाद पृथ्वी तक पहुंचने वाली सूर्य की ऊर्जा में अंटार्कटिका में 9%, संयुक्त राज्य अमेरिका में 10%, यूरोप के कुछ हिस्सों में 16% और रूस में 30% से की कमी आयी है।

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और वियना सम्मेलन (वियना संधि)

Dec 23, 2015
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसे ओजोन क्षरण को रोकने KE LIYE बनाया गया है/ इस प्रोटोकॉल के माध्यम से उन पदार्थों के उत्पादन को कम करना है जो कि ओजोन परत के क्षरण के लिए जिम्मेदार है। इस संधि पर 16 सितंबर, 1987 को हस्ताक्षर किए गये थे और यह 1 जनवरी, 1989 से यह प्रभावी हो गयी, जिसकी पहली बैठक मई 1989 में हेलसिंकी में हुयी थी। तब से अभी तक इसमें सात संशोधन 1990 (लंदन), 1991 (नैरोबी), 1992 (कोपेनहेगन), 1993 (बैंकाक), 1995 (वियना), 1997 (मॉन्ट्रियल), और 1999 (बीजिंग) हो चुके हैं।

व्हेलिंग नियमन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

Dec 22, 2015
व्हेलिंग नियमन के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीआरडब्ल्यू) पर 2 दिसंबर 1946 को वॉशिंगटन डीसी में हस्ताक्षर किए गए थे। सम्मेलन का उद्देश्य नियमों की स्थापना करने के लिए आईडब्ल्यूसी की क्षमता को स्थापित करना था। जैसे- सम्मेलन के लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूरा करने और व्हेल संसाधनों के अधिकतम उपयोग प्रदान करने के लिए संरक्षण प्रदान करता है।

सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र संघ का सम्मेलन

Dec 22, 2015
संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत् विकास सम्मेलन को रियो, 2012 के नाम से भी जाना जाता है। रियो+20 (पुर्तगाली उच्चारण या पृथ्वी सम्मेलन 2012) विश्व समुदाय के पर्यावरण तथा आर्थक उद्देश्यों संबंधित सतत् विकास पर तीसरा सम्मेलन ब्राजील के रियो डि जेनेरियो शहर में 13 से 22 जून, 2012 को सम्पन्न हुआ। रियो+20, पिछले 20 वर्षों में 1992 के पृथ्वी सम्मेलन के बाद हुई प्रगति को याद करने का सम्मेलन था जो 20 वर्ष बाद उसी शहर में हुआ।

बेसल सम्मेलन

Dec 22, 2015
सीमा पार घातक पदार्थों का आवागमन तथा निष्पादन को नियंत्रित करने वाली बेसल सम्मेलन एक ऐसी अतंर्राष्ट्रीय संधि है जो घातक अपशिष्टों के विभिन्न देशों में फैलने को कम करने तथा घातक अपशिष्ट की विकसित देशों से कम विकसित देशों में स्थानांतरण को रोकने में सहायक है। हांलांकि यह रेडियोएक्टिव अपशिष्टों के स्थानांतरण को संबोधित नहीं करती। सम्मेलन 5 मई 1992 से प्रभावी हो गया था।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन

Dec 14, 2015
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का संबंध अपशिष्ट पदार्थों के निकास से लेकर उसके उत्पादन व पुनःचक्रण द्वारा निपटान करने की देखरेख से है | अतः ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को निम्न रूप में परिभाषित किया जा सकता है : ठोस अपशिष्ट के उत्पादन का व्यवस्थित नियंत्रण, संग्रह, भंडारण, ढुलाई, निकास पृथ्थ्करण, प्रसंस्करण, उपचार, पुनः प्राप्ति और उसका निपटान | नगरपालिका अपशिष्ट पदार्थ (MSW ) शब्द का प्रायः इस्तेमाल शहर, गाँव या कस्बे के कचरे के लिए किया जाता है |

