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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

  • ई-अपशिष्ट (ई-कचरे) के प्रकार

    "ई-अपशिष्ट" एक सामान्य शब्द के रूप में प्रयोग किया जाता है जो विद्युत् चालित घटकों से युक्त सभी प्रकार के कचरे से जुडा होता है। संक्षिप्त रूप में ई-अपशिष्ट या अपशिष्ट इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (WEEE) वह शब्द है जिसका प्रयोग पुराने, खत्म हो चुके या बिजली को उपयोग कर रहे उपयोगहीन उपकरणों का वर्णन करने के लिए किया जाता है। इसमें कंप्यूटर, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्रिज आदि शामिल हैं जिसे उनके मूल प्रयोगकर्ताओं द्वारा त्याग दिया जाता है। बहुमूल्य सामग्री के साथ- साथ खतरनाक सामग्री दोनों में ई-अपशिष्ट शामिल है जिसे विशेष निगरानी और पुनर्चक्रण के तरीकों की आवश्यकता होती है।

    Dec 9, 2015
  • भारत की सामान्य पादप प्रजातियां

    एक समृद्ध जैव विविधता के साथ भारत प्रकृति से संपन्न वह देश है जहां पौधों की 40,000 से अधिक प्रजातियां और जानवरों की 75000 प्रजातियों पायी जाती हैं। करीब 3,000 प्रजातियों के पादपों के बीच वैश्विक वनस्पति की 12% संपत्ति भारत के पास है। भारत में लगभग 15,000 फूल पौधों की प्रजातियां पायी जाती हैं। भारत में 3000 से अधिक औषधीय पौधे हैं। यह सूची करीब 100 अद्धभुत पौधों का प्रतिनितिधत्व करती है जिसे एनविस डेटाबेस के अनुसार कारोबारी औषधीय पौधों के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

    Nov 17, 2015
  • बॉन सम्मेलन, वाशिंगटन और रामसर सम्मेलन

    जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण पर आधारित सम्मेलन (यह सीएमएस या बॉन सम्मेलन के रूप में भी जाना जाता है, बॉन समझौते के साथ भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है) का लक्ष्य स्थलीय, समुद्री और एवियन (उड़ने वाली) प्रजातियों का संरक्षण करना है।सीआईटीईएस (वन्य जीव और वनस्पति की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर आधारित सम्मेलन) को वाशिंगटन सम्मेलन के रूप में भी जाना जाता है जिसकी शुरूआत 1963 में की गयी थी। रामसर सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय महत्व की झीलों पर आधारित सम्मेलन है।

    Nov 17, 2015
  • जल प्रदूषण

    जल प्रदूषण जल निकायों के प्रदूषित (जैसे झीलों, नदियों, समुद्रों, जलवाही स्तर और भूजल) हो जाने को कहते हैं | पर्यावरण की दुर्दशा का ये रूप तब होता है जब प्रदूषकों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से हानिकारक यौगिकों का शोधन किए बिना जल निकायों में छोड़ दिया जाता है |

    Nov 17, 2015
  • पर्यावरण लोकतंत्र सूचकांक 2015

    वाशिंगटन स्थित विश्व संसाधन संस्थान (WRI) द्वारा 20 मई 2015 को वर्ष 2015 का प्रथम पर्यावरण लोकतन्त्र सूचकांक जारी किया | सूचकांक में मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर 70 देशों में पर्यावरण लोकतंत्र का मूल्यांकन किया गया  है |सूचकांक मूल्यांकन करता है कि क्या सरकारें  पर्यावरण निर्णय लेने में पारदर्शिता, जवाबदेही, और नागरिक भागीदारी  को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय कानूनों का पालन कर रहे हैं ।  पहले पर्यावरण लोकतंत्र सूचकांक में 70 देशों की सूची में भारत को  24 वां  स्थान मिला है |

    Nov 17, 2015
  • वायुमंडल का ऊर्जा चक्र

    पारिस्थितिक तंत्र ऊर्जा चक्र और बाहरी स्रोतों से प्राप्त पोषक तत्वों द्वारा खुद को बनाए रखता है । पहले पौष्टिकता स्तर पर, प्राथमिक उत्पादक(पौधों, शैवाल, और कुछ बैक्टीरिया) संश्लेषण के माध्यम से जैविक संयंत्र सामग्री के उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं । शाकाहारी जानवर जो सिर्फ पौधे खाते हैं, द्वितीय पौष्टिक स्तर को बनाते हैं । शिकारी जानवर जो शाकाहारी जानवरों को खाते हैं  तीसरा पौष्टिकता स्तर बनाते हैं ।

    Nov 17, 2015
  • जलवायु परिवर्तन

    जलवायु परिवर्तन हजारों लाखों सालों से मौसम के स्वरूप के सांख्यिकीय वितरण में एक महत्वपूर्ण और स्थायी परिवर्तन है | यह औसत मौसम की स्थिति में एक बदलाव हो सकता है, या औसत स्थिति (यानी, अधिक या कम चरम मौसम की घटनाओं) में  आसपास के मौसम के वितरण के बारे बताता  है।

    Oct 15, 2015
  • प्रदूषण का वर्गीकरण

    प्रदूषण की प्रकृति और सघनता मानव स्वास्थ्य पर इसके हानिकारक प्रभाव की गंभीरता को निर्धारित करता है | वे अशुद्धियाँ  जिनकी उत्पत्ति सीधे स्त्रोतों से होती है, उन्हे प्राथमिक प्रदूषण कहा जाता है , उदाहरण के लिए CO 2, SO 2, NO | जब कोई संदूषित पदार्थ जैसे HC, NO, O 2वातावरण(नमी, धूप)के साथ मिल कर नया उत्पाद बनाता है जैसे PAN( पेरोक्सीसाइटल नाइट्रेट ), पेट्रोकेमिकल धुंध, फॉर्मल डिहाइड उन्हें  माध्यमिक प्रदूषण कहते हैं |

    Oct 15, 2015
  • भारत के जानवरों की प्रजातियाँ

    भारत का वन्यजीवन विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के जीवों के मेल से बना है | गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी तथा ऊंटों जैसे कुछ अल्प संख्यक पशुओं के अलावा, भारत में देसी जानवरों की आश्चर्यजनक रूप से व्यापक विविधता है | भारत विभिन्न जीवों जैसे बंगाल टाइगर, भारतीय शेरों, हिरण, अजगर, भेड़िये, भालू, मगरमच्छ, जंगली कुत्ते, वानर, साँप, मृग की विभिन्न प्रजाति, जंगली भैंसों की विभिन्न क़िस्मों तथा एशियाई घोड़ों का आवास स्थान है |

    Oct 15, 2015

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