ध्वनि प्रदूषण

Dec 10, 2015
तेज विक्षोभी ध्वनि को वातावरण में इसके विपरीत प्रभाव का अनुमान लगाये बगैर उत्पन्न करने को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। सबसे ज्यादा बाहरी शोर का स्रोत दुनिया भर में मुख्य रूप से मशीनों और परिवहन प्रणालियों, मोटर वाहन, विमान, और रेलगाड़ियों के कारण होता है। सबसे ज्यादा बाहरी शोर का स्रोत दुनिया भर में मुख्य रूप से मशीनों और परिवहन प्रणालियों, मोटर वाहन, विमान, और रेलगाड़ियों के कारण होता है।उच्च स्तर का शोर मानव में हृदय तथा रक्तवाहिकाओं संबंधी और कोरोनरी धमनी रोग होने का सबसे बड़ा कारण है ।

जैविक विविधता सम्मेलन (सीबीडी)

Dec 9, 2015
जैविकविविधता सम्मेलन (सीबीडी) की स्थापना विभिन्न सरकारों द्वारा 1992 रियो डी जनेरियो में पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। इसे उस समय अपनाया गया था जब वैश्विक नेताओं ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक जीवित नक्षत्र सुनिश्चित करते हुए वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए "सतत विकास' की एक व्यापक रणनीति पर सहमति व्यक्त की थी। 193 सरकारों द्वारा इस पर हस्ताक्षर किए गए थे। सीबीडी ने वैश्विक जैविकविविधता को कायम रखने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की थी जो सीधे-सीधे अरबों लोगों की आजीविका का समर्थन करता है और वैश्विक आर्थिक विकास की नींव रखता है।

आईयूसीएन रेड डाटा बुक

Dec 9, 2015
संकटग्रस्त प्रजातियों की आईयूसीएन लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट) को पौधों और पशु प्रजातियों के संरक्षण की स्थिति का मूल्यांकन करने के व्यापक उद्देश्य के वैश्विक दृष्टिकोण के रूप में मान्यता दी गयी है। अपनी छोटी सी शुरुआत से, आईयूसीएन की लाल डेटा सूची (रेड लिस्ट) के आकार और जटिलता में वृद्धि हुई है और यह वर्तमान में सरकारों, गैर सरकारी संगठनों और वैज्ञानिक संस्थाओं की संरक्षण गतिविधियों के मार्गदर्शन में तेजी से एक प्रमुख भूमिका निभा रही है। विलुप्त होने के जोखिमों का निर्धारण करने के लिए एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण की शुरूआत 1994 में हुयी। जो सभी प्रजातियों पर लागू है और एक वैश्विक मानक बन गया है।

ई-अपशिष्ट (ई-कचरे) के प्रकार

Dec 9, 2015
"ई-अपशिष्ट" एक सामान्य शब्द के रूप में प्रयोग किया जाता है जो विद्युत् चालित घटकों से युक्त सभी प्रकार के कचरे से जुडा होता है। संक्षिप्त रूप में ई-अपशिष्ट या अपशिष्ट इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (WEEE) वह शब्द है जिसका प्रयोग पुराने, खत्म हो चुके या बिजली को उपयोग कर रहे उपयोगहीन उपकरणों का वर्णन करने के लिए किया जाता है। इसमें कंप्यूटर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्रिज आदि शामिल हैं जिसे उनके मूल प्रयोगकर्ताओं द्वारा त्याग दिया जाता है। बहुमूल्य सामग्री के साथ- साथ खतरनाक सामग्री दोनों में ई-अपशिष्ट शामिल है जिसे विशेष निगरानी और पुनर्चक्रण के तरीकों की आवश्यकता होती है।

बॉन सम्मेलन, वाशिंगटन और रामसर सम्मेलन

Nov 17, 2015
जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर आधारित सम्मेलन (यह सीएमएस या बॉन सम्मेलन के रूप में भी जाना जाता है, बॉन समझौते के साथ भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है) का लक्ष्य स्थलीय, समुद्री और एवियन (उड़ने वाली) प्रजातियों का संरक्षण करना है।सीआईटीईएस (वन्य जीव और वनस्पति की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर आधारित सम्मेलन) को वाशिंगटन सम्मेलन के रूप में भी जाना जाता है जिसकी शुरूआत 1963 में की गयी थी। रामसर सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय महत्व की झीलों पर आधारित सम्मेलन है।

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